सपाक्स-अजाक्स आमने-सामने, मुश्किल में भाजपा-कांग्रेस

सपाक्स-अजाक्स आमने-सामने, मुश्किल में भाजपा-कांग्रेस

Anil Chaudhary | Publish: Sep, 12 2018 07:24:01 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

- मैदानी भिड़त के हालात

भोपाल. विधानसभा चुनाव के दो महीने पहले प्रदेश में सपाक्स और अजाक्स समाज मैदान में आमने-सामने आ गए हैं। अजाक्स ने 23 सितंबर और सपाक्स ने 30 सितंबर को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करना तय किया है। इसके चलते भाजपा-कांग्रेस के लिए चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। सपाक्स और अजाक्स जिलास्तर पर बैठकें कर रहे हैं। इनमें अजाक्स ने 23 सितंबर को छह लाख से ज्यादा समर्थक जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सोशल मीडिया पर तेजी से मैसेज चलाए जा रहे हैं। इसी तरह सपाक्स ने भेल दशहरा मैदान पर बड़ा आयोजन रखा है। इसमें भी छह लाख से ज्यादा सवर्ण समाज के लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।


- ओबीसी पर तकरार
अजाक्स और सपाक्स दोनों के बीच अब ओबीसी को लेकर तकरार के हालात बन गए हैं। प्रदेश में अजा-जजा और सामान्य वर्ग की लड़ाई में निर्णायक वर्ग ओबीसी है। प्रदेश में 52 फीसदी ओबीसी वोट बैंक माना जाता है, लिहाजा सपाक्स और अपाक्स दोनों इस वर्ग को अपने साथ मान रहे हैं। अजाक्स ने अन्य पिछड़ा वर्ग यूनाइटेड फ्रंट संगठन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह के हवाले से ओबीसी वोटबैंक अपने पक्ष में होने का दावा किया है। अजाक्स ने ओबीसी वोट बैंक के लिए ही अपने एजेंडे में ओबीसी को 52 फीसदी आरक्षण नौकरी में देने की मांग को प्रमुखता से शामिल किया है। दूसरी ओर सपाक्स ने ओबीसी वोटबैंक को अपना बताया है। सपाक्स ने अपने घोषणा-पत्र में इसे शामिल करने के साथ अन्य प्रशासनिक मुद्दों को भी शामिल करना तय किया है।

- अब आरक्षण हितैषी का बॉयकाट
अजाक्स ने सोमवार को सवर्ण समाज के प्रत्याशी का चुनाव में बॉयकाट करने का ऐलान किया था। इसके जवाब में मंगलवार को सपाक्स ने चुनाव में दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के ऐसे प्रत्याशियों का बायकॉट करने का ऐलान किया, जो आरक्षण व एट्रोसिटी एक्ट के पक्ष में रहे हैं। यह बॉयकाट विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में होगा। इसकी जद में प्रारंभिक रूप से भागीरथ प्रसाद, थावरचंद गेहलोत, रामविलास पासवान व रामदसा आठवाले के नामों का जिक्र आया है।


- अब राष्ट्रीय संगठन बनेगा सपाक्स
प्रदेश से जन्मे सपाक्स समाज संगठन ने अब अखिल भारतीय संगठन बनाना तय किया है। इसके तहत दिल्ली में दीपेंद्र दुके को सपाक्स अध्यक्ष बनाया गया है। हरियाणा, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में इसी हफ्ते प्रांतीय अध्यक्ष नियुक्त कर दिए जाएंगे। इसके बाद इन सभी प्रदेशों के अध्यक्षों की बड़ी बैठक होगी, जिसके बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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