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इन युवाओं को सलाम -चीते सी फुर्ती, फौलादी इरादों से लबरेज हैं ये हमारे कमांडो

सीटीजी कमांडो की फिटनेस जांचने के लिए साल में दो बार टेस्ट भी लिए जाते हैं।

भोपाल

Published: January 12, 2022 12:58:04 pm

मनीष कुशवाह/भोपाल. चीते सी फुर्ती और फौलादी इरादे। दुश्मन के किसी भी हमले को नाकाम करने में निपुण। ऐसी ही ताकत है काउंटर टेरिज्म ग्रुप (सीटीजी) के कमांडो की। नेशनल सिक्युरिटी गार्ड की तर्ज पर ये स्पेशल कमांडो मप्र में सुरक्षा का जिम्मा संभालते हैं। कठिन ट्रेनिंग से गुजरने के बाद कमांडो हमले को नाकाम करने, आतंकियों को खत्म करने के लिए तैयार रहते हैं।

इन युवाओं को सलाम -चीते सी फुर्ती, फौलादी इरादों से लबरेज हैं ये हमारे कमांडो
इन युवाओं को सलाम -चीते सी फुर्ती, फौलादी इरादों से लबरेज हैं ये हमारे कमांडो

सूचना मिलने पर 20 मिनट में हो जाते हैं एक्टिव

वर्ष 2002 में गांधीनगर के अक्षरधाम में आतंकी हमले के बाद सभी राज्यों में कमांडो तैयार करने की योजना पर काम शुरू हुआ था। 2003 में मध्यप्रदेश में सीटीजी की स्थापना हुई। इसमें नक्सल विरोधी टास्क फोर्स को जवानों लिया गया। सीटीजी का बेस कैंप भोपाल है। सूचना मिलने पर अधिकतम 20 मिनट में कमांडो ऑपरेशन शुरू करने की काबिलियत रखते हैं। इन्हें एनएसजी कमांडो के साथ साल में दो बार ट्रेनिंग दी जाती है। अमरीका में एंटी टेरेरिज्मि असिस्टेंस प्र्रोग्राम के तहत विशेष ट्रेनिंग लेते हैं।

इन युवाओं को सलाम -चीते सी फुर्ती, फौलादी इरादों से लबरेज हैं ये हमारे कमांडोऐसे होता है चयन
-अधिकतम उम्र 35 वर्ष है। कमांडो तक का सफर तय करने के लिए युवा जांबाजों को कई पड़ाव पार करने होते हैं।
-हॉक फोर्स के लिए जवानों की भर्ती की जाती है। कठिन ट्रेनिंग के बाद जवान हॉक फोर्स का हिस्सा बनते हैं।
-हॉक फोर्स के जवानों के पास सुदूर वन क्षेत्रों में ऑपरेशंस का अनुभव होता है। ट्रेनिंग के दौरान बैटल ऑपसिटिकल कोर्स के साथ ही यूएसी अनआम्र्ड कॉम्बेट यानी बगैर हथियारों के साथ लडऩे की ट्रेनिंग दी जाती है। 90 दिन की ट्रेनिंग
शुरुआती 90 दिन की इंडक्शन ट्रेनिंग कठिनतम है। सात दिन का वो कोर्स भी होता है, जिसमें जवानों को बिना राशन-पानी के ऑपरेशंस को अंजाम देना होता है। ट्रेनिंग में फायरिंग, ऊंची इमारतों पर चढऩा, आपात स्थिति में इमारतों में घुसना, दरवाजे को विस्फोट से तोडऩा के साथ हर हालात में स्थिति पर काबू पाना सिखाया जाता है।
यह भी पढ़ें : शिक्षकों के अटैचमेंट खत्म, अब मूल संस्था में तुरंत होगी वापसी, अन्यथा नहीं मिलेगा इस माह से वेतन

आधुनिक हथियार
स्नाइपर राइफल: सीटीजी कमांडो स्नाइपर राइफल से दुश्मनों को निशाना बनाने में सक्षम हैं।
कॉर्नर शॉटगन: दीवार या अन्य किसी अवरोध के पीछे छिपे दुश्मन को ढेर करने के लिए कॉर्नर शॉटगन का उपयोग करते हैं। कैमरे से लैस इस शॉर्टगन से सटीक स्थिति पता चलती है।
ब्रीचर वैपन: अवरोधों और दरवाजों को विस्फोट से तोडऩे के लिए ब्रीचर वैपन का उपयोग करना इन कमांडो को बखूबी आता है।
बिल्डिंग क्लाइंबिंग उपकरण: सीटीजी कमांडो ऊंची इमारतों पर चढऩे में सक्षम हैं। इसके लिए जरूरी उपकरण इनके पास रहते हैं।

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