ट्रेप में पकड़े गए बाबू का बस स्टॉप पर हुआ एक्सीडेंट, डॉक्टरों ने बताया ब्रेन डेड

Pravendra Tomar

Publish: Feb, 15 2018 03:23:09 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
ट्रेप में पकड़े गए बाबू का बस स्टॉप पर हुआ एक्सीडेंट, डॉक्टरों ने बताया ब्रेन डेड

सूचना मिलने के बाद कलेक्ट्रेट के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल पहुंचे...

भोपाल। लोकायुक्त द्वारा चार दिन पूर्व ट्रेप किए गए गोविंदपुरा सर्किल के बाबू राजेन्द्र राजपूत का गुरुवार की सुबह 5 नम्बर बस स्टॉप के पास एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट के बाद राजपूत को नर्मदा अस्पताल ले जाया गया।

इलाज के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस संबंध में सूचना मिलने के बाद कलेक्ट्रेट के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी नर्मदा अस्पताल पहुंच गए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बाबू राजपूत को लोकायुक्त ने 3000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। बताया जा रहा है कि पांच नंबर स्टॉप पर आए दिन एक्सीडेंट होते हैं। यहां पर सिग्नल ना होने के कारण दुर्घटनाएं जैसे आम हो गई हैं।

ये है मामला...
गोविंदपुरा एसडीएम कार्यालय के बाबू राजेंद्र राजपूत को लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना की टीम ने तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाबू ने एसडीएम अदालत द्वारा जारी अवैध निर्माण संबंधी एक नोटिस को समाप्त करने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी, जिसकी पहली किस्त फरियादी दे चुका था। बताया जा रहा है कि फरियादी इसके पहले ही दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत के मामले में लोकायुक्त पुलिस से पकड़वा चुका है।

जानकारी के मुताबिक अयोध्या नगर बायपास निवासी बालमुकुंद साहू नामक व्यक्ति का दामखेड़ा में करीब 35 डेसीमल जमीन पर ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है। इस जमीन पर कथित रूप से अवैध निर्माण को लेकर राजधानी के लोकायुक्त संगठन के दफ्तर के सामने स्थित गोविंदपुरा एसडीएम की अदालत से नोटिस जारी हुआ था।

इस मामले में आठ फरवरी को सुनवाई हुई थी। अगली सुनवाई 15 फरवरी को थी। इस बीच बालमुकुंद से एसडीएम दफ्तर में पदस्थ प्रवाचक (रीडर) राजेंद्र राजपूत ने प्रकरण समाप्त कराने के लिए बातचीत की और 'खर्चे-पानी' के लिए पांच हजार रुपए मांगे।

बताया जाता है कि बालमुकुंद ने नौ फरवरी को राजेंद्र की मांग की राशि में से दो हजार रुपए दे दिए थे और तीन हजार रुपए 12 फरवरी को देने की बातचीत हुई थी। इसी दौरान बालमुकुंद ने लोकायुक्त में शिकायत की। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए सोमवार को फरियादी व टीम लोकायुक्त दफ्तर में एकत्रित हुए।

मध्या- में डीएसपी वीके सिंह व साधना सिंह अपनी टीम के साथ पैदल ही गोविंदपुरा एसडीएम कोर्ट पहुंचे। उनके आगे बालमुकुंद ने राजेंद्र राजपूत से बातचीत करते हुए एसडीएम ऑफिस में उसकी सीट के पास रिश्वत की शेष तीन हजार रुपए की राशि थमा दी। इस पर तुरंत लोकायुक्त पुलिस के दो सदस्यों ने राजेंद्र के हाथ पकड़ लिए और धुलवाए तो रंग छूट गया।

दो पुलिसकर्मियों को भी पकड़वा चुका है फरियादी...
बालमुकुंद पहले भी दो पुलिसकर्मियों को अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते पकड़वा चुका है। करीब ढाई साल पहले उनके ट्रक के एक्सीडेंट के मामले में जब अयोध्या नगर पुलिस थाने का हवलदार चालान पेश करने के लिए रिश्वत मांग रहा था, तब उसे ढाई हजार रुपए लेते हुए पकड़वाया था। इसी तरह नो एंट्री में हर महीने पांच सौ रुपए रिश्वत मांगने पर ट्रैफिक पुलिस के एएसआई को भी करीब डेढ़ साल पहले लोकायुक्त पुलिस से पकड़वाया था।

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