अटलजी का भाषण सुनने के लिए लोगों ने रोक दिया गया था काफिला, विपक्ष ने नहीं किया था सभा का विरोध

अटलजी का भाषण सुनने के लिए लोगों ने रोक दिया गया था काफिला, विपक्ष ने नहीं किया था सभा का विरोध

Pawan Tiwari | Publish: Apr, 24 2019 10:50:37 AM (IST) | Updated: Apr, 24 2019 10:50:38 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

अटलजी का भाषण सुनने के लिए लोगों ने रोक दिया गया था काफिला, विपक्ष ने नहीं किया था सभा का विरोध

भोपाल. आज के दौर की सियासत में स्टार प्रचारक और दिग्गज नेताओं की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए स्थानीय नेता कड़ी मेहनत करते हैं। लोगों को रैली स्थल पर लाने के लिए वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के भाषणों के सुनने के लिए भीड़ जुटाने की आवश्यकता नहीं होती थी। बल्कि जनता उनका काफिला रोककर उनके भाषण सुनती थी। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए दिग्गजों की रैलियां शुरू हो गई हैं। हम आपको एक ऐसी घटना बताते हैं जब लोगों और कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी का काफिला रोककर उनसे भाषण देने की अपील की थी।

अटल के भाषण का हर कोई मुरीद
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके भाषण का हर कोई कायल था। देश के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पंडित जवाहर लाल नेहरू भी अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण के कायल थे। सहयोगी दल के साथ-साथ विपक्षी दल के भी नेता अटल बिहारी वाजपेयी के भाषणों के दीवाने थे। 1971 के लोकसभा चुनाव में अटलजी जनसंघ के उम्मीदवार का प्रचार करने के लिए खंडवा लोकसभा पहुंचे थे।

सभा को संबोधित करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी हरदा पहुंचे थे। तब हरदा का खिरकिया विधानसभा क्षेत्र खंडवा लोकसभा क्षेत्र में आता था। अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के नेताओं के साथ सभा को संबोधित करने के लिए सड़क के रास्ते खंडवा जा रहे थे। जब अटल जी का काफिला होशंगाबाद पहुंचा तब वहां जनसंघ के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया और उन्हें भाषण देने के लिए कहा। अटलजी के भाषण के लिए कार्यकर्ताओं ने परमिशन तक नहीं ली थी। कार्यकर्ताओं ने कहा जिस प्रत्याशी का प्रचार करने के लिए आप खंडवा जा रहे हैं वो हरदा के ही निवासी हैं। कार्यकर्ताओं के आग्रह के बाद अटलजी ने करीब 10 मिनट तक वहां सभा को संबोधित किया। वहीं, विपक्ष के नेताओं ने भी अटलजी की इस सभा पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। यहां भाषण देने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी खंडवा में जनसंघ के उम्मीदवार का प्रचार करने पहुंचे थे।


अटलजी के चुनाव के बाद भी हार गया था जनसंघ उम्मीदवार
भारतीय जनसंघ ने खंडवा लोकसभा सीट से वीरेन्द्र कुमार आनंद को मैदान में उतारा था। अटलजी ने उनके लिए सभाएं भी की थी पर उसके बाद भी वीरेन्द्र कुमार आनंद कांग्रेस उम्मीदवार गगन चरण दीक्षित से अपना चुनाव हार गए थे। इस चुनाव में जनसंघ उम्मीदवार को 102,234 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को 143,124 वोट मिले थे।

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