वन विहार पहुंचने वाले पर्यटकों का मंनोरंजन के साथ होगा ज्ञानवद्र्धन

 

- सांप बाड़े में व्याख्यान शुरू, अन्य वन्य प्राणियों

By: praveen malviya

Published: 14 Oct 2021, 09:42 PM IST

भोपाल. दुनिया में सांपों की 2500 से अधिक प्रजाति पाई जाती है, इनमें से केवल 20 फीसदी ही जहरीली होती हैं। इसमें भी भारत में मुख्य रूप से चार जहरीले सांप पाए, कॉमन करेत, कोबरा, रसेल वाइप और सॉ-स्केल्डवाईपर ही पाए जाते हैं। कुछ ऐसी रोचज और ज्ञानवद्र्धक जानकारियां वन विहार राष्ट्रीय उद्यान पहुंचने वाले पर्यटकों को मिल सकेंगी। वन विहार में सर्प व्याख्यान केन्द्र का शुभारंभ हुआ है जिसमें सर्पों के सम्बंध में जानकारी दी गई है।

वन विहार डायरेक्ट एचसी गुप्ता ने बताया कि, पार्क में पक्षी व्याख्यान केन्द्र, तितली व्याख्यान केन्द्र सहित वन विहार व्याख्या केन्द्र पहले से मौजूद हैं जिसमें पक्षी, तितलियों सहित कई वन्य प्राणियों की जानकारी पर्यटकों को मिल जाती है, लेकिन सांपों

के लिए व्याख्यान केन्द्र नहीं था। सांपों के बारे में आम नागरिकों में कई भ्रांतियां भी है, ऐसे में इस केन्द्र की जरुरत थी जिसके चलते वन बल प्रमुख ़एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक आरके गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी आलोक कुमार, वन संरक्षक भोपाल वृत्त रविन्द्र सक्सेना की उपिस्थित में सर्प व्याख्यान केन्द्र शुरू किया गया है।

वन विहार में सर्प व्याख्या केन्द्र में जानकारी प्रदर्शित की गई है, साथ ही सप्ताहांत में सर्प विशेषज्ञ दोपहर से शाम तक वन्य जीवों को देखने आने वाले पर्यटकों को सर्पों के बारे में जानकारी देंगे।

यह हैं सांपों से जुड़ी प्रमुख भ्रांतियों का निदान
- कोई भी सांप प्रतिशोध नहीं लेता, वह आत्मरक्षा के लिए ही काटता है।

- कोई सांप दूध नहीं पीता, नही नाग के पास पारसमणि होती है, न ही मूंछ या बाल होते हैं।
- सांप न तो संगीत सुनते हैं, न ही बीन की धुन पर नाचते हैं।

- सांप एवं गोयरा के फुस्कारने से जहर नहीं लगता।
- किसी भी सांप की पूछ में जहर नहीं होता, सांप की पलकें नहीं होती इसलिए वे एकटक देखते है जिसे देखकर ऐसी भ्रांति पाल ली गई कि वे सम्मोहित करते हैं।

praveen malviya Reporting
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