सैकड़ों की तादाद में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा में जुटी पुलिस

सैकड़ों की तादाद में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा में जुटी पुलिस

By: दीपेश तिवारी

Published: 24 May 2018, 02:36 PM IST

भोपाल. शाहजनी पार्क में नर्सिंग छात्र संगठन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर फिर से अध्यापक संघ ने फिर से डेरा डालना शुरू कर दिया है। अध्यापकों का कहना है कि अब तक सरकार के आश्वासनों के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई है। सरकार मांगे जल्दी पूरी नहीं करती तो बड़े स्तर प्रदर्शन किया जाएगा।

मांगें पूरी न होने से अध्यापकों में एक बार फिर आक्रोश बढ़ गया है। प्रदेश भर के अध्यापकों ने आज सरकार के खिलाफ फिर धरना प्रदर्शन किया है। शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर एक बार फिर राजधानी में अध्यापक जुटे रहे है। अध्यापकों के साथ शाहजानी पार्क में गुरूजी भी मौजूद हैं। गुरुजी भी नियुक्ति दिनांक से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।

अध्यापक संघ ने बताया कि 21 जनवरी को मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में बुलाकर अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन करने की घोषणा की थी। तब से चार माह बीत चुके हैं, अभी तक आदेश जारी नही किये गए। इससे स्पष्ट होता है कि या तो सरकार अध्यापकों को कोरे आश्वासन दे रही है या अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणा को तवज्जो नहीं देते।

अध्यापकों का आरोप है कि सरकार द्वारा हर बार उन्हें खाली आश्वासन दिए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच से अप्रैल माह में आदेश जारी करने की बात कही थी लेकिन अब तक कोई अधिकारी या मंत्री यह बताने को तैयार नहीं है कि आदेश कब तक जारी होंगे।अध्यापकों की मांगों को लेकर अध्यापक नेता भरत पटेल की ओर से रैली एवं प्रदर्शन का ऐलान किया है। पटेल ने प्रदर्शन आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले करने का ऐलान किया है।

बतादें कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए जहां विपक्ष इन संगठनों के साथ खड़ी है वहीं सरकार भी कुछ लोगों की मांगें पूरी करने का आश्वसन देकर मामले को शांत कराने में जुटे हैं। वहीं जानकारों का कहना कि लगातार चल रहे कई विभागों में धरना प्रदर्शन से जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवा रोजगार की मांग कर रहे हैं तो संविधा कर्मचारी नियुक्ती को लेकर धरने पर बैठे है। इसके पहले आंगनबाड़ियों का प्रदर्शन हुआ था, जिसमें भी सरकारी आश्वसनों के बाद मामले को रफादफा कर दिया गया था।

दीपेश तिवारी
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