महाकाली और गौरव में एक ही संचालक, बोर्ड कर दिया बहाल, शिकायत की तो जवाब दिया उल्टा


- शिकायतकर्ता ने पूछा सदस्यों पर क्या कार्रवाई हुई, उपायुक्त ने छह माह पूर्व का आदेश को पुन: दोहरा दिया, हद हो गई मनमानी की

भोपाल. भू माफिया बनी गृह निर्माण सोसायटियों में इस कदर मनमानी है कि अफसरों को पता होने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे। उल्टा भंग हो चुके बोर्ड को बहाल कर दिया। जीता जागता उदाहरण सामने आया है गौरव गृह निर्माण सोसायटी में। जहां संगीता दुबे गौरव और महाकाली में संचालक के पद पर हैं, वहीं एक और सदस्य नरेंद्र सोनी जो गौरव में संचालक के पद पर हैं और महाकाली में सदस्य हैं। इनके खिलाफ शाहपुरा थाने में एफआईआर दर्ज है। यही नहीं महाकाली के बैंक खाते की डिटेल में नरेंद्र के द्वारा लाखों का रुपए का अहारण किया गया है। ये किस मद में किया गया और किन परिस्थतियों में किसी को पता नहीं है। क्योंकि इन सोसायटियों का पिछले 10-10 साल से ऑडिट नहीं हुआ है। इन सोसायटी के पीछे दिनेश त्रिवेदी का हाथ बताया जा रहा है जो वर्तमान में महाकाली गृह निर्माण सोसायटी के उपाध्यक्ष हैं। पूर्व में मंदाकिनी और सितारा के संचालक रहे हैं। हद तो तब हो गई जब शिकायतकर्ता विवेक दीक्षित ने सदस्यों पर कार्रवाई को लेकर अफसरों से जानकारी मांगी तो उन्होंने इसका जवाब तो दिया नहीं। ये बताया कि गौरव गृह निर्माण की रजिस्ट्री पर रोक लगी है।

कुल ग्यारह लोगों का एक बोर्ड होता है। गौरव गृह निर्माण सोसायटी में आठ लोगों का बोर्ड था। इसमें से अनीता विष्ट पर हुई एफआईआर के बाद सदस्यता खत्म कर दी गई। दो संचालक जयेश मदान और विनय मदान ने अपना इस्तीफा ये कहकर दिया था कि उन्होंने चुनाव में भाग ही नहीं लिया है। वे कैसे संचालक बन गए इसका उन्हें पता ही नहीं है। इसमें से पांच लोग बचे हुए थे। न्यायालय संयुक्त पंजीयक ने पांच सदस्यों के बोर्ड को बहाल कर दिया। जबकि नियमानुसार आधे से एक छह लोग होने पर बोर्ड बहाल होता है। इसके अंदर दो लोग नरेंद्र सोनी और संगीता दो सोसायटियों में संचालक हैं। इनमें से किसी एक पर कार्रवाई होते ही ये बोर्ड फिर भंग हो जाएगा।

बोर्ड बहाल कर प्लॉट बेचने की जुगत
सोसायटी नियमानुसार बोर्ड भंग की स्थिति में समिति में प्लॉटों की खरीद बिक्री की रजिस्ट्री मान्य नहीं होती है। चुंकि वर्तमान उपायुक्त सहकारिता बबलू सातनकर की पत्नी के नाम पर गौरव में प्लॉट का मामला उजागर हो चुका है। शिकायतकर्ता विवेक दीक्षिक का कहना है कि बोर्ड बहाल कर गौरव की रजिस्ट्रियों में हेरफेर करने और प्लॉट बेचने की प्लानिंग हो सकती है। हालांकि गौरव की रजिस्ट्री पर कलेक्टर द्वारा रोक लगाई गई है।

कार्रवाई के निर्देश दिए हैं

दो लोगों के दो सोसायटी में पदों पर रहने के संबंध में शिकायत मिली है। उपायुक्त को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नरेश पाल, आयुक्त, सहकारिता

मैं परीक्षण करा रहा हूं ं
मेरे पास गौरव और महाकाली में एक ही व्यक्ति दो पदों पर है इसकी शिकायत आई है, मैं इसका परीक्षण करा लूं फिर आगे की कार्रवाई करता हूं। जवाब के बारे में जानकारी करता हूं।

बबलू सातनकर, उपायुक्त सहकारिता

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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