कर्जमाफी पर शिवराज ने कमलनाथ से पूछे तीन सवाल

- किसानों को धोखा क्यों दिया
- सांवेर की वर्चुअल रैली को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

By: anil chaudhary

Published: 09 Jul 2020, 05:26 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार द्वारा की गई कर्जमाफी को लेकर कमलनाथ से तीन सवाल किए हैं। सीएम ने पूछा है कि क्या आपने सभी किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्जमाफ करने का वादा नहीं किया था? क्या कर्जमाफी की कोई समयसीमा तय की गई थी? क्या आपने ऐसा कहा था कि एक बैंक का कर्ज माफ करूंगा, दूसरे का नहीं? शिवराज ने बुधवार को सांवेर विधानसभा की वर्चुअल रैली में ये सवाल पूछे हैं।
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के वचन पत्र में पहला वचन कर्जमाफी का था। कांग्रेस ने कहा था कि हम हर किसान का दो लाख रुपए तक का हर तरह का कर्ज माफ करेंगे। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 दिन में कर्जमाफ करने की बात कही थी। सीएम ने कहा कि मैं कमलनाथ से यह पूछना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कर्जमाफी के लिए कोई शर्त रखी थी? उस समय हर तरह का कर्ज माफ करने की बात थी, तो बाद में अल्पकालीन फसलीय ऋण की बात कहां से आ गई। कर्जमाफी के लिए कोई कटऑफ डेट नहीं थी, तो बाद में वो 31 मार्च, 2018 कैसे हो गई? कांग्रेस के वचन पत्र में किसी खास बैंक के कर्ज की बात नहीं कही थी, तो फिर विशेष बैंकों की शर्त कहां से जुड़ गई? कमलनाथ ने सरकार बनाने के लिए कर्जमाफी के नाम पर झूठ बोला था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने सवा साल में सिर्फ छह हजार करोड़ का कर्ज माफ किया। इसके लिए भी सरकार ने सहकारी बैंकों की जान ले ली। इससे ज्यादा तो हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में किसानों को फसलों का मुआवजा दे दिया है। कमलनाथ सरकार ने धोखे से किसानों को डिफाल्टर बना दिया।

- पीएम की चेतावनी पर भी नहीं की तैयारी
चौहान ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेतावनी के बाद भी मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने कोरोना से मुकाबले के लिए कोई तैयारी नहीं की। कमलनाथ और दिग्विजय की जोड़ी ने प्रदेश को कोरोना से ग्रसित करने का महापाप किया है। इस उपचुनाव में एक तरफ देश और प्रदेश को लूटने वाले लोग हैं, तो दूसरी तरफ हमारे नेता नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने देश का मान बढ़ाया है। एक तरफ भाजपा है, तो दूसरी तरफ प्रदेश का बंटाढार करने वाली जोड़ी है।
- विकास को तवज्जो नहीं दी: तुलसी
मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मैंने सांवेर की विकास योजनाओं के बारे में कमलनाथ से चर्चा की थी, लेकिन वहां विकास को तवज्जो नहीं दी जाती थी।

 

Kamal Nath
anil chaudhary Desk
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