पीसी,बाला और जयवद्र्धन ने कहा प्रियंका में इंदिरा की छवि

- राज्यसभा के लिए प्रियंका गांधी की डिमांड

प्रदेश से राज्यसभा जाना सौभाग्य की बात

- बावरिया बोले हाईकमान करेंगी फैसला

 

By: Arun Tiwari

Updated: 18 Feb 2020, 11:59 AM IST

भोपाल : प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने एक सुर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजने की मांग उठाई है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि दिखाई देती है यदि वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा जाएंगी तो ये हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।

गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि प्रियंका गांधी का प्रदेश से राज्यसभा जाना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगी, कांग्रेस विधायक दल ये चाहता है कि प्रियंका सांसद के रुप में प्रदेश का हिस्सा बनें।

नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी का नेतृत्व सिर्फ कांग्रेस ही नहीं पूरे देश के लिए जरुरी है। वे प्रदेश से राज्यसभा के लिए जाती हैं तो ये हमारे लिए बहुत खुशी की बात होगी,हम इस फैसले का स्वागत करेंगे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा कि समय आ गया है कि राहुल गांधी को एक बार पुन: पार्टी की कमान सौंपी जाए,यह भी सामयिक होगा कि प्रियंका गांधी को प्रदेश से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जाए ताकि फासीवादी विचारधारा के खि़लाफ़ जमीनी संघर्ष की धार को और अधिक तीखा किया जा सके।

प्रदेश में नई राजनीति के संचार का समय :
लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से विशेष प्रेम था। इनकी उन्नति के लिए उन्होंने कई काम किए। प्रदेश में इन वर्गों की बड़ी संख्या है। चालीस साल पहले इंदिरा गांधी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को तीसरा बेटा मानते हुए राजनीति की राह पर अग्रसर किया। वर्मा ने कहा कि अब वो मौका है जब प्रियंका गांधी को प्रदेश से राज्यसभा भेजा जाए ताकि प्रदेश में एक नई राजनीति का संचार हो सके।

हाईकमान के पाले में गेंद :
भोपाल आए प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने प्रियंका के प्रदेश से राज्यसभा जाने के सवाल पर कहा कि इसका फैसला तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी। बावरिया ने कहा प्रदेश के नेताओं की भावनाएं हैं जो वे व्यक्त कर रहे हैं। बावरिया ने कहा कि लंबे अरसे बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है और ये अच्छी बात है कि इस बार प्रदेश से कांग्रेस के खाते में राज्यसभा की दो सीटें आ रही हैं।

प्रदेश में तीन सीटें होंगी खाली :
अप्रैल में प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने जा रही हैं। इनमें से दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस सांसद का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो रही हैं। कांग्रेस के लिए इसमें फायदे की बात ये है कि उसको एक राज्यसभा सीट का फायदा होने वाला है जबकि भाजपा को एक सीट का नुकसान हो सकता है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर दो सीटें कांग्रेस को मिलेंगी जबकि एक सीट पर भाजपा का कब्जा रहेगा। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है जबकि भाजपा की तरफ से प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया की सीट खाली होने वाली है।

ये है राज्यसभा का समीकरण :
विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीट का निर्धारण होता है। एक राज्यसभा सीट के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है। प्रदेश में दो विधायकों के निधन के बाद खाली हुई सीट के अलावा 228 विधायक हंै। इस आधार पर 57 विधायक एक राज्यसभा सदस्य का चुनाव करेंगे। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक सरकार में मंत्री हैं। इस तरह कांग्रेस के पास 115 विधायक हो जाते हैं। अन्य तीन निर्दलीय विधायक, दो बसपा और एक सपा विधायक का समर्थन भी कांग्रेस सरकार को प्राप्त है। वहीं भाजपा के पास 107 विधायक हैं। इस तरह कांग्रेस के हिस्से में 115 विधायकों के नाते दो राज्यसभा सीट आएंगी जबकि भाजपा के पास महज एक सीट रह जाएगी।

दिग्गजों को राज्यसभा जाने का इंतजार :
एक तरफ प्रदेश से प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की मांग उठ रही तो दूसरी तरफ कांग्रेस में दिग्गज नेताओं को अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम रखने के लिए राज्यसभा जाने का इंतजार है। इन नेताओं की उम्मीद इन दो सीटों पर लगी हुई है। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह दोबारा राज्यसभा जाना चाहेंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लोकसभा चुनाव हारने के बाद प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका की तलाश में हैं। वे भी राज्यसभा जाने के सबसे बड़े दावेदार हैं। हाल ही में प्रदेश में उनकी सक्रियता और बयानों को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव,सुरेश पचौरी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी राज्यसभा के दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं भाजपा में प्रभात झा तीसरी बार राज्यसभा जाना चाहेंगे। भाजपा दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। अनुसूचित जाति और जनजाति के नेताओं में लाल सिंह आर्य और रंजना बघेल को मौका मिल सकता है। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुनावत भी दावेदार माने जा रहे हैं।

प्रदेश में राज्यसभा की इतनी सीटें :
प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं जिनमें से वर्तमान में भाजपा के पास 8 और कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य एमजे अकबर, थावरचंद गेहलोत, सत्यनारायण जटिया, प्रभात झा, धर्मेंद्र प्रधान, अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी और संपत्तिया उइके हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों में दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल शामिल हैं।

Congress
Arun Tiwari Reporting
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