देश के सबसे अमीर इस मुख्यमंत्री के पास कभी कर्मचारियों को देने के लिए पैसे भी नहीं थे...

मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री...

भोपाल। मध्यप्रदेश में 15 साल के वनवास के बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने प्रदेश की बागडोर वरिष्ठ कांग्रेसी कमलनाथ के हाथ में सौंपी। जिसके चलते कमलनाथ ने पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही वे मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बन गए।

कमलनाथ 187 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ के मुख्यमंत्री बनते ही देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री भी बन गए। इससे पहले अभी तक 177 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अमीर मुख्यमंत्रियों में प्रथम स्थान पर थे। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में जमा किए गए शपथ पत्र के मुताबिक, कमलनाथ के पास कुल 187 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

संजय गांधी से दोस्ती...
कमलनाथ के पिता का नाम महेंद्र नाथ और माता का नाम लीला था। उनका जन्म 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हुआ था। प्रारंभिक पढ़ाई उन्होंने देहरादून के दून स्कूल से की जबकि स्कूल के बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से जुड़े सेंट जेवियर्स कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

दून स्कूल में ही पढ़ाई के दौरान कमलनाथ की संजय गांधी @SanjayGandhi से दोस्ती हो गई दी। जिसके चलते बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए।

एक समय ऐसा भी जब नहीं थे पैसे...
लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था, जब कमलनाथ @kamalnath के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं Hidden Story of KamalNath h थे। यह बात आपातकाल से पहले की है।

लेकिन आपातकाल के बाद भी इंदिरा गांधी @indiraGandhi की सरकार न बनने से कमलनाथ के लिए परेशानी वाले दिन खत्म नहीं हुए। ऐसे में उन्होंने स्थितियों का सही लाभ उठाते हुए कंपनी की जगह विरोधियों से उलझने पर ज्यादा ध्यान दिया।

कमलनाथ की डायरी का एक हिस्सा वरुण सेन गुप्त की किताब लास्ट डेज आफ मोरारजी राज में छपा है। इस किताब के मुताबिक चरण सिंह के साथ नजदीकी बढ़ाने में उनकी खासी भूमिका रही है।

उन दिनों वे सुरेश राम, भजन लाल, बीजू पटनायक, राजनारायण, चरण सिंह और इंदिरा गांधी के बीच पुल का कार्य कर रहे थे।

वहीं आपातकाल से पहले भी उनकी कंपनी ईएमसी लिमिटेड जमकर घाटे में चल रही थी। हालात इतने खराब हो गए थे कि कंपनी के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं थे। आपातकाल के दौरान कमलनाथ ने संजय गांधी की दोस्ती का फायदा उठाया और कई टेंडर हासिल किए थे।

इमरजेंसी के बाद हुए आम चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हारी तो इंदिरा गांधी भी अपना चुनाव हार गईं। इसके बाद ईएमसी कंपनी को दिए गए ठेके की जांच के लिए आयोग बनाया गया। जनवरी 1978 में इस आयोग की बैठक हुई थी। इसमें कुछ नहीं हुआ। बाद के सालों में आयोग का क्या हुआ यह भी पता नहीं चला।

अभी ये है कुल संपत्ति...
कमलनाथ के पास कुल 7.09 करोड़ की चल संपत्ति है, जबकि 181 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। इसमें परिवार इनके परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियां और ट्रस्ट भी शामिल हैं। कमलनाथ व उनके परिवार से जुड़ी 23 कंपनियां हैं।

वह छिंदवाड़ा जिले में 63 एकड़ जमीन के मालिक भी हैं। इनके पास दो गाड़ियां हैं, जिनमें से एक दिल्ली में रजिस्टर्ड एम्बेसडर क्लासिक कार और एक मध्य प्रदेश नंबर प्लेट वाली सफारी स्टॉर्म एसयूवी है।

Congress leader
Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned