scriptOfficers posted in the home district will be transferred | गृह जिले में पदस्थ अधिकारियों का होगा स्थानांतरण | Patrika News

गृह जिले में पदस्थ अधिकारियों का होगा स्थानांतरण

- तीन वर्ष से जमे पुलिस अधिकारियों को हटाने के निर्देश

- अयोग करा रहा है संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों की मैपिंग
- कलेक्टरों को तीन दिन के अंदर देनी होगी रिपोर्ट

भोपाल

Published: May 23, 2022 10:36:28 pm

भोपाल। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन कार्य से जुड़े गृह जिले में पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण करने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग को दिए हैं। आयोग ने इसी तरह से तीन वर्ष से एक ही स्थान में जमे पुलिस अधिकारियों को दूसरी जगह पदस्थ करने के लिए कहा है। आयोग ने तीन वर्ष की अवधि की गणना जिले में पदोन्नति पूर्व तथा इसके बाद की अवधि, कुल अवधि को जोड़ते हुए की है। आयोग ने जीएडी से कहा है कि इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि अधिकारियों की पदस्थापना उनके गृह जिले में न हो। जिले में पदस्थ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, इंस्पेक्टर एवं सब इंस्पेक्टर के लिए यह निर्देश लागू किए जाएंगे। इन अधिकारियों का स्थानांतरण जिले के अंतर्गत एक ही थाने, अनुविभाग के अन्य थाने, अनुविभाग में किया जा सकता है। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना होगा कि नवीन पदस्थापना का क्षेत्र जिस क्षेत्र में आयोग के निर्देशानुसार तीन वर्ष की अवधि हो चुकी है, वह क्षेत्र शामिल नहीं किया जाए।
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पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए संवेदनशील और अति संवेदशनशील मतदान केन्द्रों की मैपिंग की जा रही है। ये रिपोर्ट कलेक्टरों को तीन दिन के अंदर आयोग को सौंपनी होगी, जिसके आधार इन मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कराई जाएगी। आयोग द्वारा इस तरह के मतदान केन्द्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।
मतदान केन्द्रों की मैपिंग पुराने चुनाव और वहां के प्रत्याशियों के हिसाब से की जाती है। मुख्य रूप से पिछले दो चुनावों के अपराधों और मतदान के दौरान हुई घटनाओं के आधार पर इसकी संख्या का निर्धारण किया जाता है। इन मतदान की जानकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन का जिला निर्वाचन अधिकारियों के पास भेजनी होती है। इसमें अति संवेदनशील और संवेदनशील का वर्गीकरण उन क्षेत्रों में हुए अपराधों को लेकर तय किया जात है। वैसे आयोग कुल मतदान केन्द्रों के 30 फीसदी मतदान केन्द्रों को इस श्रेणी में रखती है। इसके बाद प्रत्शशियों के चयन के बाद इस तरह के मतदान केन्द्रों की संख्या बनाई और घाटाई जाती है। अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर पुलिस और एक्सपेंडीचर आब्र्जवर की विशेष नजर होती है।

होगी वीडियोग्राफी
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। वीडियोग्राफी कराने का काम जिला स्तर पर किया जाएगा। इन केन्द्रों में मतदान के अलावा विभिन्न घटनाक्रमों की भी वीडियोग्राफी होगी। आयोग कुछ मतदान केन्द्रों की वेब कास्टिंग भी कराई जाएगी।

ब्लाक स्तर पर होगा विशेष दस्ता
ब्लाक स्तर पर पुलिस का एक विशेष दस्ता गठित किया जाएगा। घटना की सूचना मिलने के बाद मैके पर पहुंच जाएगा। इसके अलावा भी प्रत्येक थाने में इस दस्ते का गठन किया जाएगा, जो घटना की सूचना मिलने पर मैके पर पहुंचते हैं।

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