शिवराज बोले- बलात्कारियों को तड़पा-तड़पाकर मारा जाए

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- मानवाधिकार इंसानों के लिए हैं, दरिदों के लिए नहीं

भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि मासूमों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को तड़पा-तड़पाकर मारा जाना चाहिए। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पशु चिकित्सक से बलात्कार के बाद उसे जिंदा जला देने की घटना के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज ने कहा, दुष्टों के साथ दुष्टता का ही व्यवहार होना चाहिए। मानवाधिकार इंसानों के लिए हैं, दरिंदों के लिए नहीं। राजस्थान के झालावाड़ में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे शिवराज ने यह बात मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि जो तकलीफ बेटी को दी गई, वही तकलीफ इन दरिदों को देकर इन्हें भी मार देना चाहिए।
शिवराज ने कहा, एक घटना होती है और उसके विरोध में कैंडल मार्च निकलते हैं और कुछ दिन बाद फिर जघन्य अपराधों का सिलसिला शुरू हो जाता है। संसद को मासूमों से बलात्कार के मामले में कड़ा कानून बनाना चाहिए।

सीजेआई से की मांग
उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से भी मांग करते हैं कि बलात्कार के मामले में कानून की लंबी प्रक्रिया के स्थान पर लोअर कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा की तत्काल पुष्टि करके अपराधी को फांसी की सजा दे दी जाना चाहिए।

27 को सुनाई गई फांसी की सजा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री था तो मासूमों से बलात्कार करने वालों को फांसी की सजा का कड़ा कानून बनाया था। 27 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई, लेकिन तकलीफ इस बात की है कि फांसी के फंदे पर एक भी नहीं लटक पाया है। न्याय प्रक्रिया में इतना समय बीत जाता है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। उन्होंने कहा इस कारण से कानून भी बेअसर हो जाता है।

कमलनाथ बोले- घटना निंदनीय
उधर, इंदौर के महू में एक मासूम बालिका से बलात्कार के बाद उसकी हत्या किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, घटना बेहद निंदनीय है। आरोपियों को शीघ्र पकडऩे के निर्देश दिए हैं। सरकार पीडि़त परिवार की हर संभव मदद करेगी।

रविकांत दीक्षित
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