राज्यसभा की रस्साकशी शुरू, दिल्ली से आ सकता है सरप्राइज नाम

-----------------------------
- राज्यसभा सीट की खाली सीट के लिए दावेदारों की जुगाड़ शुरू
- दर्जनभर से ज्यादा दावेदार, पर सियासी गणित सरप्राइज नाम का
-----------------------------

[email protected]भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली होते ही दावेदारों की रस्साकशी शुरू हो गई है। एक दर्जन से ज्यादा दावेदार अपनी लॉबिग में जुटना शुरू हो गए हंै, लेकिन सियासी गणित का आकलन दिल्ली से किसी चौंकाने वाले नाम की उम्मीद जताता है। दरअसल, भाजपा संगठन को अभी उत्तरप्रदेश चुनाव सहित आगे की सियासी स्थिति को भी साधना है। जबकि, मध्यप्रदेश में अभी राज्यसभा सीट के हिसाब से किसी को मौका न देने पर भी कोई नुकसान नजर नहीं आता। इस कारण इस बार राज्यसभा सीट पर जितनी उम्मीद यहां के किसी दावेदार की है, उतनी ही किसी बाहरी नाम की पैराशूट लैंडिंग की भी है। चेहरे की अस्प्ष्टता के कारण इसी कारण दावेदारों की जोर-आजमाइश ज्यादा रहेगी। इसके अलावा आरएसएस के स्तर पर चेहरे पर सहमति व सिफारिश का गणित काम करेगा। केंद्रीय नेतृत्व की लाइन व संघ की सहमति से ही नाम फायनल होगा।
-----------------------------
बहुमत मुफीद, कांग्रेस पाले से बाहर-
इस बार राज्यसभा सीट के लिए भाजपा के लिए हर ओर से मुफीद स्थिति है। प्रदेश में भाजपा का बहुमत सीधा है, इस कारण राज्यसभा सीट पर चुनाव होने की स्थिति में भी भाजपा की सीट लगभग तय है। इसलिए कांग्रेस में दावेदारी तक शुरू नहीं हो पाई है। कांग्रेस सियासी उत्साह बनाए रखने के लिए बाद में भले ही चेहरा तय करके चुनाव लड़े, लेकिन अभी की स्थिति में दावेदार सामने नहीं आए हैं। दूसरी ओर भाजपा में दावेदार लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह ये है कि इस बार पिछली बार जैसे कोई कद्दावर नेता का चेहरा सामने नहीं है। राज्यसभा सीट का टिकट किसी के पास भी जा सकता है, इसलिए किस्मत आजमाने के लिए नेताओं की दावेदारी ज्यादा है।
------------------------------
सिंधिया फैक्टर : पिछली बार से जुदा हालात-
इस बार पिछली राज्यसभा सीट के चुनाव से बिलकुल जुदा हालात है। पिछली बार राज्यसभा सीट के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया का चेहरा सीधे तौर पर सामने था। बाद में टिकट भी मिला और अब वे केंद्रीय मंत्री हैं। तब सिंधिया की दावेदार के कारण दूसरे दावेदार जोर-आजमाईश नहीं कर रहे थे। लेकिन, इस बार कोई बड़ा चेहरा सीधे तौर पर सामने नहीं है। इसलिए दावेदार ज्यादा है।
-----------------------------
बॉक्स..............
इनकी दावेदारी शुरू, जोड़-जुगत के गणित-
कुछ नेताओं ने दावेदारी शुरू भी की है। इसके लिए कुछ ने दिल्ली में एप्रोच की है, तो कुछ पहले प्रादेशिक स्तर पर जमीन मजबूत करने की जुगत में जुट गए हैं। अलग-अलग स्तर पर दावेदार की जुगत में वरिष्ठ नेता विनोद गोटिया, ओमप्रकाश धुर्वे, लाल सिंह आर्य, माया सिंह जैसे नाम सामने आए हैं। इनके अलावा भी कुछ दावेदार हैं, जो कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, बाहरी उम्मीदवार के आने की भी पूरी संभावना है। इसके पीछे शीर्ष नेतृत्व का दिल्ली में नेताओं को साधना और उप्र चुनाव सहित दूसरे चुनाव के गणित को भी देखना है।
----------------------------
ये अहम फैक्टर-
- इस बार कोई साफ चेहरा दावेदार के लिए नहीं
- बाहरी नेता को भी मध्यप्रदेश से लाभ देने की संभावना
- एक दर्जन से ज्यादा दावेदार अपने आकाओं की दहलीज पर
- राज्यसभा सीट पर बहुमत के कारण भाजपा की जीत लगभग तय
--------------------------------

जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned