कोरोना संकट पर शिवराज ने बढ़ाई मजदूरी, मनरेगा मजदूरों को अब मिलेंगे 194 रुपए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि रोजी-रोटी के लिए लोगों को कार्य मिले तथा कोई भी व्यक्ति प्रदेश में भूखा न सोए।

By: Pawan Tiwari

Updated: 18 Apr 2020, 08:18 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा गाइड लाइन जारी कर संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुछ आर्थिक गतिविधियों को 20 अप्रैल से शुरू किए जाने की छूट दी गई है। सभी कलेक्टर इन गाइड लाइन्स का अच्छी तरह अध्ययन कर लें तथा इसका सख्ती से पालन करते हुए अपने जिले की परिस्थिति अनुसार इन गतिविधियों को प्रारंभ करवाएं। प्रदेश में कहीं भी कोरोना संक्रमण की कीमत पर कोई भी कार्य नहीं होना चाहिए।

इसमें कोई भी ढिलाई अक्षम्य होगी। अधिकारी इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि रोजी-रोटी के लिए लोगों को कार्य मिले तथा कोई भी व्यक्ति प्रदेश में भूखा न सोए। लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाए।

मनरेगा के कार्य कराएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को रोजगार प्रदान करने के लिए 20 अप्रैल से भारत सरकार की गाइड लाइन अनुसार मनरेगा के कार्य शुरू करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों के पास मनरेगा कार्ड नहीं है, उनके कार्ड बनवाए जाएं। बैठक में बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत प्रतिदिन मजदूरी की दर गत वर्ष 176 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 194 रुपये प्रति श्रमिक कर दिया गया है।

नियंत्रित रूप से हों औद्योगिक गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं से संबंधित उद्योगों की नियंत्रित रूप से गतिविधियां गाइड लाइन अनुसार 20 अप्रैल से प्रारंभ की जानी हैं। इसके लिए सभी कलेक्टर एवं संभाग आयुक्त अपने क्षेत्रों के उद्योग संचालकों से बात कर सुनिश्चित कर लें कि पूरी सोशल डिस्टेंसिंग एवं सभी सुरक्षात्मक उपायों के साथ उद्योग प्रारंभ हों। यथासंभव उनमें लगे मजदूरों की कार्य-स्थल पर ही रहने की व्यवस्था की जाए। निर्देशों का उल्लंघन होने पर संबंधित उद्यम /कंपनी बंद कर दी जाएगी।

जिला आपदा प्रबंधन समूह में निर्णय लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठकें नियमित रूप से हों। इन बैठकों में जिले की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाए कि गाइडलाइन में दिए गए कार्यों में से किन कार्यों को जिले में प्रारंभ कराया जाए, जिनसे संक्रमण फैलने का बिल्कुल खतरा न हो। जिलों में कार्यपालक दंडाधिकारियों को 'इंसिडेंट कमांडर' के रूप में अधिसूचित करें। हर जिले की आपदा प्रबंधन योजना हो। कोरोना में लगे अमले को विश्राम दिया जाए तथा सैकण्ड लाइन को कार्य में लगाया जाए।

जिले में न घुसने दें कोरोना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में अभी तक कोरोना संक्रमण नहीं हैं, वहां कलेक्टर सुनिश्चित करें कि उनके जिलों में कोरोना घुसे नहीं। ऐसा कोई भी कार्य ना हो, जिससे संक्रमण उनके जिले में आए।

सभी उचित मूल्य दुकानें खुलें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में सभी उचित मूल्य दुकान खुलें। किराना दुकानों को भी अधिकतम समय खोला जाए। कालाबाजारी किसी भी स्थिति में सहन नहीं होगी तथा इसके लिए कलेक्टर स्वयं जिम्मेदार होंगे। बाहर के मजदूरों के लिए भोजन, आवास की व्यवस्था कलेक्टर अपने जिले में सुनिश्चित करें।

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