बाघ को किया गया क्वॉरंटीन, सलाखों में काट रहा है सजा, 3 लोगों पर किया था जानलेवा हमला

बाघ 2018 में महाराष्ट्र के रास्ते मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दाखिल हुआ था।

By: Pawan Tiwari

Published: 07 Jun 2020, 10:19 AM IST

भोपाल. बार-बार आबादी में पहुंचने की आदत के चलते मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के बाड़े में रह रहे बाघ को वन विहार में जगह मिली है। शनिवार सुबह चिकित्सक की टीम बाघ को लेकर वन बिहार पहुंची। यहां बाघ को 7 दिनों के लिए क्वॉरंटीन में रखा गया है।

महाराष्ट्र से आया था एमपी
बता दें कि युवा नर बाघ 2018 में महाराष्ट्र के रास्ते मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में दाखिल हुआ था। लेकिन फिर से बाघ के नागरिकों से आमना-सामना होने के मामले सामने आने लगे। बाघ ने अमरावती जिले में दो लोगों पर जानलेवा हमला किया था। बाद में दिसंबर 2018 में भटक कर यह बैतूल आ गया था।

इसे 11 दिसंबर 2018 को बैतूल जिले के सारणी कस्बे के रिहायशी इलाके से रेस्क्यू कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में प्रकृतिक रहवास में छोड़ा गया। यह बाघ एक बार फिर से रिहायशी इलाके में पहुंच गया और बैतूल जिले के सारणी कस्बे के रिहायशी इलाके में कुछ लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद 10 फरवरी 2019 को इसे दोबारा रेस्क्यू कर कान्हा के घोरेला बाड़ा में रखा गया था।

आखिरकार इस बाध को खुले वन में छोड़ने के बजाए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में रखने का निर्णय लिया गया। बाघ को शनिवार को वन विहार लाया गया। यहां वन विहार प्रशासन ने सात दिनों के लिए क्वॉरंटीन किया है। क्वॉरंटीन पूरा होने के बाद वन विहार प्रबंधन तय करेगा कि बाघ को डिस्प्ले में रखा जाए या नहीं। वन विहार में अब कुल 14 बाघ हो गए हैं।

Pawan Tiwari
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