एमपी में फिर मानवता शर्मसार, पूर्व सीएम ने उठाये सवाल

मानवता को शर्मसार करने वाली घटना

By: Hitendra Sharma

Updated: 30 Jun 2020, 12:48 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक आदिवासी महिला की मौत के बाद पहले एंबुलेंस नहीं मिली और फिर अंतिम संस्कार के बिना ही नदी में प्रवाहित करने का मामला सियासी होने लगा है। पत्रिका ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया था, अब पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कई सवाल किये हैं।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि 'शिवराज जी जब आप विपक्ष में थे तो ग़रीबों के अंतिम संस्कार को लेकर खूब दावे करते थे और कांग्रेस को खूब झूठा कोसते थे। आज आप सत्ता में हैं। आपकी सरकार की सच्चाई जान लें । सीधी ज़िले में एक आदिवासी परिवार की युवती की मृत्यु होने पर परिवार को माँगने पर ना शव वाहन मिला और ना अंतिम संस्कार के लिये आर्थिक मदद। पैसे नहीं होने पर , मजबूरी में परिवार ने शव को ठेले पर ले जाकर नदी में बहा दिया। कहाँ गयी आपकी अंतिम संस्कार की योजना ? मानवता को शर्मशार करने वाली इस ह्रदय विदारक घटना पर तत्काल दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो , परिवार की हर संभव मदद हो।'


दरअसल सरकारी दावों की पोल खोलते हुए पत्रिका ने मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना को प्रमुखता से उठाया था और जिम्मेदारों से सवाल भी किये थे। सीधी जिले में एक आदिवासी परिवार शव वाहन न मिलने पर रिक्शे ठेला के सहारे ही मृतिका का शव ले जाने को मजबूर होना पड़ा। यही नहीं मृतक परिजनों की गरीबी का आलम कुछ इस कदर था कि शव को दाह संस्कार करने के बजाय सोन नदी में प्रवाहित करना पड़ा। जबकि मध्य प्रदेश में जन्म से लेकर मृत्यु तक की सरकारी सहायता की योजनाएं चल रही हैं। सोचने वाली बात यह है जब शासन प्रशासन की मदद इतनी आसानी से मिल जाती है तो फिर आखिर इस परिवार को हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार को छोड़कर जल दाह क्यों करना पड़ा ?

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