8 दिन में कंपोज होता था गीत, एक साल में तैयार हुई गीत रामायण, 37 भाषाओं में अनुवाद

जनजातीय संग्रहालय में गमक समारोह में गीत रामायण की प्रस्तुति

By: hitesh sharma

Updated: 30 Sep 2020, 11:27 PM IST

भोपाल। संस्कृति विभाग की ओर से जनजातीय संग्रहालय में गमक समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह के दूसरे दिन इंदौर के अभय माणके और साथी कलाकारों ने 'गीत रामायण' की प्रस्तुति दी। गीत रामायण मराठी भाषा का संगीत काव्य है। मराठी कवि गजानन दिगंबर माड् गुलकर रचित इस रचना को मराठी के गायक व संगीतकार सुधीर फड़के ने संगीतबद्ध किया है। इसका अनुवाद 37 भाषाओं में किया जा चुका है।

लगा मंगेश्कर भी गा चुकी हैं गीत
अभय ने बताया कि आकाशवाणी, पुणे के लिए इसकी रिकॉर्डिंग की गई थी। 1 अप्रेल 1955 से 19 मई 1956 तक हर सप्ताह एक गीत तैयार कर इसे संगीतबद्ध कर प्रसारित किया जाता था। इसे लगा मंगेश्कर, आशा भौंसल और वसंतराव देशपांडे जैसे दिग्गज सिंगर भी गा चुके हैं। इसके दोनों कलाकारों को इतना विवाद होता था कि 'गीत रामायण का रामायण' नामक किताब भी प्रकाशित हो चुकी है। क्योंकि हर सप्ताह दोनों के विवादों को देखते हुए आकाशवाणी में ऐसा माहौल हो जाता था कि सभी को लगता था कि इस बार नया गीत शायद ही बन पाए। गीत रामायण के हिंदी अनुवाद का श्रेय ग्वालियर के पंडित रूद्र दत्त मिश्रा को जाता है। देश-विदेश में मराठी और हिंदी गीत रामायण के 3556 कार्यक्रम हो चुके हैं। अभय ने बताया कि इसे सभी इंस्ट्रूमेंट के साथ रिकॉर्ड किया जाता था। जरा सी गलती होने पर इसे फिर से रिकॉर्ड करना पड़ता, क्योंकि उस समय एडिटिंग जैसी कोई सुविधा नहीं थी।

राग भैरवी में पेश किया रामायण के गीत सुनाना...
कार्यक्रम में अभय और उनके साथियों ने राग माण्ड में 'राम जन्म', राग बिहाग में 'सीता स्वयंवर', राग तोड़ी में 'राम वन गमन' व मिश्रित रागों में 'केवट प्रसंग', 'सेतु बंधन', 'राज्याभिषेक' आदि प्रसंगों को प्रस्तुत किया। राग भैरवी में 'रामायण के गीत सुनाना...' गीत के साथ प्रस्तुति को विराम दिया। प्रस्तुति में सहगायिका के रूप में अमृता मानके, तबले पर वैभव भगत, की-बोर्ड पर रवि सालके, हारमोनियम पर जितेंद्र शर्मा और झांझ-मंजीरा पर राजू पासखेड़े ने संगति दी।

hitesh sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned