ये भिंडी है खास बिकती है 800 रुपये किलो

आपकी सेहत के लिए है बहुत फायदेमंद यह भिंडी, एडवांस बुकिंग पर ही मिलेगी।

By: Hitendra Sharma

Published: 07 Sep 2021, 02:50 PM IST

भोपाल: अगर आपको भिंडी की सब्जी पसंद है तो आप अक्सर लाते रहे होंगेपर आजतक आपने इस खाश भिंडी का स्वाद नहीं चखा होगा। ये खाश भिंडी है लाल भिंडी जी हां लाल भिंडी अगर आपने खाई नहीं तो देखी जरूर होगी। हां इसके दाम थोड़े ज्यादा है पर फायदे भी उतने ही ज्यादा।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास उगाई जा रही लाल भिंडी (Red Ladyfinger) हालांकि ये भिंडी की विदेशी किस्म से तैयार की गई है इसलिए थोड़ी मंहगी बिकती है। भोपाल से लगे खजूरीकलां गांव के किसान मिश्रीलाल राजपूत ने इसकी फसल लगाई है। वह बनारस भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVRC Banaras) से इसका बीज लेकर आए थे। उनका इसका बीज भी 24 सौ रुपए किलों मिला था। इस किस्म का नाम काशी लालिमा है जो यूरेपियन किस्म से बनाई गई है। अब यह लाल भिंडी आसपास के किसानों और लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।

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ज्यादा उत्पादन
काशी लालिमा या लाल भिंडी की खाशियत यह है कि यह केवल 45 से 50 दिनों में ही तैयार हो जाती है यानि कि किसानों को फसल के ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। वही उसका उत्पादन भई अधिक है बताया जा रहा है कि यह एक एकड़ 50 क्विंटल तक पैदा हो सकती है और अगर इसकी फसल का सही ध्यान रखा जाए और मौसम साथ दे तो यह 80 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदा हो सकती है।

मंडी में नहीं सुपरमार्केट में मिलेगी
अगर आप सुर्खियों में छाई इस सुर्ख भिंडी को खरीदना चाहते हैं तो आपको मॉल या सुपरस्टोर जाना होगा यह खाश भिंडी मंडी में नहीं मिलेगी। वही जो लोग सीधे किसान से लेना चाहते हैं उनको पहले बताना होगा। किसान मिश्रीलाल ने बताया कि बाजार में काशी लालिमा 800 रुपये प्रति किलों के हिसाब से मिलेगी।

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सेहत के लिए फायदेमंद
लाल भिंडी खाने से हृदय रोग, मधुमेह और कोलेस्ट्रोल जेसी परेशानियों से राहत मिलती है वही इसमें पाया जाने वाला एंथोसाइनिन नामक खास तत्व गर्भवती महिलाओं, बच्चों के मानसिक विकास और खूबसूरत त्वचा के लिए फायदेमंद है।

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कीटनाशकों की जरूरत नहीं
भिंडी की नई किस्म में किसानों को कीटनाशकों का प्रयोग करने की जरूरत नहीं होगी। भिंडी के लाला रंग के चलते इसमें सब्जियों में लगने वाले कीड़ पतंगे नुक्सान नहीं पहुंचाते हैं। जिससे किसानों की लागत कम हो जाती है और लोगों का ऑर्गेनिक सब्जी खाने को मिल जाती है।

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