MP: ये गांव-गरीब का बजट है, सरकार चुनावी मूड में है

MP: ये गांव-गरीब का बजट है, सरकार चुनावी मूड में है
review of mp budget 2017-18

भले ही केंद्र सरकार विधानसभा चुनावों के वक्त पर चुनावी बजट देने में नाकाम रही हो, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने अभी से अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। mp.patrika.com पर पढें शैलेंद्र तिवारी की विशेष टिप्पणी...।

टिप्पणी- शैलेंद्र तिवारी

भले ही केंद्र सरकार विधानसभा चुनावों के वक्त पर चुनावी बजट देने में नाकाम रही हो, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने अभी से अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। भले ही अभी चुनावों में डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त शेष है। यही वजह है कि सरकार का चौथा बजट चुनावी नजर आया। सरकार ने जहां अपनी लोक—लुभावन स्कीम में पैसा खर्च करने का ऐलान किया, वहीं गांव और गरीब को ज्यादा से ज्यादा लुभाने की कोशिश की है। हालांकि इस कोशिश में विकास और इन्फ्रास्टक्चर और दूसरी चीजें पीछे ही छूट गई हैं। स्मार्ट सिटी के लिए जो बजट का प्रावधान किया गया है, वह प्रदेश की सातों स्मार्ट सिटी के लिए नाकाफी ही कहा जाएगा। 700 करोड़ में सात स्मार्ट सिटी को खड़ा किया जाना वाकई में एक चुनौती से कम नहीं होगा।

कारोबारी और उद्योग जगत को भी निराशा हाथ लगी है, उन्हें जिस तरह की रियायतों की उम्मीद थी, सरकार ने ऐसा कुछ भी करने की मंशा फिलहाल जाहिर नहीं की है। सरकार ने हर वर्ग को कुछ न कुछ देने के प्रयास में बहुत बड़े वर्ग को खाली हाथ ही छोड़ दिया है। महिलाओं, युवा, स्टार्टअप जैसी योजनाओं के लिए सरकार के खजाने से कुछ खास नहीं निकल पाया। हां, लेकिन नर्मदा यात्रा के लिए सरकार ने दिल खोलकर पैसा देने की कोशिश की गई है। 1500 करोड़ रुपया नर्मदा किनारे पेड़ लगाने के लिए दिया गया है। नर्मदा यात्रा के दौरान की गई मुख्यमंत्री की घोषणाएं भी बजट में जगह पाने में कामयाब हो गई हैं। कुल मिलाकर बजट को चुनावी मोड़ का रिहर्सल कहा जाए तो कम नहीं होगा। 

सात नए मेडिकल कॉलेजों का भी प्रावधान किया गया है। यह सरकार की उस मंशा को जाहिर कर रही है कि वह चुनावों में नए मेडिकल कॉलेज का फायदा लेना चाहती है। वह पहले ही इस बात की वकालत करती रही है कि ज्यादा से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज छोटे—छोटे शहरों में खोले जाएं। जिससे आखिरी गांव तक मेडिकल सुविधा ज्यादा से ज्यादा मिल सके। यही वजह है कि सरकार ने अपने उस घोषणा को भी दोबारा इस बजट में सुनाया है जो वह पिछले बजट में भी कर चुकी थी कि हर जिला अस्पताल में कीमो थैरपी और डायलसिस की सुविधा होगी। हालांकि इस बार सरकार ने कहा कि यह सुविधा सभी जगह पर शुरू हो गई है।

कुल मिलाकर नर्मदा यात्रा और आनंद मंत्रालय से शुरू हुई सरकार की चुनावी तैयारी अब बजट में नजर आ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चौथी बार सत्ता संभालने के लिए मैदान में उतरेंगे। ऐसे में उन्हें अपनी चुनौतियों मालूम है तभी तो अभी से गांव की ओर वापस रुख कर लिया है। आखिर शिवराज गांव और गरीब के नेता बनकर ही तो तीन बार से सत्ता में काबिज हैं। अब देखते हैं यह बजट उन्हें और कितना मजबूत कर पाता है।


 mp budget 2017

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned