patrika sting : गुपचुप तरीके से बड़े तालाब के कैंचमेंट में बेचे जा रहे प्लाट

Chandra Prakash Bharti | Publish: Jun, 20 2019 05:59:57 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

स्टिंग ऑफ द वीक...

तालाब सूखने के साथ इसकी जमीनों पर अवैध खरीद फरोख्त का खेल शुरू हो गया। कुछ लोग परमिशन नहीं होने के बाद भी मकान बना रहे

 

भोपाल। तालाब सूखने के साथ इसकी जमीनों पर अवैध कब्जों के साथ खरीद फरोख्त का खेल शुरू हो गया। खानूगांव, बैरागढ़ की ओर तालाब केे अंदरूनी हिस्सों में मिट्टीभर कर खंभे लग गए। चार से पांच लाख रुपए में प्लाट बेचे जा रहे हैं।

पत्रिका स्टिंग के दौरान ये हकीकत उजागर हुई। जमीन बेचने वाले न केेवल कब्जा करा रहे हैं बल्कि स्टाम्प पर लिखकर भी दे रहे हैं। शासन की रोक होने के बाद भी जिम्मेदार इससे बेखबर हैं। बिचौलिए जमीन बेचने के साथ कुछ निर्माण तक करा चुके हैं।

इसके लिए बैरागढ़ के पास भैसाखेड़ी में एक मैरिज गार्डन के पास कुछ बिचौलिए ने बाकायदा एक स्थान निश्चित कर रहा है। संवाददाता ने यहां पहुंच एक बिचौलिए से संपर्क किया। ये मैरिज गार्डन के पास से अंदर जाने वाले मोड़ पर चाय की दुकान पर मिला। बातचीत के दौरान इसने न केवल भूमि पर कब्जा दिलाने की बात कही साथ ही लिखकर देने को भी कहा। सूखे तालाब की जमीन पर कब्जा कराने पूरा गिरोह सक्रिय है।

 

प्रापर्टी दलाल से स्पॉट पर सीधे बात

संवाददाता - खानूगांव और लालघाटी के मैरिज गार्डनों के पीछे प्लाट चाहिए, कितने का मिलेगा?

दलाल - चार लाख में ६०० स्कवायर फीट का प्लाट चार लाख में मिलेगा। हम कब्जा दिला दे देंगे। सीमेंट के पोल लगवाकर आपको सौ रुपए की नोटरी पर दे देंगे।

संवाददाता-नगर निगम से एनओसी, जमीन की रजिस्ट्री नहीं मिलेगी क्या? बाद में नगर निगम ने इसे तोड़ दिया तो?

दलाल - परमिशन कोई नहीं है, बस कब्जा मिलेगा। सैकड़ों मकान ऐसे ही बने हुए है। बीस साल से खानूगांव में कैंचमेंट के मकान तोडऩे की सुन रहे है, आज तक तो कोई नहीं आया। लोगों ने बड़े-बड़े बंगले तक यहां बना लिए है।

संवाददाता-पैमेंट की कंडिशन क्या होगी। बेचने वाले की क्या गारंटी है?

दलाल- लेन-लेन नगद होगा, आप चार किश्तों में दे देना। तालाब किनारे कैंचमेंट में जमीनें तो लोगों ने पहले खेती आदि के लिए शासन से ली थी,लेकिन अब खेती की जगह पर मकान बन चुके है। इसमें परमिशन मकान बनाने के लिए भले नहीं ली है, लेकिन बेचने वाले तो वहीं है, जिनके नाम खसरे में चढ़े हैं। खानूगांव में तो कई लोगों ने बाद में रजिस्ट्री भी करवा रखी है?

इनका कहना

- तालाब के कैचमेंट में निर्माण के लिए किसी भी तरह की परमिशन नहीं है। इसके लिए एनजीटी के साथ हाईकोर्ट ने भी सर्वे कर हटाने के आदेश दे रखा है। तालाब की ओर कोहेफिजा के हिस्से में कुछ अवैध निर्माण हटाने का काम भी हुआ है। इसमें झील संरक्षण, अतिक्रमण शाखा, राजस्व विभाग के साथ मिलकर काम करता है। प्राइवेट अवैध निर्माण पर तो निगम कार्रवाई करता है, लेकिन सरकारी जमीनों के मामले में मिलकर काम किया जाता है।

- विजय सावलकर, चीफ सिटी प्लानर, भवन अनुज्ञा शाखा

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