स्पीकर बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी मुझे है, मैं इस उचित समय पर निर्णय लूंगा

- लोधी मंगलवार को पहुंचेगे भोपाल, स्पीकर ने सीएम और तनखा से की चर्चा

भोपाल। प्रहलाद लोधी की सदस्यता को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति शनिवार को भोपाल पहुंचे। यहां उनकी मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा से चर्चा हुई। स्पीकर ने मीडिया से कहा, मुझे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मिल गई है। मै इस पर उचित समय पर उचित निर्णय लूंगा। जब मीडिया ने उनसे पूछा कब निर्णय लेंगे तो प्रजापति ने कहा- जब निर्णय लूंगा, आपको बता दूंगा। उधर लोधी मंगलवार को भोपाल आ रहे हैं। वे विधानसभा सचिवालय पहुंचकर अपनी सदस्यता बहाली का आग्रह स्पीकर से करेंगे।

शुक्रवार को सुप्रीमकोर्ट द्वारा राज्य सरकार की याचिका खारिज किए जाने के बाद से लोधी मामले में सक्रियता बढ़ी है। लोधी की सजा पर हाईकोर्ट से स्थगन मिलने के कारण राज्य सरकार सुप्रीमकोर्ट गई थी। शनिवार तक कोर्ट के आदेश की कॉपी विधानसभा सचिवालय नहीं पहुंची थी। स्पीकर देर शाम तक विधानसभा सचिवालय में ही मौजूद रहे।

कोर्ट के आदेश की कॉपी के बाद ही वे लोधी की सदस्यता के बारे में कोई निर्णय लेंगे। वहीं लोधी ने शनिवार को दतिया में मां पीताम्बरा पीठ के दर्शन कर उनका आर्शीवाद लिया। वे सोमवार को जबलपुर पहुंचकर हाईकोर्ट के वकीलों से चर्चा करेंगे। मंगलवार को भोपाल पहुंचकर भाजपा नेताओं से मुलाकात कर विधानसभा सचिवालय को कोर्ट के आदेश की कॉपी सौंपेंगे।

अब स्पीकर पर टिकी निगाहें -

लोधी मामले में अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष पर टिकी हैं, क्योंकि विशेष न्यायालय द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के आधार पर उन्होंने लोधी की विधानसभा से सदस्यता समाप्त कर दी थी। हाईकोर्ट से उन्हें स्थगन मिला तो सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने सरकार की याचिका खारिज कर दी। इससे लोधी को राहत मिली। इस मामले में स्पीकर संविधान और कानून के जानकारों की भी राय ले रहे हैं।

किसने क्या कहा -
सुप्रीमकोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार है। सोमवार को जबलपुर में वकीलों से चर्चा करुंगा। मंगलवार को भोपाल आकर पार्टी नेताओं से मुलाकात विधानसभा सचिवालय को भी आदेश की कॉपी दूंगा।

- प्रहलाद लोधी, भाजपा विधायक पवई

विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व में राय मांगी थी। सुप्रीमकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद स्थितियां बदली हैं। निर्णय स्पीकर को लेना है।

- शशांक शेखर, महाधिवक्ता राज्य सरकार

दीपेश अवस्थी
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