तीन एजेंसियों की लापरवाही से एक्सीडेंटल जोन बना लालघाटी चौराहा

बैरागढ़ जाने के लिए बीआरटीएस की डेडीकेटेड लेन में घुस रहे वाहन

भोपाल. शहर में निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से चौक-चौराहे एक्सीडेंटल जोन में तब्दील हो रहे हैं। इसी कड़ी में लालघाटी चौराहे का नाम जुड़ गया है। यहां एनएचएआई ग्रेड सेपरेटर तैयार कर रहा है। चारों ओर फुटपाथ पर गुमठियों और ठेलों के कब्जे हैं, जिन्हें हटाने में नगर निगम फैल है। यातायात पुलिस ने केवल हेलमेट चेकिंग पॉइंट बना रखा है। सबसे ज्यादा परेशानी बैरागढ़ की तरफ जाने वाले रास्ते पर है। डायवर्जन व्यवस्था ठीक नहीं है, जिससे वीआईपी रोड, कलेक्ट्रेट और सिंगारचोली की तरफ से बैरागढ़ जाने वाले वाहन कभी बीआरटीएस तो कभी डेडीकेटेड लेन में घुसते हैं। चौराहे पर कंस्ट्रक्शन के कारण मौजूदा मार्गों में से किसी को कभी भी बंद कर वैकल्पिक मार्ग चालू कर दिया जाता है। दूसरा बढ़ा कारण चौराहे के बड़ा तालाब, सिंगारचोली और भूत बंगला किनारे पर बेजा अतिक्रमण हैं, जिससे वाहन चालक बैरागढ़ जाने वाले मार्ग का चयन करने में भ्रमित हो जाते हैं। 6 महीने में करीब 50 लोग दुर्घटना का शिकार हुए हैं, जिनमें से 5 की जान जा चुकी है। इसी मार्ग पर आईपीएस हरिनारायणाचारी सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बचे थे।

शहर के ये चौराहे पहले से हंै समस्याग्रस्त
व्यापमं चौराहा: 11 माह पूर्व एमपी नगर थाने के सामने की रोटरी नगर निगम ने तोड़ दी थी। इसके बाद चौराहे का वेटिंग एरिया बढ़ गया। वेटिंग में उपयुक्त जगह पर मार्र्किंग नहीं होने और सिग्नल टाइमिंग से वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। वहीं, चालक चौराहे में जगह अधिक होने से मनमाने तरीके से चौराहा पार करते हैं। ऐसे में आए दिन हादसे होते हैं।

राजभवन रोटरी: राजभवन से बाणगंगा की तरफ उतरने वाले मार्ग पर सीपीए ने रोटरी बनाकर गलती कर दी। मैनिट ने ये गलती पकड़ी, लेकिन सीपीए ने सुधार की बजाय यहां डिवाइडर बनाकर समस्या को और बढ़ा दिया। पहले जिस रोड से वाहन मुड़ते थे, वहां अब छोटी सी दिवारनुमा रोटरी बन गई है। अब अंधेरे में इससे टकराकर वाहन चालक गिर रहे हैं।

सीपीए को राजभवन रोटरी में सुधार के जो सुझाव दिए थे उनका पालन नहीं किया। शहर में अंडर कंस्ट्रक्शन साइट पर सबसे ज्यादा ध्यान देने पर कई बार जोर दिया है। पुलिस और प्रशासन को रूट डायवर्जन के बारे में विस्तृत जानकारियां भी दी लेकिन इनका पालन नहीं होता।
सिद्धार्थ रोकड़े, ट्रैफिक एक्सपर्ट
लालघाटी सेपरेटर की जानकारी विभागों को देते हैं। डायवर्जन रूट पर कर्मचारी भी हैं।
एमएल पुरबिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
राजभवन रोटरी के मामले में मैनिट के हिसाब से परिवर्तन किए गए थे। उन्होंने दोबारा इसे चेक करने का वक्त नहीं दिया।
दीप जैन, ईई, सीपीए

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