संस्कृत हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है, इसके उत्थान के लिए सरकार आगे आए

संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा-

By: Bharat pandey

Published: 03 Jan 2020, 07:39 AM IST

भोपाल। संस्कृत प्राचीन भाषा है, जो हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव इस तरह की शिक्षा हमारे संस्कृत में है। अगर माता पिता अपने बच्चों को इस तरह की शिक्षा देंगे तो बुढ़ापा अच्छा गुजरेगा। इसके लिए जरुरी है, संस्कृत को बढ़ावा दिया जाए। संस्कृत केवल बोलचाल की भाषा न बन जाए, बल्कि इसका उत्थान भी हो। इसके लिए सरकार को भी आगे बढऩा चाहिए।

यह बात जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सिंधु भवन में शिक्षा विभाग के महर्षि पतंजलि संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय संस्कृत शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ मौके पर कहीं। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित थे। जगदगुरु ने कहा संस्कृत एक समृद्ध भाषा है।

संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति एवं परम्परा का ज्ञान अधूरा है। संस्कृत को जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है। संस्कृत भाषा के कई शब्द हिन्दी सहित अन्य कई भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। शब्दकोष संस्कृत से ही बढ़ता है। भाषा के माध्यम से ही मनुष्य सोचता है। इसलिए जरुरी है सोचने की भाषा के लिए समृद्ध बनना चाहते है तो संस्कृत आवश्यक है।

संस्कृत के शब्द हर भाषा में मिलेंगे। संस्कृत पढऩे वाले जो बच्चे है, उन्हें रामायण, महाभारत के श्लोक मिलेंगे, इससे ज्ञान में वृद्धि होगी। इस मौके पर शासकीय कन्या आवासीय संस्कृत विद्यालय की छात्राओं ने संस्कृत भाषा में जगदगुरू शंकराचार्य का परिचय दिया। प्रदेश भर के विद्यालयों से आए शिक्षकों को अरविंदो सोसायटी पुंडुचेरी के डायरेक्टर संपदानंद मिश्रा द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

समर्थ रामदास स्वामी की चरण पादुकाएं 8 को आएंगी भोपाल
समर्थ रामदास स्वामी महाराज की चरण पादुकाएं 8 जनवरी को भोपाल पहुंचेगी। समर्थ सेवा मंडल के रामदासी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में राम नाम संकीर्तन के साथ सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक भ्रमण करेंगे। दत्त मंदिर अरेरा कॉलोनी में 9 से 15 जनवरी तक रोजाना शाम 6 बजे से कीर्तन सेवा होगी। इसमें कीर्तनकार मकरंद बुआ रामदासी रहेंगे।

भिक्षा और पादुका पूजन काय्रकम 9 जनवरी को आदर्श नगर, दानिश नगर, 10 जनवरी को गौतम नगर, कस्तुरबा नगर, अशोका गार्डन में, 11 जनवरी को चूना भट्टी कोलार रोड, डीके हनी होम्स, 12 को अयोध्या बायपास, पिपलानी, इंद्रपुरी, कर्मवीर नगर, शक्ति नगर, साकेत नगर, अवधपुरी आदि क्षेत्रों में होगा। इसी प्रकार 13 जनवरी को कोटरा, नेहरू नगर, गीतांजलि, शास्त्रीनगर, तुलसी नगर, न्यू मार्केट, 14 को अरेरा कॉलोनी, बघीरा अपार्टमेंट, शालीमार और 15 जनवरी को गुलमोहर, भरत नगर, त्रिलंगा, रोहित नगर आदि क्षेत्रों में पादुकाओं का भ्रमण होगा।

 

Bharat pandey Desk
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