कांग्रेस ने केंद्र पर साधा बड़ा निशाना, कहा - देश का चौकीदार राफेल डील पर चुप क्यों?

कांग्रेस ने केंद्र पर साधा बड़ा निशाना, कहा - देश का चौकीदार राफेल डील पर चुप क्यों?

KRISHNAKANT SHUKLA | Publish: Sep, 05 2018 09:30:23 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

कांग्रेस ने केंद्र पर बड़ा निशाना, कहा - देश का चौकीदार राफेल डील पर चुप क्यों ?

भोपाल. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर राफेल डील को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा- यूपीए सरकार में राफेल की कीमत 526 करोड़ थी, अब 1670 करोड़ की कैसे हो गई।

देश के चौकीदार का 56 इंच का सीना इस डील पर चुप क्यों है? देश जानना चाहता है। शैलजा बोलीं- मोदी सरकार ने एक कंपनी को 30 हजार करोड़ का फायदा पहुंचाया है। हमारे पास सबूत हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में सवाल पूछा था, लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया।

सच आने लगा सामने
शैलजा ने कहा, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा का असली चेहरा सामने आने लगता है। देश का सबसे बड़ा घोटाला नोटबंदी है। इससे कुछ लोगों को फायदा हुआ। बाकी पूरे देश की जनता को परेशानी हुई। इससे छोटे व्यापारियों को बहुत नुकसान हुआ और कई मौतें भी हुई हैं।

एट्रोसिटी पर नहीं बोलीं
एट्रोसिटी एक्ट पर सवाल किया तो शैलजा ने कहा- अभी वे केवल राफेल डील के मुद्दे पर बात करेंगी। दरअसल, कांग्रेस ने जनता को राफेल डील का सच बताने के लिए सभी राज्यों में अपने नेता भेजे हैं। इसी के तहत शैलजा का भोपाल दौरा हुआ।

लघु उद्योग निगम की लेटलतीफी का नतीजा

इधर, लघु उद्योग निगम के अफसरों की लापरवाही से सरकार को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह चपत स्कूली छात्राओं की साइकल खरीदने की टेंडर प्रक्रिया में देरी से लगी है। सरकार को एक करोड़ रुपए जेम पोर्टल को ट्रांजेक्शन चार्ज देना पड़ रहा है।

दरअसल, केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार 30 लाख से अधिक की खरीदी करने पर 0.5 प्रतिशत राशि ट्रांजेक्शन चार्ज के रूप में अब जेम को देना होंगे। यदि निगम एक माह पहले ये टेंडर फाइनल कर देता तो यह राशि बच जाता। सरकार ने एक माह पहले ही जेम से खरीदी अनिवार्य की है।

5.75 लाख साइकिलों की होगी खरीदी
निगम इस वर्ष 5.75 लाख साइकलें खरीद रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 194 करोड़ रुपए है। हीरो और ए-वन कंपनी को ऑर्डर देने की तैयारी है। हीरो ने टेंडर में 3379 और ए-वन कंपनी ने 3376 रुपए रेट डाले थे। बाद में हीरो भी 3376 रुपए में साइकिल देने को तैयार हो गई।

छात्राओं को साइकल का वितरण चुनाव आचार संहिता से पहले कर दिया जाएगा। पिछले साल की तुलना में इस साल 1.39 लाख छात्राएं कम हुई हैं। पिछले साल सरकार ने 7.14 लाख छात्राओं को साइकल वितरित की थी। इस साल 5.75 लाख छात्राओं को साइकलें वितरण की जाएंगी।

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