scriptsarthak portal hacked | ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल हैक कर बढ़ा दी कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्या | Patrika News

ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल हैक कर बढ़ा दी कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्या

भानपुर स्थित आयुष्मान भारत अस्पताल के कर्मचारी का कारनामा, फर्जी मरीजों के नाम पर लाखों रुपए के भुगतान की आशंका

भोपाल

Updated: February 17, 2022 01:40:23 am

भोपाल. अब तक मोबाइल हैक और पर्सनल आईडी हैेक के ही मामले सामने आते थे, लेकिन अब सरकारी सार्थक पोर्टल को हैक करने का मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल के कम्प्यूटर ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल को हैक कर अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर पोर्टल पर दर्ज कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही विभाग ने अस्पताल से पूछताछ की तो भर्ती मरीजों की संख्या 237 से 123 हो गई। जानकारी अनुसार मामला भानपुर क्षेत्र में स्थित आयुष्मान भारत मल्टीकेयर हॉस्पिटल का है। यह अस्पताल आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध है और यहां कोविड मरीज भर्ती किए जाते रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी मरीजों के एवज में अस्पताल को लाखों रुपए का भुगतान भी हुआ होगा। हालांकि अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि अस्पताल को कितना भुगतान किया गया।
ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल हैक कर बढ़ा दी कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्या
ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल हैक कर बढ़ा दी कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्या
छोटा सा अस्पताल, कुल मरीजों के दस फीसदी भर्ती
मामले की जानकारी तब लगी जब स्मार्ट सिटी स्थित कोविड कंट्रोल रूम के एक्सपर्ट ने पोर्टल पर अस्पताल में अब तक भर्ती मरीजों की संख्या देखी। मरीजों की संख्या के अनुसार इस अस्पताल में शहर के कुल मरीजों के दस फीसदी मरीज भर्ती थे। इतनी संख्या को देख एक्सपर्ट को शक हुआ और छानबीन की तो मामला पकड़ में आया।

ऑपरेटर ने सार्थक पोर्टल हैक कर बढ़ा दी कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्याअब कम हो गई संख्या
मामला सामने आते ही इस गड़बड़ी को ठीक किया गया और अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 123 रह गई जो कि सुबह तक 237 थी। अब अस्पताल प्रबंधन ने आईडीएसपी कार्यालय में एक आवेदन देकर नया लॉगिन पासवर्ड मांग कर मामले को दबाने की कोशिश की है।

अस्पताल बोला-ऑपरेटर की गलती
मामले में अस्पताल प्रबंधन मान रहा है कि उनके यहां यह गड़बड़ी हुई है। प्रबंधन का कहना है कि कम्प्यूटर ऑपरेटर ने यह गड़बड़ी की और जैसे इस मामले की जानकारी मिली तो हमने उसे नौकरी से निकाल दिया। मामले का खुलासा सोमवार को हुआ लेकिन अब तक सीएमएचओ कार्यालय द्वारा कोई जांच समिति का गठन नहीं किया गया।
हमारे पास सीधे तौर पर शिकायत नहीं आई है, इस मामले में स्मार्ट सिटी कार्यालय से कार्रवाई होगी। अगर फर्जी मरीजों के आधार पर बिल लगाए गए हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।
डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ
मामले में हम पहले ही स्पष्टीकरण और जानकारी दे चुके हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटर को भी हटा दिया गया है और नया लॉगइन पासवर्ड भी ले लिया है। यह एक छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी है।
डॉ. सोनू दांगी, डायरेक्टर, आयुष्मान भारत मल्टीकेयर हॉस्पिटल

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