आयुष डॉक्टरों को एलोपैथी प्रेक्टिस का अधिकार देने में भेदभाव का विरोध शुरू

आयुष मेडिकल एसोसिएशन ने की निजी आयुष डॉक्टरों को भी अनुमति देने की मांग

भोपाल/ प्रदेश में शासकीय अस्पतालों में काम कर रहे आयुष डॉक्टरों को सरकार एलोपैथी में प्रैक्टिस की छूट दे रही है और जल्द ही 3 हजार 450 कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर - सीएचओ पद पर हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स पर भी इनकी नियुक्ति होने वाली है। जबकि प्राइवेट आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक प्रैक्टिस के अधिकार से वंचित कर रखा है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन ने इसे सरकार की भेदभावपूर्ण नीति बताते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया है।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय ने कहा कि सरकारी आयुष डॉक्टर हों या निजी, सभी की डिग्रियां समान हैं फिर कैसा भेदभाव? जबकि प्रदेश के ग्रामीण सुदूर अंचलों में लगभग 60 फीसदी स्वास्थ्य व्यवस्था निजी आयुष डॉक्टरों ने संभाल रखी है। डॉ पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और अनुरोध किया है कि, प्रदेश के तीस हजार निजी आयुष डॉक्टरों को भी तय सीमा में विशेष ट्रेनिंग देकर इमरजेंसी में एलोपैथिक प्रैक्टिस की छूट दी जाए।

सरकार द्वारा अपनी जरूरत के अनुसार केवल सरकारी डॉक्टरों की तुलना में प्राइवेट डॉक्टरों के साथ भेदभाव उचित नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार एलोपैथी की विशेष ट्रेनिंग निजी डॉक्टरों को भी देती है तो निजी आयुष डॉक्टर्स स्वयं पूरी फीस वहन कर सकते हैं।

आज से ऑनलाइन स्टूडेंट अटेंडेंस सिस्टम से होगी विद्यार्थियों की हॉजिरी - राज्य शिक्षा केन्द्र ने जारी किए निर्देश

प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में सोमवार से ऑनलाइन स्टूडेंट अटेंडेस सिस्टम से विद्यार्थियों की उपस्थिती दर्ज की जाएगी। राज्य शिक्षा केन्द्र ने इसके लिए खासतौर पर एप विकसित कर जिले में उपलब्ध कराया है। केन्द्र ने आदेश दिए हैं कि सोमवार से इस एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जानी है।

प्रदेश के स्कूलों में अब तक विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की सीधी मॉनीटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद राज्य शिक्षा केन्द्र ने एसओएस (स्टूडेंट अटेंडेस सिस्टम) एप विकसित कराया। एम शिक्षा मित्र को डाउनलोड करके शिक्षक शाला दर्पण माड्यूल के माध्यम से शाला में पदस्थ विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे।

प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या को देखते हुए एप को इस तरह विकसित किया गया है कि एप को ऑफलाइन यूज किया जा सकेगा, इसमें इस तरह की सेटिंग हो सकेगी कि नेटवर्क एरिया में आते ही डेटा स्वत: ही अपलोड हो जाएगा।

सुनील मिश्रा
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