शनि प्रदोष पर शिवालयों में विशेष शृंगार, हुई पूजा अर्चना

भोपाल
शिव पूजा के लिए विशेष माने जाने वाला प्रदोष व्रत शनिवार को था। शनिवार का दिन होने के कारण शनि प्रदोष का भी संयोग था। इस मौके पर शहर के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की आराधना की गई, विशेष शृंगार हुआ और पूजा अर्चना हुई। कई श्रद्धालुओं ने प्रदोष का व्रत भी रखा।

शनि प्रदोष के मौके पर शहर के बड़वाले महादेव मंदिर में भगवान वटेश्वर का विभिन्न प्रकार के फूलों से अलौकिक शृंगार किया गया। इसके पहले सुबह भगवान का रूद्राभिषेक किया गया और शाम को आकर्षक शृंगार हुआ। इसके बाद आरती और दर्शन का सिलसिला रात्रि तक चलता रहा। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। इसी प्रकार शहर के लालघाटी स्थित गुफा मंदिर, नेवरी स्थित मनकामेश्वर मंदिर, शिव भवानी मंदिर हबीबगंज सहित शहर के अन्य शिव मंदिरों में भी प्रदोष पर विशेष पूजा अर्चना की गई और धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस मौके पर मंदिर में विशेष शृंगार किया गया।

मुक्तेश्वर महाकाल का शृंगार
शहर के छोला विश्राम घाट स्थित मुक्तेश्वर महाकाल मंदिर में भी शनि प्रदोष के मौके पर भगवान मुक्तेश्वर महाकाल का अलौकिक शृंगार किया गया। यहां विभिन्न प्रकार के फूलों से भगवान मुक्तेश्वर का शृंगार हुआ। इस मौके पर विशेष पूजा अर्चना और महाआरती की गई। बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

शिव पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है यह दिन
शिव प्रदोष का दिन शिव पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा अर्चना करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामना पूरी होती है। हर माह प्रदोष व्रत दो बार आता है। जब भी यह शनिवार को आता है तो शनि प्रदोष और सोमवार को सोम प्रदोष का संयोग बनता है। शनि प्रदोष पर कई श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव की आराधना भी करते हैं। माना जाता है कि इस दिन शनिदेव की आराधना और पूजा अर्चना करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनि पीड़ा से मुक्ति मिलती है।

प्रवीण सावरकर Reporting
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