वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में CM से बोले अफसर- सर, चार लिखना भूल गया

वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में CM से बोले अफसर- सर, चार लिखना भूल गया
CM Shivraj singh

मुख्यमंत्री ने अफसरों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभियान का क्रियान्वयन पूरी गंभीरता और व्यवस्थित रूप से करें।

भोपाल. 'सर, वास्तव में सही आंकड़ा, चार हजार 800 है। टाइपिंग मिस्टेक के कारण सिर्फ 800 लिखा रह गया, इसके आगे चार भी लिखना था।' गुरुवार को आगर-मालवा कलेक्टर डीबी सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह गलती स्वीकार की। मुख्यमंत्री गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामोदय से उदय भारत अभियान की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कलेक्टर, कमिश्नरों से सीधे बात भी की। मुख्यमंत्री ने एक-एक कलेक्टरों से चर्चा करते हुए अभियान का फीडबैक लिया। धार, मंदसौर, टीकमगढ़, अनूपपुर जिलों के कलेक्टरों द्वारा डाटा अपलोड नहीं करने पर सीमए ने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अफसरों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभियान का क्रियान्वयन पूरी गंभीरता और व्यवस्थित रूप से करें। अभियान में जनप्रतिनिधियों के सम्मान, संवाद और सहभागिता पर विशेष ध्यान दें। यह अभियान अब हर वर्ष आयोजित किया जाएगा।  यह विकेन्द्रीकरण का ऐसा प्रयोग है जिसमें जनता को निर्णय लेना है।

पीएमओ भी उत्सुक 
सीएम ने कहा कि देशभर में यह अभियान 10 दिनों का है, मध्यप्रदेश में यह 45 दिन चल रहा है। एेसे में पूरे देश की निगाहें मध्यप्रदेश पर हैं, पीएमओ भी उत्सुक है कि मध्यप्रदेश में एेसा क्या हो रहा है। अभियान की विस्तृत रिपोर्ट पीएमओ भेजी जाएगी। 

कलेक्टरों से इस तरह हुए सवाल-जबाव 
1. राजीव शर्मा (शाजापुर)- ग्राम सभाएं बुलाई थीं, पर कुछ जगह ग्रामीणों की उपस्थिति कम रही। 
सीएम : प्रचार-प्रसार में कमी रही होगी, एेसा नहीं होना चाहिए, ग्राम सभाओं की बैठक फिर से बुलाएं। 
2. ज्ञानेश्वर पाटिल (बैतूल): आदिवासी परिवारों में महिला की संपत्ति मामले में दिक्कतें सामने आ रहीं है। नियम आड़े आ रहे हैं। 
सीएम : जरूरत पड़ी तो नियम को भी बदलने का प्रयास होगा, जिससे अधिक से अधिक आदिवासी महिलाओं को लाभ मिल सके। 
3. नागर गोजे मादन विभीषन (दतिया)- सर, जिले में हम्माल, तुलावाटी सहित अन्य लोगों को भी हम परिचय पत्र दे रहे हैं। सीएम : बेहतर प्रयास है, इस तरह के प्रयोग अन्य जिलों को भी करना चाहिए। 

मंत्रियों के बाद आया अफसरों का नम्बर  
ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सीएम शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने बुधवार को मंत्रियों से फीडबैक लिया। निर्देश के बाद भी कुछ मंत्री ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर नहीं गए तो सीएम ने नाराजगी भी जताई। सीएम ने गुरुवार को लापरवाह अफसरों को फटकार लगाई, वहीं बेहतर काम करने वालों की पीठ भी थपथपाई। 

ये निर्देश भी दिए सीएम ने 
-अभियान में वातावरण निर्माण के विशेष प्रयास करें। 
-प्रदेश स्तर पर तीन जिले, संभाग स्तर पर तीन विकासखंड तथा जिलास्तर पर तीन ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा। 
-अभियान में किए गए कार्यों की समय से रिपोर्टिंग करें। 


पेयजल समीक्षा: गिना दी तमाम समस्याएं
भोपाल . प्रदेश में गहराए पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एसीएस राधेश्याम जुलानिया ने कलेक्टर-कमिश्नरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा की। जुलानिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिलों के छोटे-छोटे काम जिलों में ही निपटा लिए जाएं, बिजली कंपनी को निर्देश दिए कि नलजल योजना का बिजली कनेक्शन न काटा जाए। यह कहकर नहीं बचा जा सकता कि बिजली नहीं थी, या फिर बजट के अभाव में दिक्कत आ रही है।  मौके पर मौजूद पीएचई के सचिव पंकज अग्रवाल और मुख्य सचिव के सचिव विवेक अग्रवाल ने कलेक्टरों की श्ंाकाओं का समाधान भी किया। 

कलेक्टरों से बातचीत
1. राजीव दुबे (शिवपुरी) - परियोजना के तहत नगर पालिका की फाइल अनुमति के लिए फाइल भेजी गई थी। अनुमति का इंतजार है। 
2. विवेक अग्रवाल (पीएस टू सीएम) - अनुमति दे दी गई है आप काम शुरू करा दें। 
3. डीबी सिंह (आगर-मालवा) - राशि की जरूरत है, अनुमति मांग गई है। 
4. जुलानिया (एसीएस) - पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी। पंचायत के पास पर्याप्त राशि है। आप काम कराएं।
5. भोंडवे संकेत शांताराम (होशंगाबाद) - पेयजल के लिए पाइप की कमी है।
6. जुलानिया (एसीएस) - जो भी कमी है, दूर की जाएगी। 
( छतरपुर, नौगांव कलेक्टर ने 10-10 फीट गहरे बोर की अनुमति मांगी। कार्य के अनुसार अनुमति की बात कही गई।)

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