तबादलों की मोहलत से महकमों को राहत, 20 हजार से अधिक आवेदन लंबित

सिफारिशी आवेदनों से परेशान मंत्री, अफसर

भोपाल। राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर अब 7 अगस्त तक की मोहलत मिल गई है। इससे सरकारी महकमों ने राहत की सांस ली है, वहीं कर्मचारियों का टेंशन कम नहीं हुआ है। राज्य के विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक आवेदन पहुंच चुके हैं। दो साल से तबादले का इंतजार कर रहे कर्मचारी चाहते हैं कि अब देरी न हो, जल्द से आदेश जारी हो जाएं।

कर्मचारियों की चिंता यह है कि तबादलों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है। वहीं सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय लिया। कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ऐसी स्थिति में वे बच्चों के एडमीशन कहां कराएं। यदि तबादला हो गया तो बच्चों के प्रवेश की दिक्कत होगी। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा है। विशेषज्ञ तीसरी लहर की संभावना अगस्त सितम्बर माह में जता रहे हैं। इसलिए वे चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द आदेश जारी हों, जिससे आगे कोई दिक्कत न हो।

इन विभागों में अधिक आवेदन -

स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, सहकारिता, स्कूल शिक्षा, नगरीय प्रशासन एवं विकास में सबसे ज्यादा तबादला आवेदन आए हैं। स्वास्थ्य विभाग में सर्वाधिक 6 हजार आवेदन आए हैं। जबकि स्कूल शिक्षा विभाग में इनकी संख्या करीब 6 हजार है। कुछ इसी तरह की स्थिति अन्य विभागों की है। विभाग सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। हालांकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उच्च शिक्षा, वाणिज्यिक कर जैसे विभाग छोटी सूची जारी कर चुके हैं, लेकिन इन विभागों से बड़ी सूची जारी होना है। वहीं अन्य विभागो में तबादला सूची पर मंथन चल रहा है।

सिफारिशें बनीं सिरदर्द -

तबादला नीति के तहत राज्य में एक जुलाई से तबादलों पर रोक हटाई गई। इसके पहले से ही विभागों में तबादले के आवेदन आना शुरू हो गए थे। सबसे ज्यादा दिक्कत सिफारिशों पर है। सूची में देरी का एक कारण भी यही है। मंत्रियों के यहां ज्यादातर सूची अटकी हैं। जिन विभागों की सूची मंत्रियों के यहां से विभागीय अफसरों के पास पहुंची हैं, वे परीक्षण करने में जुटे हैं। जिससे तबादला आदेश के बाद सवाल न खड़े हों। क्योंकि तबादला नीति में स्पष्ट कहा गया है कि आदेश जारी करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आदेश को न्यायालय में चुनौती ना दी जा सके। यदि ऐसा होता है तो इसके लिए संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव अथवा प्रमुख सचिव जिम्मेदार होंगे।

किसने क्या कहा -

विभाग में आने वाले तबादला आवेदनों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जा रहा है। नियम के तहत ही तबादले होंगे।
- गोपाल भार्गव, मंत्री लोक निर्माण विभाग

तबादलों के लिए आए आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद ही आदेश जारी होंगे।
- प्रभुराम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री
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आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। एक सप्ताह में तबादला आदेश जारी हो जाएंगे।
- कमल पटेल, कृषि मंत्री

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राज्य सरकार ने तबादलों की ऑनलाइन की स्पष्ट नीति बनाई है, लेकिन ऑफ लाइन भी आवेदन आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर सिफारिशी हैं, ऐसे में जरूरतमंद कर्मचारियों के तबादले अटकने का डर है। सरकार को चाहिए की नीति का सख्ती से पालन हो और सरकार जल्द तबादला आदेश जारी करे।

- लक्ष्मीनारायण शर्मा, महामंत्री तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ

दीपेश अवस्थी
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