निवेश के लिए फिर बिछेगा रेड कॉरपेट, अब बेकार जमीन पर उद्योग लगाने के प्रयास

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- शहरों में चिन्हांकित की जाएगी जमीन
- छोटे उद्योगों पर रहेगा फोकस
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[email protected]भोपाल। प्रदेश में निवेश के लिए राज्य सरकार नए सिरे से रेड कारपेट बिछाएगी। इसके तहत सरकार शहरों और गांव में ऐसी जमीन तलाशी जायेगी, जहां पर अभी कोई उपयोग नहीं हो रहा है और छोटे उद्योगों को बसाया जा सकता है। इसके तहत उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो शहरों बेहतर लोकेशन पर है या शहरों से सटी हुई जमीन है। इसमें बड़े उद्योगों की बजाए छोटे उद्योगों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
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दरअसल, राज्य सरकार ने प्रदेश के संसाधनों के जरिए राजस्व बढ़ाने के लिए रोडमैप बनाना तय किया है। इसके तहत शहरों की भी जमीन को लेकर नए सिरे से आकलन करने की तैयारी है। इसमें शहरों में बेकार पड़ी ऐसी जमीन जहां पर अभी कोई उपयोग नहीं हो रहा है, लेकिन उस जगह पर उद्योगों की बेहतर संभावना है। ऐसी जमीनों को चुनकर छोटे उद्योगों को लाया जाएगा। सरकार इसके लिए बकायदा अलग से योजना तैयार करेगी। फिलहाल ऐसी जमीनों के लिए एक रोडमैप तैयार करना तय किया गया है। इसके तहत शहरों और गांवों में जमीनों का चिन्हांकन भी होगा। इसके बाद जमीनों का श्रेणीकरण और ग्रेडिंग करके अलग-अलग उद्योगों के हिसाब से प्लान तैयार होगा। जिस शहर या शहर के समीप जिस उद्योग की संभावना बेहतर होगी, वहां उन उद्योग के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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ज्यादातर विकसित इलाके-
इस नए निवेश प्लान के लिए जिन जमीनों को चिन्हित किया जाना है, उनमें से ज्यादातर जमीने विकसित इलाकों में होने की संभावना है। वजह यह कि इस प्लान में शहर के बाहर किसी औद्योगिक कलस्टर की बजाय शहरों और गांवों के भीतर बेहतर लोकेशन वाली जमीनों को ज्यादा प्राथमिकता पर रखा जाना है। इस कारण इन जमीन तक बेहतर नेटवर्क पहले से मौजूद रहेगा। खासतौर पर शहरों के भीतर जमीन को पहली प्राथमिकता पर रखा जाएगा। इन बेहतर लोकेशन वाली जमीन से राजस्व भी सरकार को ज्यादा मिलेगा। इसके अलावा यहां पर उद्योग चलने की संभावना अन्य इलाकों के मुकाबले ज्यादा रहेगी।
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प्रदूषण-साइलेंस सहित कई अलग मापदंड-
आबादी के करीब होने के कारण इन जगहों पर छोटे उद्योगों को बसाया जाएगा। साथ ही इन छोटे उद्योगों के संचालन के लिए नियम भी अलग रहेंगे। इसमें प्रदूषण न फैलाने और साइलेंट प्रोटोकॉल सहित अन्य नियम रहेंगे। इनमें ऐसे उद्योगों को ही मौका मिल पाएगा, जो आबादी के लिए कोई विघ्न या परेशानी पैदा ना करें। साथ ही आबादी के हिसाब से बेहतर प्रोडक्ट दे सके। इसके लिए अलग से नियम तैयार होंगे।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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