भोपाल में तैयार होने लगी पीओपी की प्रतिमाएं, नहीं जागा प्रशासन

पांच साल से प्रशासन कर रहा प्रतिमाओं की ऊंचाई कम करने की कवायद पर नहीं मिल रही सफलता
- ऐन वक्त पर जारी की जाती है गाइड लाइन तब तक शुरू हो जाता है प्रतिमा निर्माण
- इस साल भी अब तक न कोई समझाइश दी, न सख्ती बरती, नतीजा पिछले सालों जैसा ही
- शहर में पीओपी की प्रतिमाएं भी हो रही तैयार

भोपाल पिछले पांच चार साल से जिला प्रशासन लगातार गणेश और दुर्गा उत्सव में पंडालों में विराजने वाली प्रतिमाओं की अधिकतम ऊंचाई 6 फीट तय करने और पीओपी की प्रतिमाओं पर पाबंदी की कवायद में लगा है, लेकिन इस प्रयास में कोई सफलता नहीं मिल रही है। इसका कारण यह है कि प्रशासन तभी जागता है, जब प्रतिमाओं का निर्माण शुरू हो जाता है, और अधिकांश प्रतिमाएं बनकर तैयार हो जाती है। इसके बाद ही प्रशासन के आदेश जारी होते हैं, ऐसे में फिर से प्रतिमाएं बना पाना संभव नहीं हो पाता, और स्थिति परम्परानुसार ही चलती है।

अब तक मूर्तिकारों को कोई निर्देश जारी नहीं
इस साल भी शहर में मूर्तिकारों के पंडालों में प्रतिमाओं का निर्माण शुरू हो चुका है। कहीं प्रतिमाओं का स्ट्रेचर तैयार हो रहा है, तो कहीं मिट्टी के सहारे प्रतिमाओं को आकार देने में मूर्तिकार जुट गए हैं। लेकिन प्रशासन ने अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है, न तो पहले मूर्तिकारों और समितियों के साथ कोई बैठक कर समझाइश दी है, और न ही इस संबंध में अब तक कोई दिशाहैं। पिछले साल भी प्रशासन ने प्रतिमाएं बनने के बाद दिशा निर्देश जारी किए थे, तब तक प्रतिमाएं आकार ले चुकी थी। शहर में अनेक स्थानों पर बड़ी प्रतिमाएं आकार लेने लगी है।

प्रतिबंध के बाद भी तैयार हो गई पीओपी की प्रतिमाएं
पीओपी की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बाद भी शहर में अनेक स्थानों पर पीओपी की प्रतिमाएं आकार ले चुकी है। मैनिट चौराहे के पास, माता मंदिर सहित अन्य स्थानों पर पीओपी प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।

माता मंदिर क्षेत्र में एक मूर्तिकार विष्णु प्रजापति ने बताया कि पीओपी की प्रतिमाओं की डिमांड अधिक होती है, साथ ही यह मिट्टी की तुलना में जल्दी बन जाती है और फिनिशिंग भी अच्छी आती है। पीओपी की प्रतिमाएं सस्ती पड़ती है इसलिए लोग अधिकतर यहीं लेते हैं, जहां तक प्रशासन की बात है तो प्रशासन को चाहिए कि वह मूर्तिकारों को जरुरी सहायता दे मिट्टी सहित अन्य सामग्री कम दरों पर उपलब्ध कराए ताकि मूर्तिकार मिट्टी की प्रतिमाएं अधिक संख्या में बनाए।

प्रवीण सावरकर Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned