तब हिन्दुत्व के नारों से रंग दी थी अयोध्या की हर दीवार, हाथों से बनाया था रामलला को छाया देने टैंट

रामलला हम आएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे..जैसे कई देशभक्ति से ओत प्रोत कर देने वाले नारे राजगढ़ के बाबा सत्यनारायण मौर्य ने दिए हैं, इतना ही नहीं जिस टेंट में रामलला को सबसे पहले स्थापित कर विराजमान किया गया था वो भी सत्यनारायण मौर्य ने ही लगाया था।

By: Shailendra Sharma

Published: 05 Aug 2020, 06:34 PM IST

भोपाल/राजगढ़. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखते ही करीब 500 साल से राम मंदिर का सपना देख रहे हजारों लाखों रामभक्तों की इच्छा पूरी हो गई। पूरे देश में एक अजब ही माहौल है और हर कोई राम की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। राम मंदिर की नींव उन रामभक्त कार सेवकों के अथक प्रयासों का सफल परिणाम है जिन्होंने इसके लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। ऐसे ही एक कारसेवक हैं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाaले बाबा सत्यनारायण मौर्य। सत्यनारायण मौर्य को अगर श्रीराम का सच्चा सिपाही कहा जाए तो ये अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योंकि राम के नाम की अलख जगाने और रामलला में लोगों की आस्था बढ़ाने के लिए सत्यनारायण मौर्य आज भी निरंतर प्रयासरत हैं।

img-20200805-wa0099_1596626913.jpg

आंदोलन के दौरान जगाई अलग
सत्यनारायण मौर्य उन कार सेवकों में से एक हैं जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। 1992 में जब अयोध्या में बाबरी विध्वंस हो रहा था तो राजगढ़ से भी 100 से ज्यादा कार सेवक अयोध्या गए थे जिनमें सत्यनारायण मौर्य उनके पिता और उनके छोटे भी शामिल थे। सत्यनारायण मौर्य ही भगवा लेकर ढांचे पर चढने वाले पहले शख्स भी थे। इस दौरान उनके साथ उनके छोटे भाई भी तस्वीर में नजर आते हैं।

 

photo_2020-08-05_16-41-31.jpg

सत्यनारायण बताते हैं कि विध्वंस से पहले अयोध्या पहुंचने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे लेकिन वो छिपते छिपाते किसी तरह अयोध्या पहुंचे। कई दिनों तक उन्होंने अयोध्या में पुलिस से बचते हुए गेरू से अयोध्या के गली मोहल्ले की दीवारों पर देशभक्ति से ओत प्रोत नारे लिखे और राम नाम की अलख जगाई।

 

img-20200805-wa0097_1596626943.jpg

पूरे देश में गूंजा रामलला हम आएंगे..मंदिर वहीं बनाएंगे
सत्यनारायण मौर्य के अयोध्या की गलियों में लिखे नारे जब विश्व हिन्दू प्रमुख अशोक सिंघल ने पढ़े तो वो उन्हें काफी अच्छे लगे और उन्होंने खुद सत्यनारायण को बुलाकर उनके नारों की रिकॉर्डिंग कराई और बाद में ये नारे सारे देश में गूंजे।

 

photo_2020-08-05_16-41-25.jpg

बाबा सत्यानारायण मौर्य अपने साथ कई कपड़े लेकर अयोध्या पहुंचे थे जिनमें से एक कपड़े के टेंट में ही सबसे पहले रामलला की प्रतिमा को चबूतरे पर स्थापित करने के बाद छाया दी गई थी।

 

 

satya.jpg

बताता था कि गोल्ड मेडलिस्ट हूं तो लोग हंसते थे- सत्यनारायण मौर्य
बाबा सत्यनाराण मौर्य ने एम कॉम किया है और एमए गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। वो बताते हैं कि ये सब परमात्मा की हे देन है कि उन्हें कार सेवक बना दिया वो तो घर से टीचर बनने या बैंक की नौकरी करने के लिए निकले थे।उन्होंने कहा कि जब वो अयोध्या में आंदोलन के दौरान बढ़ी हुई दाड़ी और हाफ पैंट व बनियान पर घूमा करते थे और किसी को बताते थे कि वो गोल्ड मैडलिस्ट हैं तो लोग उन पर हंसते थे। हाल ही मैं बीजेपी नेता प्रभात झा की किताब आंखो देखी में भी बाबा सत्यनारायण मौर्य के कार्यों का चित्रण भी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के राजगढ़ में रहने वाला बाबा सत्यनारायण मौर्य लोगों को अपनी चित्रकारी, नारों और गीतों के माध्यम से राम मंदिर निर्माण को लेकर तैयार कर रहा था।

अयोध्या से न्यौते पर पहुंचे
राम मंदिर की आधारशिला के दौरान भी बाबा सत्यनारायण मौर्य को विशेष आमंत्रण दिया गया, जिसमें वह विभिन्न नामी-गिरामी लोगों के साथ इस भव्य समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे हैं।

Show More
Shailendra Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned