scriptSpecial conversation of the patrika with the Election Commissioner | देश में पहली बार होगा निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ, निर्वाचन आयुक्त ने ये बताई देरी की वजह | Patrika News

देश में पहली बार होगा निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ, निर्वाचन आयुक्त ने ये बताई देरी की वजह

- निर्वाचन आयुक्त बोले- हम बारिश में चुनाव कराने पूरी तरह से तैयार
- आयोग का दावा- वोटिंग प्रतिशत में नहीं आएगी कमी
- निर्वाचन आयुक्त से पत्रिका की खास बातचीत

भोपाल

Updated: June 13, 2022 08:33:43 am

भोपाल@अशोक गौतम

राज्य निर्वाचन आयोग लोगों के इस मिथक को तोडऩे जा रहा है कि बारिश में चुनाव नहीं होते। प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव के इतिहास में बारिश में कभी चुनाव नहीं हुए, जो कि आयोग कराने जा रहा है।

Election Commissioner
Election Commissioner

देश में यह भी पहली बार होगा, जब निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ हो रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह इस चुनाव को चुनौती और नवाचार के रूप में ले रहे हैं। 45 दिन में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। इस तरह के नवाचार और चुनौतियों से निपटने के संबंध में आयुक्त सिंह से पत्रिका ने विशेष बातचीत की।

आयोग ने तैयारी करके रखी थी-

सवाल: चुनाव में देरी के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं। आयोग को या सरकार को?
जवाब: चुनाव में देरी सरकार की तरफ से हुई। आयोग तो दो वर्ष पहले चुनाव कराने की तैयारी करके बैठा था। परिसीमन और आरक्षण को लेकर बार-बार निर्णय बदलते रहे। इससे चुनाव की प्रक्रिया पिछड़ती चली गई।

सवाल: बारिश में चुनाव कराए जा रहे हैं, आयोग में इसके लिए क्या तैयारी है?
जवाब: बारिश में चुनाव कराने को आयोग पूरी तरह से तैयार है। पंचायतों के चुनाव पहले कराए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में कर्मियों को आने-जाने की समस्या रहेगी, पर निकायों में नहीं। बूथों में बारिश से बचने पुख्ता व्यवस्था की गई है।

सवाल: क्या ये चुनाव बारिश तक टाले जा सकते थे?
जवाब: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन तय है। इसी समय सीमा में चुनाव कराने आयोग की जिम्मेदारी है।

तनाव में तो वे थे, जो बार-बार फोन कर रहे थे-

सवाल: बारिश में कम लोग वोटिंग के लिए निकलेंगे, ऐसे में क्या वोटिंग प्रतिशत कम होने की आशंका है?
जवाब: ये चुनाव स्थानीय स्तर के होते हैं। इसलिए मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लेते हैं। वोटिंग प्रतिशत कम नहीं होगा।

सवाल: 5 वर्ष में चुनाव होना अनिवार्य है। 7 वर्ष से ज्यादा समय से चुनाव नहीं हो पाए, इसका क्या कारण रहा?
जवाब: परिसीमन और आरक्षण करने का काम सरकार का है। जब सरकार यह काम पूरा करके आयोग को सूचित कर देती है तो आयोग को चुनाव कराने में ज्यादा समय नहीं लगता।

सवाल: कोर्ट ने जब दोनों चुनाव कराने के लिए आयोग को एक हफ्ते का समय दिया था, तो आप तनाव में दिख रहे थे?
जवाब: आपका आकलन गलत है। ये जगह (आयोग) ऐसी है, जहां तनाव नहीं होता। मैं तो बिल्कुल भी तनाव नहीं लेता। जो लोग बार-बार फोन कर रहे थे, वो तनाव में थे।

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