'श्रम सिद्धि' अभियान की शुरुआत, ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति को मिलेगा काम

सीएम ने कहा- जॉब कार्ड बनवाकर सबको मिलेगा काम।

By: Pawan Tiwari

Published: 23 May 2020, 07:35 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को प्रदेश की हर पंचायत में 'श्रम सिद्धि' अभियान की शुरुआत वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस अवसर पर उन्होंने कुछ ग्राम पंचायतों के सरपंचों तथा मजूदरों से बातचीत कर ''श्रम सिद्धि'' अभियान की जानकारी दी तथा वहां चल रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं श्रमिकों को संबोधित भी किया। श्रम सिद्धि अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे मजदूर जिनके जॉब कार्ड नहीं है, उनके जॉब कार्ड बनवाकर, प्रत्येक मजदूर को काम दिलाया जाएगा।

श्रम सिद्धि अभियान में सबको काम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि श्रम सिद्धि अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति को कार्य दिया जाएगा। इसके लिए घर-घर सर्वे किया जाएगा तथा जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है उनके जॉब कार्ड बनाकर दिए जाएंगे। जो मजदूर अकुशल होंगे उन्हें मनरेगा में कार्य दिलाया जाएगा तथा कुशल मजदूरों को उनकी योग्‍यता के अनुसार काम दिलाया जाएगा।

आपसे मिलने की तड़प रहती है
मुख्यमंत्री ने सरपंचों एवं श्रमिकों से कहा कि मेरे मन में आप सबसे मिलने की तड़प रहती है। कोरोना के चलते मैं आपसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल पा रहा हूँ, इसलिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपसे चर्चा कर रहा हूं। आपके माध्यम से मैं जनता को संदेश दे रहा हूं कि मध्यप्रदेश की भूमि पर कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी प्रांत का हो, भूखा नहीं सोएगा तथा हर व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुरूप कार्य दिलाया जाएगा।

मजदूरों, किसानों, गरीबों की सहायता की
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान शासन द्वारा निरंतर प्रदेश के मजदूरों, किसानों, गरीबों आदि की निरंतर सहायता की गई। मजदूरों को उनके खातों में राशि भिजवाई गई, बच्चों को छात्रवृत्ति की राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को दो माह की अग्रिम पेंशन, सहरिया, बैगा, भारिया जनजाति की बहनों को राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, मध्यान्ह भोजन के रसाईयों आदि को राशि उनके खातों में अंतरित की गई। किसानों को फसल बीमा की राशि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण तथा गेहूँ उपार्जन की राशि उनके खातों में भिजवाई गई।

मजदूरों में मैं भगवान देखता हूं
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुझे मजदूरों, गरीबों, किसानों में भगवान दिखाई देते हैं। इनकी सेवा मेरे लिए भगवान की सेवा है। हमने विभिन्न प्रदेशों में फंसे हुए हमारे मजदूरों को प्रदेश लाने के साथ ही अन्य प्रदेशों के मध्यप्रदेश में आए तथा यहां से गुजरने वाले मजदूरों की भी पूरी सहायता की। मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाया, उनके लिए भोजन आदि की व्यवस्था प्रदेश में समुचित रूप से की गई। बार्डर पर प्रतिदिन 01 हजार बसें मजदूरों के लिए लगाई गई हैं। भारत सरकार की सहायता से मजदूर स्पेशल ट्रेनों से भी बड़ी संख्या में श्रमिक वापस आए हैं।

अपने गांव को कोरोना से सुरक्षित रखें
मुख्यमंत्री चौहान ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांव को कोरोना से सुरक्षित रखें। यह आपकी जिम्मेवारी है। ग्राम पंचायत में सभी मास्क लगाएं, एक-दूसरे के बीच कम से कम दो गज की दूरी रखें, बार-बार हाथ धोयें, स्वच्‍छता रखें तथा कहीं भी भीड़ न लगायें। बाहर से आए मजदूरों के साथ मानवीयता का व्यवहार करें। उनका अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण हो तथा 14 दिन के‍लिए उन्हें क्वारेंटाइन में रखा जाए।

मनरेगा में 21 लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार
अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की 22 हजार 809 ग्राम पंचायतों में से 22 हजार 695 में मनरेगा के कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में अभी तक 21 लाख एक हजार 600 मजदूरों को रोजगार दिया गया है, जो कि गत वर्ष की तुलना में लगभग दो गुना है।

Pawan Tiwari
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