SIT करेगी यौन शोषण कांड की पीड़िता की मौत की जांच, सीएम ने कहा- 'हम बेटी को नहीं बचा पाए ये दुर्भाग्यपूर्ण'

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुलाई उच्च स्तरीय मीटिंग, एसआईटी को सौंपी पीड़िता की मौत की जांच..

By: Shailendra Sharma

Published: 22 Jan 2021, 03:29 PM IST

भोपाल. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्यारे मियां यौन शोषण कांड की पीड़िता की मौत के बाद उच्चस्तरीय बैठक कर जमकर नाराजगी जाहिर की। सीएम ने पीड़िता की मौत की जांच एसआईटी से कराए जाने की बात कहते हुए कहा कि हम राजधानी में बेटी को नहीं बचा पाए, ये साधारण घटना नहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं दूसरी तरफ पूर्व सीएम ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

 

बैठक में सीएम ने जताई नाराजगी
प्यारे मियां यौन शोषण कांड की पीड़िता की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में उच्च अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सीएस, डीजीपी पीएस होम, पीएस मुख्यमंत्री , भोपाल कलेक्टर , आईजी , ओएससी मुख्यमंत्री मकरंद देउस्कर उपस्थित थे। जिन्हें फटकार लगाते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम भोपाल में बेटी को बचा नहीं पाए। यह साधारण घटना नहीं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें जो भी दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएम ने पीड़िता की मौत की जांच SIT से कराने की भी बात कही।

 

कमलनाथ ने साधा सरकार पर निशाना
वहीं पीड़िता की मौत के बाद से ही कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा बेहद निंदनीय, बेहद शर्मनाक..शिवराज सरकार में भांजियां कहीं भी सुरक्षित नहीं ? प्रदेश की राजधानी में यौन शोषण की शिकार मासूम बच्चियां बालिका गृह में भी सुरक्षित नहीं ? कितनी अमानवीयता , मृत पीड़िता को उसके घर तक नहीं जाने दिया, उससे अपराधियों जैसा व्यवहार ? उसके परिवार को अंतिम रीति- रिवाजों से भी वंचित किया गया, यह कैसी निष्ठुर व्यवस्था ? कहां हैं ज़िम्मेदार ? प्रदेश को कितना शर्मशार करेंगे ? मामला बेहद गंभीर है, मामले की सीबीआई जांच हो, बाकी बालिकाओं को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जावे।

 

नींद की गोलियां खाने से हुई पीड़िता की मौत, परिजन ने की CBI जांच की मांग
बता दें कि प्यारे मियां यौन शोषण केस की शिकार नाबालिग बेटी ने नींद की गोलियां खा लीं थीं और बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बच्ची का अस्पताल से ही श्मशान घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बच्ची के परिजन ने आरोप लगाया है कि वो बेटी के शव को घर ले जाना चाहते थे और फिर वहां से उसे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया। पीड़िता की मां व अन्य परिजन घर पर इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें बेटी के अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुए। परिजन ने घटना की सीबीआई जांच की मांग भी की है।

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