MP PSC : ग्रंथपाल की बजाए कहलाएंगे सहायक प्राध्यापक पुस्तकालय

अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था...

भोपाल@हर्ष पचौरी की रिपोर्ट...

मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित ग्रंथपाल का पदनाम जल्द ही सहायक प्राध्यापक पुस्तकालय किया जाएगा। महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ राज्य में इस व्यवस्था को लागू किया जा चुका है। यूजीसी की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में भी इसे लागू करेंगे।

मप्र ग्रंथपाल एसोसिएशन की लंबित मांग पर सहमति जताते हुए उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने ये भरोसा दिया है। ग्रंथपाल संगठन के प्रदेशाध्यक्ष प्रभात पांडे ने कहा कि सरकार ने ग्रंथपालों के रिक्त पदों पर भर्तियां करने के बाद पुराने पदनाम से ही ज्वाईनिंग लेटर जारी किए जबकि संगठन की ओर से लंबे समय से ये मांग की जाती रही है।

पांडे ने कहा कि पदनाम परिवर्तन के अलावा ग्रंथपालों को क्लास वन वेतनमान जारी करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा रहा है। देश के बाकी राज्यों में यूजीसी गाइड लाइन के मुताबिक वेतनमान जारी किया जा रहा है जो कि क्लास वन अधिकारी को मिलने वाले वेतनमान के बराबर होता है।

प्रदेश सरकार ने ग्रंथपालों के हाल ही में 218 पदों को नियमित चयनित उम्मीदवारों से भरा है जिन्हें वित्तीय फायदा मिल सकता है। उच्च शिक्षा मंत्री ने संगठन की मांगों को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का भरोसा दिया है।

दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned