horse trading : पाठक बोले- राजनीतिक लाभ के लिए हो सकती है मेरी हत्या, दिग्विजय ने कहा- किससे खतरा है, रिपोर्ट दर्ज कराएं

( horse trading ) हॉर्स ट्रेडिंग : सियासी ड्रामे के बीच दोनों दलों के नेताओं ने किए वार-पलटवार

By: anil chaudhary

Published: 07 Mar 2020, 05:20 AM IST

भोपाल. प्रदेश सरकार को अस्थिर करने और ( rajyasabha election ) राज्यसभा चुनाव के समीकरण बनाने-बिगाडऩे की सियासत में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं। तीन दिन से चल रहे ( horse trading ) हॉर्स ट्रेडिंग के घटनाक्रम में शुक्रवार को कई बयान सामने आए। सिंधिया गुट के माने जाने वाले श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया। वहीं, ( madhyapradesh vidhansabha ) पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि एक-दो दिन में देखिए क्या होता है। इधर, भाजपा विधायक संजय पाठक ने वीडियो जारी कर कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए उनकी हत्या की जा सकती है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि संजय को खतरा है तो रिपोर्ट दर्ज कराएं। वे यह भी बताएं कि खतरा किससे है। इस तरह की बयानबाजी क्यों कर रहे हैं?

सिंधिया की उपेक्षा हुई तो आएगा संकट : सिसोदिया
श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार पर कोई संकट नहीं है, लेकिन सिंधिया की उपेक्षा हुई तो सरकार पर संकट आ जाएगा। उनके इस बयान का परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी समर्थन किया।

देखिए, एक-दो दिन में क्या होता है: अजय
अजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राज्यसभा चुनाव नजदीक है, इसलिए उठापठक का दौर जारी है। आगे देखिए, एक-दो दिन में क्या होता है। कौन गायब हुआ, किसका अपहरण हुआ और कौन स्वेच्छा से गया, इसके बारे में ठोस जानकारी बिना कुछ नहीं कहा जा सकता।

भाइयो-बहनो निराश न हों: लक्ष्मण
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता भाइयो-बहनो निराश न हों। जब मनुष्य पुनर्जन्म ले सकता है, तो अपनी पार्टी भी पुन: जीवित होगी। बस, अवश्यकता है तो सही व्यक्ति को संगठन का काम देने की।

 

मंत्रियों के साथ पथरिया गईं रामबाई
बसपा विधायक रामबाई ने शुक्रवार को भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। वे प्रदेश सरकार के हेलिकॉप्टर से मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर और विजयलक्ष्मी साधौ के साथ डांसर सपना चौधरी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पथरिया गईं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी चर्चा की।

भाजपा से कोई संपर्क नहीं हुआ
दमोह विधायक राहुल सिंह लोधी और बड़ा मलहरा विधयक प्रद्युम्न सिंह लोधी ने कहा कि वे कांग्रेस में हैं और रहेंगे। उनका भाजपा के नेताओं के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ है। राहुल ने कहा कि मुझे विधानसभा चुनाव के बाद जरूर भाजपा द्वारा प्रलोभन दिया गया था, जिसकी जानकारी मैंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दी थी। दरअसल, इनकी केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के संपर्क में होने की खबरें सोशल मीडिया में सामने आई थीं।

मुझे किडनैप करने की कोशिश की गई
विजयराघौगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक वीडियो जारी किया। इसमें दावा कि है कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए उनकी हत्या कर सकते हैं। उन्होंने इससे इनकार किया है कि वे गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ या किसी कांग्रेसी नेता से मिलेे थे। सीएम से फोन पर भी चर्चा नहीं हुई है। पाठक ने कहा कि जो क्लिपिंग मीडिया में दिखाई जा रही है, उनकी नहीं है। वे हैदराबाद में हैं, जहां साले का इलाज चल रहा है। पाठक बोले- मैं भाजपा में था, हूं और भाजपा में ही रहूंगा। उन्हें किडनैप करने की कोशिश की गई थी। पाठक ने कहा कि सबूत के लिए वीडियो बनाए गए हैं। इन सबके पीछे कौन है, समय आने पर खुलासा करूंगा। दिग्विजय के आरोप पर पाठक ने कहा कि मंैने उनसे ज्यादा पैसा नहीं कमाया है। मैंने व्यापार से पैसा कमाया है, ट्रांसफर-पोस्टिंग, शराब या रेत माफिया से नहीं। मेरी खदानें 1954 से चल रही हैं।

स्वीकार नहीं होगा डंग का इस्तीफा
सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग के जिस इस्तीफे से राजनीतिक भूचाल मचा है, वह मंजूर नहीं होगा। यह इस्तीफा नियमों के तहत नहीं दिया गया है। किसी विधायक विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र देना हो तो नियमानुसार एक लाइन में देना होता है। इसमें कोई शर्त या अन्य कारण नहीं गिनाए जाते। जबकि डंग ने विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के नाम संबोधित इस्तीफे में कई कारण गिनाए हैं। दूसरा कारण उन्होंने यह इस्तीफा न तो व्यक्तिगत तौर उपस्थित होकर दिया है और न ही सचिवालय को बताया कि इस्तीफा उन्होंने स्वयं भेजा है। नियमानुसार दिए गए इस्तीफे की मूल प्रति ही मान्य होती है, जो विधानसभा सचिवालय को शुक्रवार को भी नहीं मिली है।

स्पीकर का निर्णय अंतिम
विधायक के इस्तीफे पर स्पीकर का निर्णय अंतिम होता है। इस्तीफा स्वीकारने से पहले स्पीकर संबंधित विधायक से निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह कर सकता है। विधायक इस्तीफा वापस लेना चाहे तो ले सकता है।

Kamal Nath
anil chaudhary Desk
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