पेंच में खुलेगा रिसोर्ट, इंदौर में बनेगा तीसरा आइटी पार्क

पेंच में खुलेगा रिसोर्ट, इंदौर में बनेगा तीसरा आइटी पार्क
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Anil Chaudhary | Updated: 12 Oct 2019, 05:27:28 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

मैग्नीफिसेंट एमपी : रोज हो रही निवेश प्रस्तावों की समीक्षा, नीतियों में बदलाव की तैयारी
- कंपनी का नाम बदलने पर लगने वाला शुल्क होगा कम

भोपाल. सरकार ने मैग्नीफिसेंट एमपी के तहत निवेश का नया रोडमैप तैयार कर दिया है। महिंद्रा गु्रप पेंच में रिसोर्ट खोलेगा तो इंदौर में 150 करोड़ रुपए से तीसरा आइटी पार्क बनेगा। इसमें इंफोसिस से लेकर टीसीएस और विप्रो कंपनी तक आ सकती है। इसके अलावा फार्मा सेक्टर में चार गुना तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार आठ से दस नीतियों में भी बदलाव करके हर क्षेत्र को सौगात देने की तैयारी कर रही है।
इंदौर में 18 अक्टूबर को होने वाले मैग्नीफिसेंट एमपी को लेकर सरकार रोज रिव्यू कर रही है। हर दिन नए प्रस्ताव पर सहमति बन रही है। अब तय किया गया है कि इंदौर में तीसरा आइटी पार्क खोला जाए। मुख्यमंत्री कमलनाथ 17 अक्टूबर को इसका भूमिपूजन करेंगे। यह चार लाख स्क्वेयर फीट जमीन पर 150 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। इसमें निवेश के लिए तमाम आइटी सेक्टर की नामी कंपनियों को बुलाया गया है। इंदौर में दो आइटी पार्क पहले से हैं। दोनों में 4000 से ज्यादा रोजगार मिले थे।

- फॉर्मा सेक्टर में बंपर छूट
प्रदेश से फॉर्मा सेक्टर में अभी करीब 22000 करोड़ का एक्सपोर्ट होता है, इसलिए अब फॉर्मा सेक्टर में निवेश पर दो साल विभिन्न औद्योगिक मंजूरियों के लिए स्लेक पीरियड दिया जाएगा। यानी तीन साल के लिए जो छूट या सुविधाएं मिलती थी वो अब पांच साल के लिए मिलेंगी। इसी तरह फॉर्मा लैब के अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापना के लिए 25 लाख रुपए की मदद को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है। वहीं, लैब बनाने पर निवेश का 25 प्रतिशत या 50 लाख रुपए अधिकमत अनुदान दिया जाएगा।
- कंपनी का नाम बदलने शुल्क फिक्स
सरकार ने किसी भी कंपनी का नाम बदलने पर लगने वाला शुल्क फिक्स कर दिया है। अब यदि कंपनी का नाम बदला जाता है, लेकिन उसके सारे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ज्यों के त्यों रहते हैं तो केवल 10000 रुपए का शुल्क लगेगा। पहले यह शुल्क लीज राशि का 10 प्रतिशत होता था। इसके अलावा यदि कोई कंपनी एक साथ 10 साल का भू-भाटक शुल्क जमा करती है तो आगे के 10 साल का भू-भाटक शुल्क माफ कर दिया जाएगा। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र में पट्टे का तीन प्रतिशत हिस्सा या पांच एकड़ अधिकतम हिस्सा संबंधित कंपनी अपने श्रमिकों के आवास बनाने के लिए उपयोग कर सकेगी।
- इंदिरा सागर पर पहला फ्लोटिंग पॉवर प्लांट
प्रदेश का पहला फ्लोटिंग पॉवर प्लांट इंदिरा सागर में बनेगा। इसके लिए भी समिट में निवेश आमंत्रित किया जाएगा। वहां इसका प्रेजेंटेशन होगा। यह 200 मेगावाट का हाइडल पॉवर प्लांट रहेगा, जिसमें करीब 1100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह देश का तीसरा फ्लोटिंग पॉवर प्लांट होगा, लेकिन यह देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग प्लांट रहेगा।

मैग्नीफिसेंट एमपी के तहत निवेशकों के प्रस्तावों पर काम हो रहा है। इसमें विभिन्न सेक्टर्स में निवेश आ रहा है। इसके हिसाब से नीतियों में भी संशोधन कर रहे हैं। करीब 40 प्रस्ताव मंजूरी के स्तर पर हैं। सभी बड़े उद्योगपति इसमें आने के लिए मंजूरी दे चुके हैं।
- डॉ. राजेश राजौरा, पीएस, उद्योग विभाग

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