surya grahan 2018: 16 फरवरी के बाद इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, बस करें ये छोटा सा उपाय

सूर्यग्रहण में जरूर करें ये उपाय...

By: Ashtha Awasthi

Published: 10 Feb 2018, 02:53 PM IST

भोपाल। चंद्रग्रहण और 'सुपर मून' के अद्भुत नजारे के बाद अब सूर्यग्रहण लगने वाला है। इस साल तीन सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें से पहला 16 फरवरी को ही लगेगा। माना जा रहा है ये अब तक का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण होगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण शतभिषा नक्षत्र और कुम्भ राशि में लग रहा है और शतभिषा राहु का नक्षत्र है। इसलिए इसी कारण इस नक्षत्र से संबंधित राशि वाले लोगों के लिए यह ग्रहण परेशानी का कारण बन सकता है। हालांकि खगोलविद इसे महज एक खगोलीय घटना मानते हैं।

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जानिए मध्य प्रदेश में स्थित भारत के बड़े मंदिरों में क्या होगा सूर्य ग्रहण का असर

surya grahan 2018 का सूतक काल शुरू होते ही राजधानी के प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते हैं कि सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस कारण प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा-अर्चना बंद कर दी जाएगी। ग्रहण खत्म होने के बाद ही मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। ब्रह्मांड में होने वाली surya grahan 2018 me kab hai इस खगोलीय घटना को सनातन धर्म में पूजा-पाठ से भी जोड़कर देखा जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चूंकि सूर्य सभी राशियों का स्वामी होता है तो सूर्य ग्रहण का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।

 

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महाकालेश्वर मंदिर,उज्जैन

महाकालेश्वर मंदिर,उज्जैन में सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। वहीं प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में आरती देरी से होगी। इस अवधि में घरों में पूजा-पाठ आदि कर्म नहीं किए जा सकेंगे। सिर्फ भगवान के भजन कर सकेंगे। ग्रहण समाप्त होने पर लोग रामघाट पर शिप्रा स्नान कर पंडितों को दान-पुण्य करेंगे। महाकाल मंदिर के शासकीय पुजारी घनश्याम गुरु ने बताया ग्रहण के बाद कोटितीर्थ कुंड के जल से गर्भगृह शुद्ध होगा। इसके बाद दध्योदक आरती में भगवान को भोग लगेगा।

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पीतांबरा देवी मंदिर ( दतिया)

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूतक काल के दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही है। सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले और ग्रहण के 12 घंटे बाद के समय को सूतक काल कहा जाता है। इस दौरान मंदिरों के द्वारा बंद रहते हैं और वहां पूजा भी नहीं की जाती है। पीतांबरा देवी मंदिर में भी 16 फरवरी को कपाट बंद कर जिए जाएंगे। सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में आरती की जाएगी।

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शारदा देवी का मंदिर (मैहर शहर)

मैहर शारदा माता का एक प्रसिद्ध मंदिर है। जिला सतना की मैहर तहसील के समीप त्रिकूट पर्वत पर मैहर देवी का मंदिर है। मैहर नगरी से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर शारदा माता का मंदिर है। यह न सिर्फ आस्था का केंद्र है, अपितु इस मंदिर के विविध आयाम भी हैं। इस मंदिर की चढ़ाई के लिए 1063 सीढ़ियों का सफर तय करना पड़ता है। इस मंदिर में दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों की भारी भीड़ जमा होती है। सूर्यग्रहण के दिन इस मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे लेकिन दाम-पुण्य का कार्य जारी रहेगा।

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सलकनपुर मंदिर ( सीहोर)

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में है सलकनपुर नामक गांव। यहां स्थित 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान है बिजासन देवी। यह देवी मां दुर्गा का अवतार हैं। देवी मां का यह मंदिर MP की राजधानी भोपाल से 75 किमी दूर है। वहीं यह पहाड़ी मां नर्मदा से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर पर पहुंचने के लिए भक्तों को 1400 सीढ़ियों का रास्ता पार करना पड़ता है। जबकि इस पहाड़ी पर जाने के लिए कुछ वर्षों में सड़क मार्ग भी बना दिया गया है। इस मंदिर के ज्योतिषाचार्य का कहना है कि ग्रहण का सभी मनुष्यों पर अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लेकिन, राजनेताओं और अफसरों पर अधिक प्रभाव होगा। सूर्य और चंद्रमा का विषयोग बनने से प्रकृति और सामान्य जीव प्रभावित होगा। इसलिए ग्रहण के वक्त ध्यान, दान, जप और यज्ञ आदि किया जा सकता है। ग्रहण के समय मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

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करें ये छोटा सा उपाय तो बदल जाएगी किस्मत

सूतक के समय भोजन आदि ग्रहण नहीं करना चाहिए और जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए। ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों उसमें कुशा और तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। कुशा और तुलसी में ग्रहण के समय पर्यावरण में फैल रहे जीवाणुओं को संग्रहीत करने की अद्भुत शक्ति होती है। ग्रहण के बाद पानी को बदल लेना चाहिए। अनेक वैज्ञानिक शोधों से भी यह सिद्ध हो चुका है कि ग्रहण के समय मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। ऐसे में अगर उसके पेट में दूषित अन्न या पानी चला जाएगा तो उसके बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूर करें ये काम...


- स्नान करें और अन्न, वस्त्र, धनादि का दान करें.

- ग्रहण के पहने गए कपड़ों को भी दान कर दें.

- ग्रहण काल में मंत्र जाप व चिंतन के कार्य करने का विधान है. इसलिए ग्रहण का मोक्ष काल समाप्त होते ही भगवान के दर्शन करना विशेष शुभ फल देता है.

- सूर्य ग्रहण के बाद मंदिर की सफाई करें और भगवान को नये कपड़े पहनाएं

- सूर्य ग्रहण के बाद तुलसी और शमी पर भी गंगाजल छिड़क इन्हें शुद्ध किया जाता है.

- ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगा जल छिड़कें.

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राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव

सूर्य ग्रहण 15 फरवरी की 12:25 पर शुरू होगा और सुबह के चार बजे तक रहेगा. सूर्य ग्रहण के समय छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं खाना खा सकती हैं. सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं घर के अंदर ही रखें. चलिए जानते है सुर्य ग्रहण का आपकी राशि पर असर...

मेष राशि- 16 फरवरी के बाद मेषराशि वालों को लाभ होने के संकेत मिल रहे हैं. रूके हुए काम में सफलता मिलेंगी।

वृष राशि- इस राशि के लोगों को थोड़ी मानसिक तनाव और घर परिवार में दिक्कतें देखने को मिल सकती हैं।

मिथुन राशि- अपनी मेहनत से ही आपको सफलता मिलेंगी, जितनी मेहनत करेंगे उतनी ही जल्दी सफलता मिलेंगी।

कर्क राशि- सूर्य ग्रहण कर्क राशि के लोगों के लिए अशुभ सकेंत लेकर आ रहा है, कर्क राशि को धन की हानि हो सकती है, इस समय आपको सावधानी बरतने की जरुरत है।

सिंह राशि- सिंह राशि को बिजनेस में लापरवाही को कम करना होगा नहीं तो परिणाम अच्छे नहीं आ सकते है. दाम्पत्य जीवन में अनबन देखने को मिल सकती हैं।

कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों का अच्छा समय आने वाला है. किए गए कामों से आपको सफलता मिलेंगी।

तुला राशि- सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी, मानसिक तनाव रहने की संभावना है।

वृश्चिक राशि- आने वाला समय आपके लिए बहुत अच्छा होगा आने वाले समय में आपको सफलता मिलेंगी, आपको नौकरी के नए अवसर और कार्य में लाभ हो सकते है।

धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए यात्रा में लाभ होने के योग ? हैं. आने वाले समय में आपको शुभ समाचार मिल सकते हैं।

मकर राशि- मकर राशि के लोगों का मानसिक तनाव बढ़ सकता है. खर्च भी बढ़ सकते है।

कुंभ राशि- कुंभ राशि वाले वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।

मीन राशि- आने वालें समय में अपनी मेहनत और लगन से सफलता मिलेगी।

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साल 2018 में कब-कब होगा सूर्यग्रहण

पहला सूर्यग्रहण : इस साल का पहला सूर्यग्रहण 16 फरवरी को होगा, जिसमें चंद दिन ही शेष रह गए हैं। यह आंशिक सूर्यग्रहण होगा और दक्षिण अमेरिका तथा अटलांटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा।

दूसरा सूर्यग्रहण : साल का दूसरा सूर्यग्रहण 13 जुलाई को होगा। यह भी आंशिक सूर्यग्रहण ही होगा। यह ऑस्‍ट्रेलिया में नजर आएगा।

तीसरा सूर्यग्रहण : साल का तीसरा सूर्यग्रहण 11 अगस्‍त को होगा। पहले के दो सूर्यग्रहणों की तरह यह भी आंशिक सूर्यग्रहण होगा। यह पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्‍तर अमेरिका और आर्कटिक क्षेत्र में नजर आएगा।

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