गैंगरेप का दोषी सजा सुनते ही कठघरे से हुआ फरार, और फिर...

गैंगरेप का दोषी सजा सुनते ही कठघरे से हुआ फरार, और फिर...

Deepesh Tiwari | Publish: Sep, 07 2018 04:01:41 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

20 साल कारावास की सुनाई थी सजा...

भोपाल। कोर्ट में कई बार आरोपी द्वारा बहस किए जाने या जेल से भाग जाने के बारे में तो आपने भी कई बार सुना होगा। लेकिन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसके बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था सहित आदि मामलों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल भोपाल कोर्ट से सजा सुनने के साथ ही एक मुलजिम कटघरे से भाग खड़ा हुआ। जबकि वहां सुरक्षा व्यवस्था में खड़े करीब दो दर्जन पुलिस वाले उसकी इस हरकत को देखते ही रह गए।

ये है मामला...
न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की विशेष कोर्ट से गुरुवार को ज्यादती के मामले का आरोपी 27 वर्षीय मेहबूब अली सजा सुनाए जाने के बाद कटघरे से ही भाग गया। उसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। 2014 में आरोपी के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया था।

मौका देखते ही हुआ फरार...
इस कैस में अपना फैसला सुनाते हुए जज कुमुदनी पटेल ने मेहबूब अली और अंसार को दोषी मानते हुए, वकील से सजा के प्रश्न पर जवाब मांगा। इसी समय कटघरे में खड़े मेहबूब अली को पता चल गया कि कोर्ट ने उसे दोषी मान लिया है। इसके साथ ही अचानक वह मौका देखते ही कटघरे से बाहर निकलकर आया और कोर्ट में कैदियों के लिए बने रास्ते से फरार हो गया।

किसी ने नहीं की पकड़ने की कोशिश...
इस पूरे मामले में सबसे ध्यान देने लायक बात ये रही कि जिस समय मेहबूब अली भाग रहा था उस समय कोर्ट में कोर्ट मुंशी के अलावा अन्य कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने उसे पकड़ने की काेशिश नहीं की।

हाई कोर्ट से जमानत पर था...
ऐशबाग निवासी 27 वर्षीय मेहबूब अली और अंसार के खिलाफ शाहजहांनाबाद थाने में 2014 में गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में मेहबूब हाई कोर्ट से जमानत पर था और अंसार को केंद्रीय जेल भोपाल से गुरुवार को पेश किया गया था।

पुलिस प्रशासन और न्यायालय के अधिकारी थे मौजूद...
वहीं इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि गुरुवार को कोर्ट परिसर में ही मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक चल रही थी। इसमें पुलिस प्रशासन और न्यायालय के अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान सरकारी वकील ने सत्र न्यायाधीश को घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने सत्र न्यायाधीश से मिलकर उन्हें घटना से अवगत कराया।

सुरक्षा व्यवस्था में छेद!...
दरअसल यहां 20 पुलिसकर्मियों की रोजाना अलग-अलग थानों से ड्यूटी लगाई जाती है। यह न्यायालय के सभी गेट पर तैनात होते हैं। इनका काम लोगों पर नजर रखना और अंदर जाने वालों की चैकिंग करना है। लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी कई बार वहां लगी कुर्सियों पर आराम करते देखे जा सकते हैं।

इधर,शहर में जारी हैं छेड़छाड़ की वारदातें...
एक ओर जहां कोर्ट से रेप का आरोपी सबके सामने फरार हो गया, वहीं शहर की पुलिस अब तक मनचलों पर नकेल कसने में फेल ही साबित हो रही है। इसी के चलते बीते 24 घंटों के भीतर छेडख़ानी की तीन वारदातें शहर के विभिन्न थानों में दर्ज की जा चुकी हैं।

1. पहली घटना में दिल्ली पब्लिक स्कूल के नाबालिग छात्र ने किशोरी के साथ छेडख़ानी कर दी।
- बागसेवनिया थाना क्षेत्र स्थित वीर सावरकर ब्रीज के नीचे स्कूल के एक नाबालिग छात्र ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ कर दी। छात्र एवं छात्रा दोनों एक ही स्कूल में और एक ही कक्षा में पढ़ते हैं।

छात्रा का कहना है कि दोनों साथ में कोचिंग भी जाते हैं। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। इस बात का फायदा उठाकर उसकी कुछ फोटो उसके साथी ने मोबाइल में एक्सपोज की थी। उक्त फोटो दिखाकर वह नाबालिग को परेशान कर रहा था। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है।

वहीं एक अन्य घटना में कोलार में एक रिश्तेदार ने नाबालिग लड़की के साथ घर में घुसकर अश्लील हरकतें की, विरोध करने पर पीडि़ता को बेरहमी से पीट दिया।

जबकि तीसरी घटना न्यू मार्केट की है, जहां शॉपिंग कर रही चिरायु अस्पताल भैंसाखेड़ी की नर्स का व्यक्ति ने हाथ पकड़ लिया और जान से मारने की धमकी दी। जबकि एक अन्य घटन में पिपलानी में फाइनेंस कंपनी की कर्मचारी युवती के साथ एक मजनू ने अश्लीलता कर डाली।

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