MP के कोचिंग सेंटर में सूरत जैसे हालात, प्रशासन सख्त, कहा- निरस्त किए जाएंगे लाइसेंस

MP के कोचिंग सेंटर में सूरत जैसे हालात, प्रशासन सख्त, कहा- निरस्त किए जाएंगे लाइसेंस

KRISHNAKANT SHUKLA | Updated: 27 May 2019, 09:56:38 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

जांच में मिले सूरत जैसे हालात: एक भी कोचिंग में नहीं मिला इमरजेंसी एग्जिट, गैस सिलेंडर के पास बिजली के तारों का जाल

 

 

भोपाल. सूरत के कोचिंग संस्थान में लगी आग में विद्याथियों की मौत से राजधानी के कोचिंग प्रतिष्ठानों और हॉस्टलों ने कोई सबक नहीं लिया। रविवार को 48 प्रतिष्ठानों में हुए सर्वे में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां पकड़ में आईं। बहुमंजिला प्रतिष्ठानों में आकस्मिक स्थिति में निकलने के लिए एग्जिट गेट नहीं मिले, वहीं बेहद छोटी जगह में बनाई गई कैंटीन में एक या दो घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते हुए पकड़ा गया।

कई स्थानों पर इनके करीब बिजली के तारों के जाल लटकते मिले। टीमों ने अलग-अलग छापेमारी में इंद्रपुरी-सोनागिरी में 18, एमपी नगर जोन-टू व मानसरोवर में 16, अशोका गार्डन व रायसेन रोड पर 14 जगह सर्वे किया। जिला प्रशासन की तीन टीमों ने गंभीर खामियों की रिपोर्ट तैयार की है, जिस पर जल्द कार्रवाई होगी। एसडीएम, नगर निगम अधिकारी और शिक्षा विभाग के अफसरों के निर्देशन में कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

ऐसे जानलेवा खतरे के पास से रोज गुजरते हैं हजारों स्टूडेंट

टीम 1: एमपी नगर जोन-टू और मानसरोवर कॉम्प्लेक्स में संयुक्त कलेक्टर सुधीर नायक की टीम सुबह 11 बजे पहुंची। यहां ब्रांडेड कोचिंग संस्थानों में इमरजेंसी गेट नहीं हैं। कार्रवाई के डर से एक रोज पहले ही फायर सिस्टम लगाया गया। यहां कई खामियां मिली हैं। टीम में अक्षत बुंदेला, इफ्तेकार खान और सुधीर खांडेकर शामिल थे।

टीम 2: इंद्रपुरी, सोनागिरी, अवधपुरी एवं रायसेन रोड के लिए फायर ऑडिट टीम डिप्टी कलेक्टर शाश्वत मीणा के नेतृत्व में पहुंची और 18 हॉस्टल्स, कोचिंग का निरीक्षण किया। यहां फायर एक्सटिंग्यूशर ही नहीं थे, कुछ जगहों पर एक्सपायरी डेट के पाए गए। तीन हॉस्टल्स में एक गलियारे में ही मीटर सहित डीपी और पूरी वायरिंग थी।

टीम 3: अशोका गार्डन, बैरागढ़ एवं करोंद की जांच के लिए उपायुक्त राजस्व संजू कुमारी और एसडीएम मनोज उपाध्याय की टीम ने प्रभात चौराहे से रायसेन रोड और स्टेशन रोड पर बने संस्थानों की जांच की। यहां घरेलू गैस सिलेंडर बरामद हुए। संचालकों और विद्यार्थियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय बताए गए।

टीम 4: एमपी नगर जोन-वन, मालवीय नगर और न्यू मार्केट की जांच टीम में राजेश गुप्ता एडीएम, राजीव सिंह तोमर संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा, अवनीश चतुर्वेदी जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग और अपर आयुक्त मयंक वर्मा हैं, लेकिन ये टीम लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी की वजह से कार्रवाई पर नहीं गई।

अनुशंसा पर कार्रवाई जल्द

कोचिंग संस्थान और हॉस्टलों की जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद मौके पर तस्दीक रिपोर्ट बनाई जा रही है। इसमें कोचिंग संस्थानों के पते, मौके की स्थिति, नियमों की अवहेलना का ब्योरा और संचालकों के नाम पते दर्ज किए जा रहे हैं। गड़बड़ी करने वाले मामलों में बिजली-नल कनेक्शन काटने, लाइसेंस निरस्त करने और पुलिस कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है। सर्वे और छापों की कार्रवाई के बाद रिपोर्ट के मुताबिक एक्शन लिया जाएगा।

गंभीर खामियां हैं

कोचिंग और हॉस्टलों की वायरिंग में खामियां मिली हैं। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर से सटकर गेट बने हैं। कहीं भी इमरजेंसी गेट नहीं है। कोचिंग सेंटरों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है। इन मामलों में कार्रवाई की अनुशंसा संभागायुक्त से की जा रही है।
- साजिद खान, फायर सेफ्टी अधिकारी, नगर निगम

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