भावांतर बंद करने पर शिव और सचिन में तकरार

भावांतर बंद करने पर शिव और सचिन में तकरार

Harish Divekar | Publish: Jan, 21 2019 08:34:42 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

- किसानों की योजना अब सियासत के केंद्र में

 

भोपाल. भावांतर भुगतान योजना के बंद होने की खबरों से सियासत गरमा गई है। ये तत्कालीन भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर भावांतर योजना बंद करने पर आपत्ति जताई है। शिवराज ने सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि सरकार को किसानों की चिंता है। उनको बोनस के जरिए फसल के उचित दाम दिए जाएंगे। भावांतर योजना किसानों को ठगने के लिए बनाई थी, जिसे सरकार बंद कर रही है।
- फ्लैट रेट देने से बचना चाहती है सरकार
शिवराज ने पत्र में लिखा है कि भावांतर बंद करने का फैसला ये बताता है कि सरकार किसानों को सोयाबीन और मक्का पर 500 रुपए प्रति क्विंटल का फ्लैट रेट देने से बचना चाहती है। इसी तरह किसानों को उड़द और मंूग पर भी फ्लैट रेट के भुगतान से बचना चाहती है। गेहंू को 2100 और धान को 2500 रुपए क्विंटल खरीदने की मंशा भी सरकार की नहीं है। शिवराज ने लिखा है कि ये आदेश उनकी सरकार ने जारी किए थे, जिसका पालन हर हाल में होना चाहिए। भावांतर योजना बंद की जाती है, तो किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
- किसान हितैषी होने का ढोंग
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि नई सरकार ने घोषित किया है कि वह केंद्र सरकार के घोषित समर्थन मूल्य के 1840 रुपए भाव से ही प्रदेश में गेहूं खरीदेगी। बोनस नहीं दिया जा रहा है। हमारी सरकार गेहंू के समर्थन भाव 1735 रुपए के साथ ही 265 रुपए राशि का अतिरिक्त बोनस मिलाकर 2000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदती थी। किसानों की हितैषी होने का ढोंग करने वाली कांग्रेस सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। यदि पिछली सरकार के अनुसार किसानों को बोनस नहीं दिया तो प्रदेश में किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। सचिन यादव ने गोपाल भार्गव के आरोपों पर कहा कि 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आते ही शिवराज सरकार ने किसानों को दिया जाने वाला 150 रुपए बोनस बंद कर दिया। 2018-19 के लिए धान के समर्थन मूल्य की खरीदी के लिए 200 रुपए की प्रोत्साहन राशि बंद कर दी गई। यादव ने कहा कि भाजपा नेता झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। यदि 2100 रुपए गेहंू और 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी का कोई आदेश हो तो वे सार्वजनिक करें।

- सरकार बना रही नई कृषि नीति
कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि भावांतर योजना के तहत किसानों के साथ छल किया गया है, इसलिए इसको बंद करने पर विचार हो रहा है। किसान हित की जो भी योजनाएं हैं, उनको चालू रखा जाएगा। क्योंकि, सरकार बदले की भावना से काम नहीं कर रही है। किसानों को 500 रुपए तक के बोनस पर विचार किया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और मंडियों में फसल बेचने के दौरान होने वाली परेशानी से बचाने के लिए नई कृषि नीति बना रही है। शिवराज सरकार ने किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति की है और कांग्रेस कृषि को हकीकत में फायदे का धंधा बनाना चाहती है।

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