आखिर क्यों भड़के पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव, जानिये यहां

  आखिर क्यों भड़के पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव, जानिये यहां

बड़े नेताओं ने पीसीसी की बैठक से बनाई दूरी,पूर्व केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने की'सदस्यता' की समीक्षा। आज समाप्त हो गया पार्टी का सदस्यता अभियान।


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी(पीसीसी) सोमवार को कांग्रेस कार्यालय पर शुरू हुई। देर से शुरू हुई इस बैठक में अधिकांश बड़े नेता नहीं आए। वहीं इस दौरान फोटो खींचने से प्रदेश अध्यक्ष टेंशन में आ गए और कैमरा मेन को घूरने लगे और फोटो खींचने सहित विजुअल बनाने से रोक दिया।

दरअसल पीसीसी के पदाधिकारियों की बैठक में मीडिया को बुलाया गया था। 11 बजे बुलाए जाने के बावजूद नेताओं के यहां नहीं आने के कारण बैठक में देरी होती गई। इसके बाद करीब दो घंटे बाद यानि 1 बजे पीसीसी में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल व अरुण यादव पहुंचे। यहां मीडिया आते ही अरुण यादव ने फोटो खींचने सहित विजुअल पर पाबंदी लगाते हुए मीडिया कर्मियों को तुरंत बाहर जाने को कह दिया।


जानकारों के अनुसार मध्यप्रदेश में कांग्रेस के संगठनिक चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। वहीं 15 मई को समाप्त गए सदस्यता अभियान के पहले पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को फोटोयुक्त सदस्यता सूची सौंपनी है। 

सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुई बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी के केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने 'सदस्यता' की समीक्षा की। इससे पूर्व प्रदेश कांग्रेस की ओर से 1 लाख 8 हजार सुपात्र सदस्य और करीब 30 लाख सामान्य सदस्य बनने का दावा किया गया है।


बैठक में संगठनात्मक चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के साथ ही अरुण यादव ने अपनी पिछली दिल्ली यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उन्हें मिशन 2018 पर् ध्यान केंद्रित करने को कहा है। 
उनके अनुसार प्रदेश में पीछे दिनों से उपजी नेतृत्व परिवर्तन की असमंजस स्थिति भारतीय जनता पार्टी की साजिश का हिस्सा है, 
भारतीय जनता पार्टी ऐसी निराधार अफवाहे फैला कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भृमित करना चाहती है।



वीडियो देखने के लिए यहां करें क्लिक-

कार्यकर्ताओं को यह दी नसीहत:
1. कार्यकर्ता ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और 2018 की तैयारियो मैं जोर शोर से जुट जाएं।
2. प्रदेश कांग्रेस कमेटी सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ मिल जुल कर मिशन 2018 की तैयारियां करेगी।
3. कार्यकर्ता भृमित न हो और भारतीय जनता पार्टी की साजिश का मोह तोड़ जवाब दे।

 इसके अलावा बैठक के दौरान संगठनात्मक चुनाव के संबंध में बंसल ने सभी नेताओं को बताया। बैठक से पहले पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को पीसीसी को सदस्यता शुल्क की राशि के साथ फोटोयुक्त सदस्यता सूची सौंपी गई।


सदस्यता अभियान के तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर हर पोलिंग बूथ पर 50 सामान्य सदस्य एवं 2 सुपात्र सदस्य बनाए जाने थे। माना जा रहा है कि सदस्यता सूची जमा होने के बाद सबसे पहले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लेवल पर चुनाव होंगे।


इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने खड़े किए सवाल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कांग्रेस की सदस्यता की समीक्षा करने आये पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के मप्र दौरे पर सवाल खड़े किए हैं। 
उन्होंने कहा है कि जिस तरह से रेल्वे में भ्रष्टाचार और गोलमाल के सरगना रहे पवन बंसल ने देश को चूना लगाया था उसी तरह वह यहाँ प्रदेश कांग्रेस को फ़र्ज़ी सदस्यता सूची में आंकड़ों की बाजीगरी करना सिखाएंगे। उन्होंने कहा है कि जिस व्यक्ति ने रेलवे बोर्ड के सदस्य का पद करोड़ों में बेचा था उसे कांग्रेस ने अपनी सदस्यता की कमान सौपकर यह स्पष्ट कर दिया है कि पवन बंसल की कारगुजारियां गांधी परिवार की देखरेख में हुई थीं। 


कोठारी ने कहा कि सीबीआई द्वारा जिस तेजी से पवन बंसल को सरकारी गवाह बनाकर क्लीन चिट मैनेज की गई थी उस मामले में तत्कालीन सीबीआई डायरेक्टर और सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोयला घोटाले में क्लीन चिट देने की जद में आये रंजीत सिन्हा की भूमिका की नए सिरे से जांच होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से बकरे की बलि देने के बावजूद पवन बंसल अपनी कुर्सी नही बचा पाए थे, उसी तरह मध्यप्रदेश में कांग्रेस को अब कोई टोटका नहीं बचा सकता।


 उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल चुनाव आयोग के निर्देश के डर से चुनाव प्रक्रिया का पालन करवाने की रस्म अदायगी कर रही है। कांग्रेस में एक ही परिवार के आगे कार्यकर्ता नतमस्तक होते हैं इसलिए कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी न होकर सामंती पार्टी बन गई है जबकि भा.ज.पा संगठन में निर्धारित  प्रक्रिया के तहत वार्ड,मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक निर्वाचन  संपन्न कराये जाने की परंपरा है।

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