100 में से 1 रजिस्ट्री में हो रही ऑनलाइन खसरे की जांच, प्रमाणित कॉपी देखकर हो रही रजिस्ट्री

- ऑनलाइन खसरा जांच की ट्रेनिंग दी जाए तो और बढ़ सकता है दायरा, अभी लोकसेवा गारंटी केंद्र से प्रामाणित खसरे की कॉपी देखकर कर रहे रजिस्ट्री

भोपाल. रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सब रजिस्ट्रारों को उपलब्ध कराई गई आयुक्त भू अभिलेख की लिंक का उपयोग 100 में से 1 रजिस्ट्री कराने वाला ही कर रहा है। वजह इसका व्यापक प्रचार प्रसार न होना। अधिकांश सर्विस प्रोवाइडरों को ये जानकारी तो है कि पंजीयन की साइट पर खसरा जांचने की लिंक दी गई है, लेकिन उसका उपयोग रजिस्ट्री कराने वालों ने कम ही किया है। उनका मानना है कि सरकार अगर इसका व्यापक प्रचार प्रसार और ट्रेनिंग दे तो और लोगों को इसकी जानकारी हो। वर्तमान में रजिस्ट्री करते समय लोकसेवा गारंटी केंद्र या तहसील से मिले प्रमाणित खसरे की कॉपी देखकर ही रजिस्ट्री की जा रही है। जबकि इससे कहीं आसान और सरल तरीका खुद विभाग की साइट पर उपलब्ध है।

पिछले दो साल में जब से आयुक्त भू अभिलेख की लिंक पंजीयन विभाग के सम्पदा सॉफ्टवेयर से जुड़ी है, कुछ लोगों ने इसका फायदा भी उठाया है। कुछ मामलों लोग ठगी से बचे हैं। पंजीयन विभाग के अफसरों का कहना है कि खसरे की जांच से ही ठगी रुक सकती है। भू अभिलेख की लिंक सम्पदा से जोडऩे का मकसद भी यही है। आगे चलकर इसका और प्रचार प्रसार किया जाएगा।

केस-1, रतनलाल ने कान्हासैया में एक 1200 वर्गफीट के प्लॉट का सौदा घियालाल से किया था। उसने जगह को अपनी पुश्तैनी जगह बताया था। रतनलाल से कहा स्टाम्प ज्यादा है कहां चुकाओगे, दान पत्र पर ही सौदा कर लो। रतनलाल ने सर्विस प्रोवाइडर के यहां लिंक के माध्यम से खसरे की जांच कराई तो जमीन सरकारी निकली। इसके बाद रतनलाल ने और पड़ताल की तो पता चला वहां काफी जमीन पूर्व में ऐसे ही बेची गई, जिसे कुछ समय पूर्व प्रशासन ने तोड़ा भी है।

केस-2, लखन प्रजापति ने कोलार के दामखेड़ा में एक 600 वर्गफीट प्लॉट का सौदा किया था। उसने भी खसरे की जांच कराई तो उस जगह पर सरकारी रास्ता होना बताया गया। ये तो वे केस हैं जो सर्विस प्रोवाइडरों को याद हैं। अगर सरकार या पंजीयन विभाग अपनी इस सेवा का प्रचार प्रसार करे तो घियालाल जैसे दलाल अधिक स्टाम्प शुल्क का बहाना बनाकर सौ रुपए के दान पत्र पर जमीनों के सौदे नहीं कर पाएंगे। जितने ज्यादा लोग जागरुक होंगे, ठगी से बच जाएंगे।

नवदुर्गा पर्व पर खोले 507 स्लॉट
नवरात्र के शुभ मुहूर्त पर रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन विभाग ने जिले में 507 स्लॉट पहले दिन ओपन किए हैं। जिले में 13 सब रजिस्ट्रार पदस्थ हैं। प्रति सब रजिस्ट्रार 39 स्लॉट दिए गए हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि जरूरत पडऩे पर और स्लॉट बढ़ाए जाएंगे। लोग तय समय पर पहुंचे और रजिस्ट्री की गति भी फास्ट हो इसको लेकर कई स्लॉट 5 मिनट तो काफी स्लॉट 10-10 मिनट भी खोले गए हैं। दफ्तर खोलने बंद होने का समय अभी 4.30 ही रखा है। जरूरत पर इसे भी एक घंटा बढ़ाने की तैयारी है।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned