आदिवासियों से साहूकारी वसूली रोको, नहीं मानें तो जेल भेजो : सीएम

आदिवासियों से साहूकारी वसूली रोको, नहीं मानें तो जेल भेजो : सीएम
kamalnath news

Anil Chaudhary | Updated: 14 Aug 2019, 05:20:01 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

अफसरों पर गिरी गाज : दो पटवारी, नायब तहसीलदार और एक रेंजर सस्पेंड

भोपाल. आदिवासियों से जबरन कर्ज वसूली रोकें। सरकार आदिवासियों का बिना लाइसेंस वाला साहूकारी कर्ज माफ करने के लिए अध्यादेश लाने जा रही है। इसके तहत 15 अगस्त 2019 तक जितने भी साहूकारी कर्ज हैं, उनसे आदिवासियों को मुक्ति मिल जाएगी। गिरवी संपत्ति भी वापस मिलेगी। इसके बाद कोई जबरिया वसूली करता है तो तीन साल तक की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। यह बात मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनाधिकार कार्यक्रम में कलेक्टरों और संभागायुक्तों से कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजजा-जजा से जुड़े प्रकरणों में एफआइआर दर्ज करने से पहले भी ध्यान देना जरूरी है। गैर लाइसेंसी साहूकारों की जानकारी जुटाएं। इसके अलावा जन-धन खाते व आदिवासियों को वित्तीय साक्षरता पर भी बात हुई।

- इन्हें निलंबित कर दिया
कमलनाथ ने कटनी के रेंजर को मनरेगा के भुगतान में पांच महीने की देरी पर निलंबित कर दिया। एसडीओ के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए। वहीं, दतिया के दो पटवारी व नायब तहसीलदार को नामांतरण प्रकरण में छह साल की देरी पर निलंबित कर दिया। इसी तरह नरसिंहपुर में गेहूं प्रोत्साहन राशि में देरी पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

- जिलों में नहीं मिलते अफसर
कमलनाथ ने कहा कि मुझे लगातार शिकायत मिल रही है कि जिलों में अफसर नहीं मिलते। ऐसे में जो काम जिलों में हो जाना चाहिए, उसके लिए आदमी राजधानी तक आता है। कभी वह मंत्री के दरवाजे तो कभी मेरे पास तक आते हैं। जनहित से जुड़े कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलास्तर पर हल होने वाली समस्याएं यदि यहां तक आईं तो सख्त कार्रवाई होगी।

- मिलावट पर लें एक्शन
कमलनाथ ने मिलावट पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार इंदौर व भोपाल में कार्रवाई हो रही है, वैसी हर जिले व निचले स्तर तक होना चाहिए। केवल यह ध्यान रखना जरूरी है कि कहीं पर कोई सही व्यक्ति परेशान न हो। उन्होंने कहा कि दूध के साथ दूसरी खाद्य सामग्री की मिलावट पर भी सख्ती बरती जाए।

- अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश
कमलनाथ ने जिलास्तर के अफसरों को जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जांचने के लिए निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान देना होगा। गड़बड़ी पर सख्त एक्शन लें। कलेक्टर लापरवाही वाला रवैया छोड़ें, ये प्रदेश के हित में नहीं है। अब नई कार्य संस्कृति लाने का समय है। आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम से जनता का फीडबैक मिलता है, इसलिए अधिकारियों को जनता के लिए सहज उपलब्ध होना होगा।

 

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned