scriptobc survey in mp | मप्र में ओबीसी की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति पर तैयार होगी रिपोर्ट | Patrika News

मप्र में ओबीसी की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति पर तैयार होगी रिपोर्ट

-मप्र पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग पंचायत-निकाय वार आरक्षण और मतदाताओं की मौजूदगी पर तैयार कर चुका है रिपोर्ट

भोपाल

Published: June 19, 2022 09:56:32 pm

भोपाल. मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग की शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति को जानने और नौकरियों में 27 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए मप्र पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने कवायद शुरू की है। इसके लिए तीन प्रमुख बिन्दुओं पर मप्र में पिछड़ा वर्ग की मौजूदा स्थिति को परखा जाएगा और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यहां बता दें, आयोग ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण पुख्ता करने के लिए पांच मई को मप्र शासन को पहली रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद 19 मई को आयोग ने दूसरी रिपोर्ट मप्र शासन को सौंपी। यहां बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट के आधार पर रिपोर्ट अनिवार्य की थी। आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को मंजूरी दी थी। अब आयोग शासकीय नौकरियों समेत शैक्षणिक संस्थानों में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के लिए कवायद कर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश में तीन बिन्दुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मप्र में ओबीसी की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति पर तैयार होगी रिपोर्ट
मप्र में ओबीसी की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति पर तैयार होगी रिपोर्ट
इन तीन बिन्दुओं पर इक_े होंगे आंकड़े
शैक्षणिक: प्रदेश में ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक स्तर पर मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग से इस वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न शाखाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की गणना की जाएगी। यह भी तय किया जाएगा कि कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या कितनी है।
आर्थिक: मप्र के शासकीय, अद्र्धशासकीय कार्यालयों में पदस्थ ओबीसी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आंकड़ा उनके पद के मुताबिक एकत्रित किया जा रहा है। उद्योग विभाग से डाटा इक_ा किया जा रहा है, जिससे ओबीसी वर्ग के उद्यमियों का आंकड़ा मिल सके। उन शासकीय कार्यालयों से भी आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं, जो शासन की योजनाओं के तहत रोजगार के अवसर मुहैया कराते हैं।
सामाजिक: राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ ही आर्थिक मापदंडों को ध्यान में रखकर मप्र में ओबीसी वर्ग के सामाजिक स्तर का आकलन आयोग करेगा। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ही सामाजिक कल्याण विभाग की मदद ली जाएगी।
आयोग ने हाल ही में मप्र में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के जरूरी रिपोर्ट शासन को दी है। जिसमें बताया गया था कि प्रदेश में 48 फीसदी ओबीसी मतदाता हैं। जिसके आधार पर आयोग ने 35 फीसदी आरक्षण की अनुशंसा की थी। अब प्रदेश में ओबीसी वर्ग के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे शासन को सौंपा जाएगा।
गौरीशंकर बिसेन, मप्र राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग

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