इन मंत्रियों व विधायकों से वसूला जाएगा दस गुना अधिक चार्ज! जानिये पूरा मामला

गृह विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव...

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जिन निवर्तमान मंत्री-विधायकों को बंगले आवंटित हैं, उन्होंने यदि समय पर बंगले खाली नहीं किए तो इसे अवैध आधिपत्य मानकर सामान्य दर से दस गुना अधिक किराया दंड स्वरूप वसूला जाएगा।


गृह विभाग (संपदा संचालनालय) ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को इसे मंजूरी मिल जाएगी। मंजूरी मिलते ही निवर्तमान सभी मंत्रियों (भाजपा सरकार में मंत्री पद पर रहने वाले) से दांडिक किराया वसूलना शुरू कर दिया जाएगा। संपदा संचालनालय के नियम हैं कि मंत्री पद पर रहने की अवधि तक ही उन्हें निशुल्क बंगले आवंटित करने के नियम है।


इस्तीफा के तत्काल बाद मंत्रियों को बंगला खाली करने के नोटिस थमा दिए गए हैं। विभाग ने करीब 45 विधायक-मंत्रियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने समय पर बंगले खाली नहीं किए तो दंड स्वरुप सामान्य दरों से दस गुना से अधिक किराया वसूला जा सकता है। संपदा संचालनालय द्वारा मंत्री-विधायकों को आवंटित बंगले खाली करवाने के नोटिस जारी हो गए।

कई मंत्री-विधायकों ने खाली करना भी शुरू कर दिया है, लेकिन कई ने अभी तक खाली नहीं किया है।

विस सचिवालय ने भी किए हैं बंगले आवंटित...
करीब दो दर्जन विधायकों को विधानसभा सचिवालय ने भी बंगले आवंटित कर रखा है, इन पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि 15वीं विधानसभा में पुन: चुनाव जीतने वाले विधायकों को राहत दी जा सकती है।

वहीं, कांग्रेस के जिन विधायकों के पास 14वीं विधानसभा के दौरान बंगले आवंटित थे, उन्हें यदि मंत्रीपद मिलता हैं, तो बड़े बंगले मिल सकते हैं। कुछ कद्दावर विधायकों ने तो चार इमली, 74 बंगले और 45 बंगले में मन पसंद और वास्तु के अनुसार बंगले भी देखना शुरु कर दिया है।

आवंटन एवं बेदखली अधिकारी, संपदा एसआर नायर का कहना है कि वर्तमान नियमों के अनुसार अवैध आधिपत्य धारियों के विरुद्ध 10 गुना पैनाल्टी लेने का प्रावधान है।

43 विधायक पहुंचे, सौंपा प्रमाण पत्र...
वहीं विधानसभा सचिवालय सोमवार को आठ बजे तक सक्रिय रहा। इसका प्रमुख कारण नव निर्वाचित विधायकों की सचिवालय में आमद देना रहा। कमलनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद ज्यादातर विधायकों ने विधानसभा का रुख किया।

वहां पहुंचकर उन्होंने अपने जीत का प्रमाण पत्र दिया। बिना लंच ब्रेक के रात आठ बजे तक काम-काज होता रहा। सोमवार को यहां 43 विधायक पहुंचे। दोपहर बाद इनकी संख्या में अधिकता आई। पिछले तीन दिनों में एक सौ विधायक यहां अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं।

इधर, भोपाल की महिला ने अध्यादेश को होईकोर्ट में दी चुनौती...
तीन तलाक के संबंध में पारित अध्यादेश को एक मुस्लिम महिला ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। चीफ जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता व केंद्र सरकार के अधिवक्ता को तैयारी करके आने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।

मापदण्डों की फिर से जांच और पुनर्विचार हो...
भोपाल निवासी समरीन जिशान सिद्दीकी पेशे से शिक्षिका हैं। समरीन ने सरकार द्वारा 2018 में पारित किए गए तीन तलाक के अध्यादेश को चुनौती दी है।

अधिवक्ता अमित खत्री ने कोर्ट को बताया कि इस अध्यादेश में 3 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा यह भी व्यवस्था है कि आरोपित पति को जमानत नहीं मिलेगी।

याचिका में उक्त अध्यादेश की वैधता व इसके मापदण्डों की फिर से जांच व इन पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई पर दोनों पक्षों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए।

दीपेश तिवारी
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