भगवान को गर्मी से बचाने लगाए कूलर, पंखे, चंदन के लेप के साथ भगवान को शीतल पेय का भोग

भगवान को गर्मी से बचाने लगाए कूलर, पंखे, चंदन के लेप के साथ भगवान को शीतल पेय का भोग

| Publish: Apr, 20 2018 10:40:01 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

भगवान को गर्मी न लगे इसलिए भक्त मंदिरों के गर्भगृह में कर रहे तरह तरह के जतन

भोपाल. शहर में गर्मी का प्रकोप बढऩे लगा है और लोग गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। इस भीषण गर्मी में भक्तों को भगवान की भी चिंता सताने लगी है। शहर के मंदिरों के गर्भगृह में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। कहीं गर्भगृह में कूलर और पंखे की व्यवस्था की गई है, तो कहीं भगवान को शीतल पेय और शीतल फलों का भोग लगाया जा रहा है। कहीं खस लगाकर गर्भगृह को ठंडा किया जा रहा है,तो कहीं चंदन का लेपन किया जा रहा है।

कॉटन के कपड़े, मिट्टी की सुरई

शहर के चौबदारपुरा तलैया स्थित प्राचीन बांके बिहारी मंदिर में भी भगवान को गर्मी से बचाने के लिए तरह तरह के उपाय शुरू किए गए है। मंदिर के पं.रामनारायण आचार्य ने बताया कि अक्षय तृतीया पर भगवान को हम सत्तू का भोग लगाते हैं, इसके बाद अब रोजाना शीतल पेय कभी नींबू पानी, कभी लस्सी, मठा, आम का पना सहित शीतल पदार्थों का भोग रोजाना लगता है।

गर्भगृह में कूलर की व्यवस्था की गई है, साथ ही कॉटन के गुलाबी रंग के वस्त्र पहनाए हैं। गर्भगृह मे ंइस्तेमाल होने वाले पर्दे आदि भी सब कॉटन के लगाए गए हैं, ताकि गर्मी से भगवान का बचाव हो सके। इसी प्रकार मिट्टी की सुरई रखी गई है, जो आषाढ ़दूज तक रहेगी। पं. आचार्य बताते हैं कि जब हम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा करते हैं तो एेसा माना जाता है कि भगवान की प्रतिमा में भी प्राण आ जाते हैं, इसलिए हर मौसम का उन पर असर होता है।

गर्भगृह में मटके, ठंडक के लिए आम के पत्ते
प्राचीन शिवालय बड़वाले महादेव मंदिर में भी ठंडक के लिए कई जतन किए जा रहे हैं। गर्भगृह में ठंडक बनी रहे, इसलिए यहां प्रतिमाओं के पास मटके रखे हैं, जो शीतलता देते हैं। इसी प्रकार ठंडक के लिए आम के पत्ते भी लगाए जाते हैं, ताकि ठंडक बनी रहे। मंदिर के संजय अग्रवाल ने बताया कि ठंडक के लिए इन दिनों भगवान के शृंगार में भी पुदीना, मोगरा के फूल आदि का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं।

चंदन का लेप

इब्राहिमपुरा स्थित राधावल्लभ मंदिर में भी भगवान को गर्मी से बचाने के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। यहां भगवान को चंदन का लेप लगया जाता है, साथ ही शीतल पेय पदार्थों का भोग लगाते हैं। मंदिर के पं. भूपेश आचार्य ने बताया कि ठंडक के लिए गर्भगृह में खस और टाट लगाने का काम भी शुरू कर रहे हैं, साथ ही कूलर, पानी के फव्वारे की भी व्यवस्था की जाएगी।

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