स्कूली बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से जाना पड़ता था स्कूल

सड़क बनने से लोगों की राह हुई आसान, ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों को मिली राहत

भोपाल. राजधानी की सीमा से सटे पिपलिया रानी गांव के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। अब उन्हें मुख्य मार्ग मंडीदीप या कोलार आने-जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते से होकर नहीं जाना पड़ेगा। वे अब फर्राटा भरते हुए कुछ ही समय में मेन रोड से जुड़ जाएंगे। दरअसल यह सब संभव हुआ है पिपलिया रानी गांव को मंडीदीप कोलार मुख्य मार्ग से जोडऩे से। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत यहां करीब 1 किलोमीटर डामर रोड का निर्माण कराया गया है। सड़क बनने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इसका सबसे अधिक फायदा छात्र-छात्राओं को होगा। अब उन्हें बरसात के दिनों में घुटने-घुटने कीचड़ से गुजरकर स्कूल जाने को विवश नहीं होना पड़ेगा।

सुरैया नगर पंचायत के सरपंच विजय पटेल ने बताया कि पिपलिया रानी से कोटरा और मंडीदीप आने जाने में गांव वालों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। खासकर बरसात के दिनों में तो इस रोड से आवागमन करना लोगों के लिए बड़ा मुश्किल होता था। यहां पक्की सड़क नहीं होने से बरसात के दिनों में गांव वाले एक तरह से गांव में ही कैद होकर रह जाते थे।

 

बारिश के उन चार महीनों के दौरान पिपलिया रानी का मेन रोड से सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट जाता था। सबसे अकि परेशानी तो बीमारी या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में उठानी पड़ती थी। सरपंच विजय ने बताया कि सड़क के अभाव में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। बरसात के 4 महीने में तो उनकी उपस्थिति बहुत कम रहती थी। ग्रामीणों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए पंचायत द्वारा लंबे समय से इस रोड को बनवाने की मांग की जा रही थी जिस पर अब जाकर काम हो पाया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई करीब 1 किलोमीटर सड़क पर लगभग 34 लाख की राशि खर्च की गई है। इसका लाभ रानी पिपलिया गांव की तकरीबन 1000 से अधिक आबादी को मिलेगा। इसके साथ ही इस मार्ग से आवागमन करने वाले वाहन चालकों का समय बचेगा। वाहन चालक आसानी से आवागमन कर सकेंगे। स्कूली बच्चे बिना किसी परेशानी के स्कूल आ जा सकेंगे।

Rohit verma Desk
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