इस वर्ष 2020 में इन राशियों पर पड़ेगी शनि की साढ़ेसाती की मार, जानिये सभी राशियों पर शनि का इस साल का प्रभाव

आपके कार्यों और कर्मों के आधार पर न्याय...

भोपाल। शनि Shani को ज्योतिष में सबसे अधिक अनिष्टकारी ग्रह माना जाता है। हालांकि, यह हमेशा सच नहीं होता है, शनि Shanidev आपके कार्यों और कर्मों के आधार पर न्याय करता है। यदि आप अच्छे कर्म करते हैं, तो यह निश्चित रूप से आपको उसका फल प्रदान करता है।

हां आपके अच्छे कर्मों का परिणाम आने में देरी जरूर हो सकती है, लेकिन यह निश्चित रूप से आपको प्राप्त होता है। साढ़े साती shani sadesati मानव जाति के लिए हमेशा से ही भय और उत्सुकता भरा विषय रहा है। शनि साढ़े साती लोगों को अच्छे और बुरे दोनों तरह के समयों का अनुभव कराती है।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार शनि shani मूल रूप से आपके धैर्य की परीक्षा लेते हुए आपको आपके कर्मों का फल देता है। अतः हम शनि को एक "न्यायधीश" की तरह मान सकते हैं जो हमें हमारे कर्मों के अनुसार फल देता है।

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पुराणों के अनुसार शनि Saturn को सूर्य और छायां का पुत्र और यमराज एवं यमुना का भाई माना गया है। शनि shanidev का रंग नीला माना गया है। यदि यमलोक के “अधिपति” यमराज हैं, तो शनि को वहां का 'दंडाधिकारी' कहा जाता है।

इस वर्ष यानि 2020 में भी शनि effects of shani in 2020 सभी 12 राशियों पर अपने स्तर से प्रभाव छोड़ेंगे। ऐसे में जनवरी 24, 2020 से न्याय के देवता शनि धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में आ गए हैं। यहां 11 मई से 29 सितंबर के बीच शनि का मकर राशि में वक्री अवस्था में संचार होगा। अंतिम माह दिसंबर में शनि ग्रह अस्त होगा जिससे इसका प्रभाव सभी राशियों पर थोड़ा कम होगा। इस साल मकर, धनु राशि और कुम्भ राशि के ऊपर शनि की साढ़े साती का मुख्य रूप से प्रभाव रहेगा। शनि Saturn मुख्य रूप से मकर और कुंभ राशि का स्वामी कहलाता है।


शनि गोचर : 2020 का प्रभाव Saturn Transit Affect ...
पंडित शर्मा के अनुसार इस वर्ष 11 मई 2020 से 29 सितम्बर 2020 तक शनि मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर करेगा। वहीं इसी वर्ष शनि 27 दिसम्बर 2020 को अस्त भी हो जाएंगे, जिससे शनि के प्रभाव कुछ कम हो जाते हैं।

धनु और मकर राशि में पहले से ही शनि shani की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा था। अब कुम्भ राशि पर भी शनि की साढ़े साती का पहला चरण शुरु हो जाएगा। शनि मकर और कुम्भ दो राशियों के स्वामी हैं। शनि की दो राशियों में से एक राशि मकर में शनि का गोचर होने जा रहा है और शनि की दूसरी राशि कुम्भ शनि की स्वराशि और मूल त्रिकोण राशि है।

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आपकी राशि पर प्रभाव / असर : Effect on your zodiac signs

1. शनि गोचर Saturn Transit 2020 मेष राशिफल ( चू , चे, चो, ला, ली, लू , ले, लो, अ ) ...
शनि दशम और एकादश भाव का स्वामी हो कर (शनि गोचर 2020) मेष राशि से दशम भाव में ही गोचर करेगा। दशम भाव कर्म का भाव हैं और शनि भी कर्म का स्वामी हैं।

असर: इस गोचर में आपकी मेहनत और संघर्ष बहुत बढ़ जाएगा। नये काम के लिए सोच रहे हैं तो अप्रैल तक कर लें क्योंकि 11 मई से शनि के वक्री होने की वज़ह से नये काम में रुकावट आ सकती हैं और जिस लाभ की आशा कर रहे थे वह भी समय से नहीं मिल पाएगा।

इसके साथ ही आपकी सेहत के हिसाब से ये वर्ष सामान्य रहेगा। कोई त्वचा से जुड़ी बीमारी परेशान कर सकती है इसलिए लापरवाही न करें।

ये भी खास: शनि के पराक्रम भाव में गोचर करने से आपके अंदर उत्साह की कोई कमी नही रहेगी और किसी भी काम को आप बिना डरे करेंगे। माता-पिता का सहयोग पूर्ण रुप से बना रहेगा और आप उनके साथ धार्मिक यात्रा के लिए जा सकते हैं। घर से जुड़े किसी कार्य में धन का खर्च हो सकता है और आपका अपने घर का सपना भी इस शनि के गोचर में अवश्य सफल होगा।

उपाय: इस दौरान महाराज दशरथ कृत नील शनि स्तोत्र का पाठ करें और शनिवार के दिन संध्या काल में पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

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2. शनि गोचर 2020 Saturn Transit 2020 वृषभ राशिफल ( ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू , वे, वो) ...

शनि गोचर 2020 में शनि नवम और दशम भाव का स्वामी हो कर वृषभ राशि से नवम भाव में ही गोचर करेगा।

असर: शनि का भाग्य स्थान में गोचर होने से पिता के साथ कुछ मतभेद हो सकता है। आपको उनकी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। कार्य-स्थल में मेहनत अधिक होने के बाद लाभ के आसार कम नज़र आ रहे हैं। सब्र और धैर्य से ही काम करें तो बेहतर रहेगा।

प्रमोशन के बारे सोच रहे हैं तो ये शनि का गोचर अभी और इंतज़ार करवाएगा। नई नौकरी के लिए भी साल की शुरुआत ही बेहतर रहेगी साल के मध्य में आ कर कोई बदलाव न करें। इस वर्ष आलस को भी अपने से दूर रखें, नहीं तो कल पर काम टालने की आदत से कुछ महत्वपूर्ण कार्य हाथ से निकल जाएंगे। राहू का भी वाणी भाव में गोचर करने से आपको बहुत ही सोच समझ कर अपनी वाणी का प्रयोग करना होगा और कोई भी ऐसा वादा न करें जिसे आप समय पर पूरा न कर पायें।

उपाय: किसी जानकार की सलाह पर टेस्ट के बाद विशेष रूप से उत्तम गुणवत्ता वाला नीलम रत्न शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में पंचधातु या अष्टधातु की अंगूठी में धारण करें और शनि मंत्र का जाप करें।

 

3. शनि गोचर 2020 मिथुन राशिफल (का, की, कू घ, ड़ ,छ, के को, हा) ...

शनि गोचर Saturn Transit 2020 के दौरान शनि अष्टम और नवम भाव का स्वामी हो कर मिथुन राशि से अष्टम भाव में ही गोचर कर रहा है।

असर: इस वर्ष शनि का प्रभाव आपके कर्म भाव पर रहेगा, जिस वजह से कार्य-स्थल में देरी के साथ रुकावट बनी रहेगी और अष्टम भाव में शनि का प्रभाव होने से अचानक ही परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं।

आर्थिक स्थिति भी कुछ कमजोर नज़र आ रही है और धन से जुड़े कार्य में भी ये शनि आय व लाभ में कमी करेगा।

ये भी खास : ये वर्ष विदेश यात्रा के लिए बेहतर रहेगा और वहां से जुड़े सभी कार्य समय पर बनेंगे। यदि बीते वर्ष में ज़मीन से जुड़े किसी वाद-विवाद से अब तक जूझ रहे थे तो इस वर्ष वहां से भी निज़ात मिलती नज़र आ रही है।

शनि के आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करने से कभी–कभी खुद को भ्रमित सा महसूस करेंगे। अगर किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय ऐसा हो तो किसी सीनियर की सलाह लें लें या कुछ समय के लिए टाल दें तो बेहतर रहेगा।

उपाय: शनिवार का व्रत रखें इसके अलावा फिर शनि प्रदोष का व्रत भी आप रख सकते हैं। इसके अतिरिक्त शनिवार के दिन काले कपड़े पहनने से बचें।

4. शनि गोचर Saturn Transit 2020 कर्क राशिफल (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे डो) ...

कर्क राशि में Saturn Transit शनि गोचर 2020 के दौरान शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी हो कर कर्क राशि से सप्तम भाव में ही गोचर करेगा। इस वर्ष आलस को अपने से दूर ही रखें क्योंकि आलसी लोगों को शनि शुभ फल नही देते हैं।

असर: साल की शुरुआत में व्यापार से जुड़े कुछ ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, जो आप बीते वर्ष में नही ले पा रहे थे। विदेश से जुड़े भी ऐसे प्रोजेक्ट मिलेंगे जिससे आपको लाभ मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान अवश्य रखें और वाहन भी बेहद सावधानी से चलाना आवश्यक होगा।

साल के मध्य में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें कोई पुरानी बीमारी परेशान कर सकती है। बिलकुल भी लापरवाही न भी बरतें। किसी से वाद-विवाद भी हो सकता हैं जिसको सुलझाने में आपका धन खर्च हो सकता है, सावधान रहने की जरुरत है।

ये भी खास : इस वर्ष किसी महिला मित्र की वज़ह से आपको फायदा होगा। आपके घर में किसी तरह की साज़-सजावट पर धन का खर्च हो सकता हैं जिसमें आपके परिवार वाले आपको पूर्ण रुप से सहयोग देंगे।

उपाय: हर शनिवार को सरसों का तेल किसी लोहे अथवा मिट्टी के बर्तन में भरकर उसमें अपनी शक्ल देखकर छाया पात्र दान करें साथ ही ग़रीबों की यथासंभव सहायता करें।

 

5. शनि गोचर 2020 Saturn Transit सिंह राशिफल (मा ,मी, मू ,मो, टा, टी, टू, टे) ...

सिंह राशि में शनि गोचर 2020 के दौरान शनि षष्टम और सप्तम का स्वामी हो कर सिंह राशि से षष्टम भाव में ही गोचर कर रहे हैं।

असर: यह शनि आपको इस वर्ष सही दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देगा और आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाने में पूरी मदद करेगा। शनि गोचर 2020 के अनुसार इस वर्ष आपकी मेहनत और संघर्ष बहुत बढ़ जाएगा जिससे आप खुद को बहुत व्यस्त महसूस करोगे।

ये भी खास: किसी ज़मीन में निवेश करने की सोच रहे हैं तो बहुत ही सोच समझ कर करें, नहीं तो वर्ष के मध्य में आपके साथ धोखा हो सकता है। नौकरी से जुड़ा कोई बदलाव कर रहे हैं तो साल के मध्य में नही करें।

किसी अच्छे पद की चाहत में जल्दबाज़ी न करें, संयम से ही चलेंगे तो प्रमोशन भी मिलेगा। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं दिखाई दे रही हैं। किसी पुरानी बीमारी की वज़ह से मानसिक तनाव बना रहेगा। कोई पुराना रुठा हुआ साथी वापिस आ सकता हैं, जिससे आपको अपनापन मिलेगा।

उपाय: शनिवार के दिन साबुत काली उड़द का दान करें और संभव हो तो पीपल वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक संध्या काल में जलाएं साथ ही पीपल वृक्ष की सात परिक्रमा करें।

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6. Saturn Transit शनि गोचर 2020 कन्या राशिफल (टो ,पा,पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) ...

शनि गोचर 2020 Saturn Transit effect के दौरान कन्या राशि में शनि पंचम और षष्टम भाव का स्वामी हो कर कन्या राशि से पंचम भाव में ही गोचर कर रहा है।

असर: शनि के इस गोचर से आप इस वर्ष किसी रुकी हुई शिक्षा को दोबारा शुरु कर सकते हैं या किसी शोध में भी खोज कर सकते हैं। शनि की स्थिति आपकी सोच को गंभीर बना देगी, जिससे आप बहुत ही गहराई में जा कर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।

शनि गोचर 2020 के अनुसार व्यापार को लेकर इस वर्ष कुछ भ्रम सा बना रहेगा और नये कार्य को लेकर भी कशमकश बनी रहेगी। कर्मचारियों के बीच मतभेद भी हो सकता हैं।

ये भी खास: कोई पुराना सरकारी कार्य अटका हुआ था वह भी इस वर्ष पूरा होगा। माता-पिता का पूर्ण रुप से आपको सहयोग मिलेगा। किसी महंगी भौतिक वस्तु पर आपका धन खर्च हो सकता हैं। आप अपनी महिला मित्र के लिए आभूषण भी ख़रीद सकते हैं। वाहन और घर से जुड़े खर्चे के लिए साल के मध्य का समय बेहतर नही है।

उपाय: शनि प्रदोष का व्रत करने के साथ ही शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके साथ ही उसमें पांच दाने साबुत उड़द के डालकर रखें।

 

7. शनि गोचर 2020 Saturn Transit effects तुला राशिफल (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)...

तुला राशि में शनि गोचर 2020 के दौरान शनि चतुर्थ और पंचम भाव का स्वामी हो कर तुला राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा।

असर: तुला राशि वालों को इस वर्ष व्यापार में शनि नये अवसर देगा लेकिन किसी तरह का अहम आपके लिए नुकसान का कारण भी बन सकता है। अगर विदेश से जुड़े किसी प्रोजेक्ट का इंतज़ार कर रहे थे तो आपको उसके मिल जाने से लाभ की प्राप्ति होगी।

ये भी खास: किसी के कहने से कोई बड़ा निवेश न करें और न ही वर्ष के मध्य में भूमि में निवेश के बारे में सोचें। शनि के वक्री होने से माता से भी किसी तरह का मतभेद बना रहेगा। क्योंकि इस वज़ह से आपको मानसिक रुप से भी कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।

इस वर्ष छोटी-छोटी यात्राओं का योग भी बना हुआ है और सितम्बर के बाद विदेश यात्रा का सपना भी सच होगा। किसी तरह का वाद-विवाद होता दिखाई दे तो आप समय रहते ही दूरी बना लें तो आपके लिए बेहतर रहेगा।

उपाय: किसी ज्योतिष के जानकार की सलाह पर उत्तम गुणवत्ता वाला नीलम रत्न धारण करें, परंतु पहले नीलम का परीक्षण अवश्य कर लें। यह रत्न पंचधातु या अष्टधातु की अंगूठी में शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करें। इसके अतिरिक्त आप कटहैला रत्न भी धारण कर सकते हैं।

8. शनि गोचर Saturn Transit effects 2020 वृश्चिक राशिफल (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) ...

शनि गोचर 2020 के दौरान वृश्चिक राशि में शनि तृतीय और चतुर्थ भाव का स्वामी हो कर वृश्चिक राशि से तृतीय भाव में गोचर करेगा। इस शनि के गोचर से आपके ऊपर चल रही साढ़े साती अब समाप्त हो जाएगी।

असर: शनि गोचर 2020 के अनुसार इस वर्ष आप कुछ आलस सा महसूस करेंगे और अगर काम को कल पर टालने की सोचेंगे तो नुकसान भी आपका ही होगा। साल के मध्य में माता से किसी बात को लेकर वाद-विवाद हो सकता है।

ये भी खास: व्यापार में कोई नया काम करने की सोच रहे हैं तो यह समय कार्य के लिए बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति भी सामान्य बनी रहेगी और कार्य में आर्थिक स्थिति को लेकर कोई रुकावट नहीं आएगी। किसी मित्र की सहायता से आपके रुके काम सुचारु रुप से बनने लगेंगे लेकिन उसी मित्र के साथ किसी नये काम की शुरुआत न करें। कोई पुरानी रुकी हुई शिक्षा इस वर्ष फिर से शुरु होगी और पूर्ण भी होगी।

उपाय: शनिवार के दिन चीटियों को आटा डालें और किसी धार्मिक स्थल की साफ सफाई का कार्य नियमित रूप से करें।

 

9. शनि गोचर 2020 Saturn Transit 2020 धनु राशिफल (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे) ...

धनु राशि में शनि गोचर 2020 के दौरान शनि दूसरे और तृतीय भाव का स्वामी हो कर धनु राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा।

असर : इस वर्ष कोई भी कार्य शुरु करना चाहें तो अपने आप पर पूरी तरह से ध्यान लगा कर ही करें, तभी यह शनि आपको सफलता दिलाएगा। शनि की साढ़े-साती का आखिरी चरण होने से ये शनि जाते जाते आपको सोने की तरह तपा कर उजला बना देगा।

व्यापार के लिए यह वर्ष बहुत मेहनत और संघर्ष भरा रहेगा, लेकिन इसका परिणाम भी बेहतर ही होगा। आर्थिक स्थिति के लिए यह गोचर कुछ तंगी लाएगा और धन से जुड़ी समस्या बनी रहेगी, लेकिन आपका कोई काम नही रुकेगा।

ये भी खास: ज़मीन से जुड़ा कोई फायदा ये शनि आपको दे सकता है। विदेश जाने का सोच रहे हैं तो इस वर्ष बहुत ही रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। पिता से आर्थिक मदद मिलेगी और माता का आशीर्वाद बना रहेगा। ये था शनि गोचर 2020 के अनुसार धनु राशि का राशिफल।

उपाय: शनिवार के दिन किसी काले कपड़े या काले धागे में धतूरे की जड़ धारण करें। इस जड़ को आप अपने गले अथवा बाज़ू में पहन सकते हैं। साथ ही हनुमान जी की उपासना करना भी फायदेमंद रहेगा।

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10. शनि गोचर 2020 Saturn effect मकर राशिफल (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) ...

शनि गोचर 2020 के समय मकर राशि में शनि मकर राशि और दूसरे भाव का स्वामी हो कर मकर राशि में ही गोचर कर रहा है।

असर: शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण शुरु हो रहा है। जिस से मानसिक परेशानी तो बनी रहेगी पर शनि के अपनी ही राशि में गोचर करने से इस मानसिक तनाव से लड़ने की प्रेरणा भी यही शनि ही देगा।

ये भी खास: इस गोचर से आपकी निर्णय शक्ति में संतुलन और गहराई आएगी और आपको अपनी नई मंज़िल मिलेंगी। व्यापार के लिए यह गोचर नए अवसर लाएगा और आर्थिक स्थिति में भी लाभ बना रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आने से आप विदेश जाने का सपना भी पूरा कर पाएंगे और अपना घर लेने की सोच रहे हैं तो वह सपना भी अवश्य पूरा होगा।

जीवन साथी के साथ कुछ मतभेद बना रह सकता है पर आप अपनी सूझबूझ से इस परेशानी से भी निज़ात पा लेगे। साल के अंत में अपनी सेहत का ध्यान रखें किसी तरह की दुर्घटना का योग बन रहा है इसलिए वाहन भी बेहद सावधानी से चलाएँ।

उपाय: शनिवार के दिन बिच्छू जड़ी धारण करें जिसे आप किसी काले कपड़े में लपेट कर या सिल कर अपनी बाज़ू अथवा गले में पहन सकते हैं और इसके अतिरिक्त शनिदेव की आराधना भी लाभकारी रहेगी।

 

11. शनि गोचर 2020 Saturn Transit affect कुंभ राशिफल (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)...

शनि गोचर 2020 के दौरान कुम्भ राशि में शनि बारहवें और प्रथम भाव का स्वामी हो कर कुम्भ राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा। कुम्भ राशि वालों को शनि की साढ़े साती का प्रथम चरण शुरु होगा।

असर: जिससे आपकी राशि में संघर्ष व मेहनत बढ़ जाएगी और आपको अपनी जिंदगी की हकीक़त पता चलेगी। इस समय में आपके अपने दूर जाने लगेंगे और कुछ ऐसे रिश्ते करीब आएंगे, जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं था।

जीवन साथी के साथ किसी बात को लेकर दूरी हो सकती है। नये कार्य को करने से पहले किसी सीनियर की सलाह अवश्य ले लें। व्यवसाय में किसी बड़े निवेश के लिए सोच समझ कर ही आगे बढ़ें। नौकरी को बदलने के लिए साल के मध्य का समय बेहतर नहीं है।

ये भी खास: घर की साज़ सजावट में धन का खर्च होगा और आपका नये वाहन का सपना भी सच होगा।

उपाय: शनिवार से शुरू करके नियमित रूप से शनि देव के बीज मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जाप करें और शनिवार के दिन दिव्यांग जनों को भोजन कराना चाहिए।

12. शनि गोचर 2020 Saturn Transit effect मीन राशिफल (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) ...

शनि गोचर 2020 के दौरान मीन राशि में शनि एकादश और बारहवें भाव का स्वामी हो कर मीन राशि से एकादश भाव में ही गोचर करेगा।

असर: शनि का एकादश भाव में गोचर करने पर इसका पूर्ण प्रभाव आपकी राशि पर बना रहेगा। इस समय में आलस को अपने पर हावी न होने दें नहीं तो बहुत ही महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित रह जाओगे। व्यापार से जुड़े बहुत से नये अवसर आएंगे और आपको आगे बढ़ने का का मौका मिलेगा।

ये भी खास: इस वर्ष आप कुछ नया कर दिखाओगे। समाज में भी आपकी नई पहचान बनेगी। आपका वैवाहिक जीवन इस साल खुशहाल बना रहेगा और किसी नये साथी के जीवन में आने से आपके जीवन में ख़ुशियों की बहार आ जाएगी।

सेहत के हिसाब से यह गोचर बेहतर रहेगा पर आलस से दूर रहें। इस साल माता-पिता का सहयोग पूर्ण रुप से बना रहेगा और आपकी आर्थिक स्थिति में भी वह आपकी मदद करेंगे।

उपाय: शनिवार के दिन शुभ शनि यंत्र की पूजा करें और शनिवार के ही दिन ग़रीबों को मुफ्त में दवाई बांटे।

 

क्या है shani sadesati : शनि की साढ़े साती shani ki sade sati ...
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यदि शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के बारहवें, पहले, दूसरे और जन्म के चंद्र के ऊपर से होकर गुजरे तो उसे शनि की साढ़े साती कहते हैं। शनि के इस भ्रमण को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। इन तीनों अवधि में से दूसरा चरण व्यक्ति के लिए सबसे कष्टदायी माना जाता है।

Shani Dev

जन्म राशि: कुम्भ...
क्रम संख्या . साढे साती/ पनौती : शनि राशि : आरंभ तिथि : समाप्ति तिथि : चरण
1. साढ़े साती : मकर : शुक्रवार, जनवरी 24, 2020 : गुरुवार, अप्रैल 28, 2022 : उदय
2. साढ़े साती कुम्भ शुक्रवार, अप्रैल 29, 2022 मंगलवार, जुलाई 12, 2022 शिखर
3. साढ़े साती मकर बुधवार, जुलाई 13, 2022 मंगलवार, जनवरी 17, 2023 उदय
4. साढ़े साती कुम्भ बुधवार, जनवरी 18, 2023 शनिवार, मार्च 29, 2025 शिखर
5. साढ़े साती मीन रविवार, मार्च 30, 2025 बुधवार, जून 2, 2027 अस्त
6. साढ़े साती मीन बुधवार, अक्टूबर 20, 2027 बुधवार, फ़रवरी 23, 2028 अस्त
7. छोटी पनौती वृष बुधवार, अगस्त 8, 2029 शुक्रवार, अक्टूबर 5, 2029
8. छोटी पनौती वृष बुधवार, अप्रैल 17, 2030 रविवार, मई 30, 2032


शनि साढे साती shani sadesati : उदय चरण
यह शनि साढ़े साती का आरम्भिक दौर है। इस दौरान शनि चन्द्र से बारहवें भाव में स्थित होगा। आम तौर पर यह आर्थिक हानि, छुपे हुए शत्रुओं से नुक़सान, नुरुद्देश्य यात्रा, विवाद और निर्धनता को दर्शाता है। इस कालखण्ड में आपको गुप्त शत्रुओं द्वारा पैदा की हुई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सहकर्मियों से संबंध अच्छे नहीं रहेंगे और वे आपके कार्यक्षेत्र में बाधाएं खड़ी कर सकते हैं। घरेलू मामलों में भी आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते तनाव और दबाव की स्थिति पैदा होगी। आपको अपने ख़र्चों पर नियन्त्रण करने की आवश्यकता है, अन्यथा आप अधिक बड़े आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।

इस दौरान लम्बी दूरी की यात्राएं फलदायी नहीं रहेंगी। शनि का स्वभाव विलम्ब और तनाव पैदा करने का है। हालाँकि अन्ततः आपको परिणाम ज़रूर मिलेगा। इसलिए धैर्य रखें और सही समय की प्रतीक्षा करें। इस दौर को सीखने का समय समझें और कड़ी मेहनत करें, परिस्थितियाँ स्वतः सही होती चली जाएंगी। इस समय व्यवसाय में कोई भी बड़ा ख़तरा या चुनौती न मोल लें।

shani sadesati शनि साढे साती: शिखर चरण...
यह शनि साढ़े साती का चरम है। प्रायः यह दौर सबसे मुश्किल होता है। इस समय चन्द्र पर गोचर करता हुआ शनि स्वास्थ्य-संबंधी समस्या, चरित्र-हनन की कोशिश, रिश्तों में दरार, मानसिक अशान्ति और दुःख की ओर संकेत करता है। इस दौरान आप सफलता पाने में कठिनाई महसूस करेंगे।

आपको अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम नहीं मिलेगा और ख़ुद को बंधा हुआ अनुभव करेंगे। आपकी सेहत और प्रतिरक्षा-तन्त्र पर्याप्त सशक्त नहीं होंगे। क्योंकि पहला भाव स्वास्थ्य को दर्शाता है इसलिए आपको नियमित व्यायाम और अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है, नहीं तो आप संक्रामक रोगों की चपेट में आ सकते हैं।

साथ ही आपको मानसिक अवसाद और अज्ञात भय या फ़ोबिया आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। संभव है कि इस काल-खण्ड में आपकी सोच, कार्य और निर्णय करने की क्षमता में स्पष्टता का अभाव रहे। संतोषपूर्वक परिस्थितियों को स्वीकार करना और मूलभूत काम ठीक तरह से करना आपको इस संकट की घड़ी से निकाल सकता है।


शनि साढे shani sadesati साती: अस्त चरण
यह शनि साढ़े साती का अन्तिम चरण है। इस समय शनि चन्द्र से दूसरे भाव में गोचर कर रहा होगा, जो व्यक्तिगत और वित्तीय मोर्चे पर कठिनाइयों को इंगित करता है। साढ़े साती के दो मुश्किल चरणों से गुज़रने के बाद आप कुछ राहत महसूस करने लगेंगे।

फिर भी इस दौरान ग़लतफ़हमी आर्थिक दबाव देखा जा सकता है। व्यय में वृद्धि होगी और आपको इसपर लगाम लगाने की अब भी ज़रूरत है। अचानक हुई आर्थिक हानि और चोरी की संभावना को भी इस दौरान नहीं नकारा जा सकता है। आपकी सोच नकारात्मक हो सकती है। आपको उत्साह के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। आपको व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो बड़ी परेशानियां पैदा हो सकती हैं।

विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई पर थोड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें पिछले स्तर पर बने रहने के लिए अधिक परिश्रम की ज़रूरत होगी। परिणाम धीरे-धीरे और प्रायः हमेशा विलम्ब से प्राप्त होंगे। यह काल-खण्ड ख़तरे को भी दर्शाता है, अतः गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी अपेक्षित है। यदि संभव हो तो मांसाहार और मदिरापान से दूर रहकर शनि को प्रसन्न रखें। यदि आप समझदारी से काम लेंगे, तो घरेलू व आर्थिक मामलों में आने वाली परेशानियों को भली-भांति हल करने में सफल रहेंगे।

साढ़े साती shani sadesati effect या शनि दोष के उपाय....
: साढ़े साती के दौरान ग्रह शनि को खुश करने के लिए प्रत्येक शनिवार को भगवान शनि की पूजा करना सबसे अच्छा उपाय है।
: आप साढ़े साती के दोषपूर्ण प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिषीय सलाह लेने के बाद नीलम जैसे रत्न पहन सकते हैं।
: प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना भी उपयोगी हो सकता है।
: शनि ग्रह मंत्र को 80,000 बार सुशोभित करें।
: अपने दाहिने हाथ की मध्य उँगली में लोहे की अंगूठी पहनें, ध्यान रहे कि यह अंगूठी घोड़े की नाल से बनी होनी चाहिए।
: "शिव पञ्चाक्षरि" और महा मृत्युंजय मंत्र को पढ़ते हुए भगवान शिव की पूजा करें।
: शनिवार को गरीबों और जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र आदि दें। कला चना, सरसों का तेल, लोहे का सामान, काले कपड़े, कंबल, भैंस, धन आदि जैसी चीज़ों का दान किया जाना चाहिए।
: हर शनिवार तांबा और तिल के तेल को शनि देव पर चढ़ाएं।
: शनि देव को खुश करने के लिए हर शनिवार दूध या पानी डालें।
: रोज़ाना "शनि स्तोत्र" का पाठ करें।
: प्रतिदिन "शनि कवचम" का उच्चारण करें।
: कौवे को अनाज और बीज खिलाएं।
: काली चींटियों को शहद और चीनी खिलाएं।
: भिखारी और शारीरिक रूप से विकलांग को दही-चावल का दान करें।
: साढ़े साती की अवधि के दौरान किन गतिविधियों से बचना चाहिए?
: साढ़े साती एक ऐसी अवधि है जो मानव मन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

: शनि मंत्र: ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः। (40 दिनों में 19000 बार)
: शनि दान: शनिवार को भैंस या काले तिल का दान करें
: शनि के लिए व्रत: शनिवार को उपवास रखें
: शनि पूजा: हनुमान जी की पूजा करें
: शनि रुद्राक्ष: 14 मुखी रूद्राक्ष पहनें
: शनि जड़ी: धतूरे के जड़
: शनि रत्न: नीलम (लेकिन केवल किसी अच्छे जानकार की सलाह पर टेस्ट के बाद)

 

 

साढ़े साती shani sadesati steps चरण के दौरान हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए: -

: हमें किसी भी जोखिम से भरे कार्य को करने से बचना चाहिए।
: साढ़े साती के दौरान हमें घर पर या कार्य स्थल पर किसी भी तरह के तर्क-वितर्क से बचना चाहिए।
: ड्राइविंग करते समय हमें सतर्क रहना चाहिए।

: हमें रात्रि के समय अकेले यात्रा करने से बचना चाहिए।
: हमें किसी भी औपचारिक या कानूनी समझौते में फंसने से बचना चाहिए।
: हमें शनिवार और मंगलवार को शराब बिलकुल नहीं पीनी चाहिए।
: हमें शनिवार और मंगलवार को काले कपड़े या चमड़े के सामान खरीदने से बचना चाहिए।
: हमें किसी भी तरह के अवैध या गलत चीज़ों में भाग लेने से बचना चाहिए।

जानें साढ़े साती shani sadesati क्या है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार साढ़े साती, शनि ग्रह (नवग्रहों में से एक ग्रह) की साढ़े सात साल तक चलने वाली एक तरह की ग्रह दशा है। खगोलशास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौरमंडल में मौजूद सभी ग्रह एक राशि से दूसरे राशि में घूमते रहते हैं। इन सब में शनि ग्रह सबसे धीमी गति से घूमने वाला ग्रह है।

यह एक से दूसरी राशि तक गोचर करने में ढाई वर्ष का समय लेता है। गोचर करते हुए शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म राशि या नाम की राशि में स्थित होता है, वह राशि, उससे अगली राशि और बारहवीं स्थान वाली राशि पर साढ़े साती का प्रभाव होता है। तीन राशियों से होकर गुजरने में इसे सात वर्ष और छः महीने मतलब साढ़े सात वर्ष का समय लगता है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार इसे ही शनि की साढ़े साती के नाम से जाना जाता है।

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दीपेश तिवारी
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